वैक्सीन खरीदने की छूट क्यों नहीं देती केंद्र सरकार….?

आखिरकार लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी प्रदेश सरकारो की भी है। मुफ्त में वैक्सीन लेने के बाद भी आंखें टेढ़ी।वैक्सीन खरीदने के लिए राज्यों को छूट क्यों नहीं देती केंद्र सरकार?

एस0 पी0 मित्तल

राजस्थान। राजस्थान सहित विपक्षी दलों की राज्य सरकारों की ओर से पहले कहा गया था कि 45 साल से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों के लिए बीमारी होने की जो शर्तें लगाई गई है उसे हटाया जाए। यानी देश में यदि 45 वर्ष उम्र वाले सभी व्यक्तियों को कोरोना वेक्सीन लगाने की छूट दी जाए। केंद्र सरकार ने राज्यों की मांग पर 1 अप्रैल से यह छूट दे भी दी है।

अब सरकारी अस्पतालों में जाकर 45 वर्ष से अधिक उम्र वाला व्यक्ति निशुल्क वैक्सीन लगवा सकता है, लेकिन अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मांग है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी नागरिकों को कोरोना वेक्सीन लगाई जानी चाहिए।

अभी तक राज्य सरकारों को वैक्सीन केंद्र सरकार से मुफ्त में मिल रही है। केंद्र सरकार वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों से वैक्सीन खरीदती है और फिर मुफ्त में राज्यों को देती है। सवाल उठता है कि राज्यों को सीधे कंपनियों से वैक्सीन खरीदने की छूट क्यों नहीं दी जाती है? आखिर लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की भी है। मुफ्त में वैक्सीन लेने के बाद भी महाराष्ट्र जैसे अनेक राज्य केंद्र से आंखें टेढ़ी कर आरोप लगा रहे हैं, जबकि आबादी के हिसाब से वैक्सीन की डोज भिजवाई जा रही है।

अच्छा हो कि अब राज्यों को कंपनियों से सीधे वैक्सीन खरीदने की छूट दे दी जाए। राज्य कंपनियों से खरीद कर चाहे जिस उम्र के व्यक्ति को वैक्सीन लगवा सकते हैं। राज्य चाहे तो केंद्र सरकार की तरह लोगों को मुफ्त में वैक्सीन लगवा सकते हैं और चाहे तो शुल्क भी वसूल सकते हैं। अब कोरोना की दूसरी लहर तेजी से चल रही है, तब अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगानी चाहिए। यह तभी संभव है, जब केंद्र सरकार कोरोना वेक्सीन पर अपना एकाधिकार समाप्त करें।

केंद्र सरकार ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन का शुल्क निर्धारित करवा सकती है। जब राज्य अपने स्तर पर वैक्सीन खरीदेंगे तो फिर केंद्र से कोई शिकायत भी नहीं रहेगी। देश के अधिकांश कोरोना वरियर्स को पहले ही वैक्सीन लगाई जा चुकी है। अब जब कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकारों को लॉक डाउन करने के अधिकार दे दिए गए है। तब वैक्सिंग खरीदने का अधिकार भी मिलना चाहिए।

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