क्या राजस्थान में होलिका दहन नहीं हो सकेगा

तो क्या राजस्थान में होलिका दहन नहीं हो सकेगा,गृह विभाग के प्रेस नोट से असंमजस की स्थिति
राज्य सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर होली का त्यौहार मनाने और शब-ए-बारात के आयोजनों पर रोक लगाई।अजमेर नगर निगम के प्रोग्राम पर भी तलवार लटकी।

एस0 पी0 मित्तल

क्या राजस्थान में 28 मार्च को होलिका दहन के आयोजन नहीं हो सकेंगे? ये सवाल राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी एक प्रेस नोट के बाद उठा है। 23 मार्च को जारी प्रेस नोट के आधार पर ही 25 मार्च को प्रदेश के अखबारों में खबरें प्रकाशित हुई हैं, प्रेस नोट में कहा गया है कि कोरोना गाइड लाइन के अंतर्गत 28 व 29 मार्च को सभी सार्वजनिक स्थलों पर होली के त्यौहार के आयोजन और शब-ए-बारात के धार्मिक प्रोग्राम नहीं हो सकेंगे। सब जानते हैं कि समापन संस्कृति में विश्वास रखने वाले हिन्दू समुदाय के लोग होलिका दहन करते हैं। इस बार भी होलिका का दहन 28 मार्च को शाम को होगा।

परम्परा के अनुसार गली-मौहल्लों और बाजारों के चौराहों पर होलिका को सजाया जाता है और फिर अग्मि को समर्पित किया जाता है। होलिका दहन के अवसर पर क्षेत्रवासी भी एकत्रित होते हैं। होलिका का दहन भक्त प्रहलाद की कहानी से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि होलिका दहन से बुराइयों को अन्त होता है। सनातन संस्कृति में होलिका दहन का धार्मिक दृष्टि से खास महत्व होता है। हालांकि सरकार के प्रेस नोट में होलिका दहन को लेकर कोई बात नहीं लिखी गई है, लेकिन स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि 28 व 29 मार्च को सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के आयोजनों पर रोक लगाई गई है।

सरकार ने लोगों ने अपील की है कि वे होली और शब-ए-बारात के प्रोग्राम अपने घरों पर ही करें। सरकार के इस आदेश के बाद होलिका दहन के कार्यक्रमों को लेकर असमंजस की स्थिति हो गई है। क्योंकि होलिका दहन के कार्यक्रमों में क्षेत्रवासी एकत्रित होते हैं इसलिए लोगों को सरकारी कार्यवाही होने का डर भी सता रहा है। होलिका दहन के कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन का कोई भी अधिकारी स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि शब-ए-बारात के अवसर पर मुस्लमान समुदाय के लोग कब्रिस्तान में जाकर अपने पूर्वजों की कब्रों पर दुआ करते हैं। अजमेर में ख्वाजा दरगाह के अन्दर रात भर इबादत के कार्यक्रम होते हैं। दरगाह में होने वाले इबादत के कार्यक्रम को लेकर भी असंमजस हो रहा है।

निगम के प्रोग्राम पर तलवार

होली के अवसर पर अजमेर नगर निगम के पार्षदों और अधिकारियों की ओर से प्रतिवर्ष फाग उत्सव का आयोजन किया जाता है इस बार भी 26 मार्च को निगम का कार्यक्रम होना है निगम के आयुक्त खुशाल यादव ने बताया कि फाग उत्सव के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। यदि अनुमति मिलती है तो प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा। इस सम्बन्ध में सिटी मजिस्ट्रेट गजेन्द्र सिंह राठौड़ का कहना रहा कि अभी गृह विभाग के आदेशों का अध्ययन किया जा रहा है।

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