गहलोत के हेलीकॉप्टर में राहुल गांधी का सफर

गहलोत के हेलीकॉप्टर में राहुल गांधी का सफर। राजस्थान में कांग्रेस सरकार का बजट भी अशोक गहलोत ही पेश करेंगे। मुख्यमंत्री को बदलने को लेकर अब कोई भ्रम की स्थिति नहीं।

एस0 पी0 मित्तल

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे राहुल गांधी ने 21 नवंबर को गुजरात में कई चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। राहुल के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री और गुजरात चुनाव में कांग्रेस के सीनियर आब्र्जवर अशोक गहलोत भी रहे। गहलोत के हेलीकॉप्टर में ही राहुल गांधी सवार रहे। इन दोनों बड़े नेताओं के साथ गुजरात के प्रभारी रघु शर्मा भी रहे। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रहे रघु शर्मा मौजूदा समय में अशोक गहलोत के साथ हैं। गुजरात में राहुल गांधी की सभाओं की तैयारियां भी गहलोत और रघु शर्मा ने ही की है। राहुल गांधी हिमाचल में प्रचार करने नहीं गए, लेकिन अशोक गहलोत के आग्रह पर गुजरात में कांग्रेस का प्रचार करने को राजी हुए हैं। 21 नवंबर को राहुल और गहलोत में अच्छा तालमेल देखा गया। 3 दिसंबर से राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान से शुरू हो रही है। इसी दिन गुजरात में चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा। जब राहुल गांधी, सीएम गहलोत के साथ हेलीकाप्टर में सफर कर रहे हैं, तब मुख्यमंत्री पद की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। 19 नवंबर को भी अशोक गहलोत दिल्ली में इंदिरा गांधी की जयंती पर आयोजित समारोह में सोनिया गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के साथ रहे। खडग़े को ही राजस्थान में अनुशासनहीनता के आरोपी तीन मंत्रियों पर कार्यवाही का निर्णय लेना है।

बजट भी गहलोत पेश करेंगे-

राजस्थान में कांग्रेस सरकार का बजट फरवरी में पेश होगा। राजस्थान में नवंबर 2023 में विधानसभा के चुनाव होने हैं, इसलिए यह कांग्रेस सरकार का अंतिम बजट होगा। इस बजट के लिए सीएम गहलोत ने युवाओं से सुझाव भी मांग लिए हैं। अब जब गहलोत ही कांग्रेस सरकार का अंतिम बजट प्रस्तुत करेंगे तो मुख्यमंत्री पद को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। अंतिम बजट के बाद तो सचिन पायलट और सीपी जोशी भी मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहेंगे। अंतिम बजट के बाद किसी भी मुख्यमंत्री के पास देने को कुछ नहीं होता। मुख्यमंत्री को बजट की घोषणाओं को ही क्रियान्विति करना होता है। कहा जा सकता है कि अब राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर भ्रम की कोई स्थिति नहीं है। गांधी परिवार से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। अजय माकन का प्रभारी पद से इस्तीफा भी इसी क्रम में आया है। सचिन पायलट समर्थक माने जाने वाले अजय माकन का भी अब राजस्थान में कोई दखल नहीं रहा है। भारत जोड़ों यात्रा में भी अजय माकन राजस्थान में नजर नहीं आएंगे। यानी यात्रा की सारी तैयारियां गहलोत और उनके समर्थकों के पास ही हैं। अनुशासनहीनता के आरोपी मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेन्द्र राठौड़ को राहुल की यात्रा की तैयारियों की जिम्मेदारी नहीं मिलना कोई मायने नहीं रखता है। गहलोत मुख्यमंत्री बने रहते हैं तो इन नेताओं का महत्व अपने आप है। धारीवाल, जोशी और राठौड़ के लिए गहलोत ही कांग्रेस के हाईकमान है। वैसे भी 25 सितंबर को इन तीनों मंत्रियों ने वो ही किया जो गहलोत ने कहा।

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