आदित्यनाथ का वादा ‘चुनावी जुमला’ साबित हुआ-वैभव माहेश्वरी

जनता के टैक्स का नमक खा के भाजपा ने गरीबों का राशन बंद करके उन्हें दिया धोखा।आदित्यनाथ का वादा ‘चुनावी जुमला’ साबित हुआ।आदित्यनाथ सरकार चुनाव बाद अब थाली में बची हुई रोटी भी गायब करने पर तुली है।आप प्रदेश प्रवक्ता ने योगी सरकार पर बोला हमला, तंज कसते हुए कहा कार्डधारक पूरे महीने कोटेदारों के चक्कर ही काटते रह गए लेकिन राशन नही मिल पाया।तेल, नमक और चना न मिलने की ये समस्या सिर्फ एक जिले की नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की समस्या।चुनाव के बाद ही मुफ्त अनाज की योजना धीरे-धीरे ख़त्म करने की योजना बनाई गई थी…?

लखनऊ। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सरकार ने करोना के समय में दवा ऑक्सीजन सब कुछ छीन लिया, बच्चों से उनकी पढ़ाई और गरीबों से उनका इलाज भी छीन लिए और चुनाव के बाद में अब राशन भी छीन लिया। उन्होंने कहा है कि आदित्यनाथ सरकार चुनाव बाद अब थाली में बची हुई रोटी भी गायब करने पर तुली है। तेल, चना और नमक का वितरण ना होने से लोगों के बीच से आदित्यनाथ ने अपने वादे को चुनावी जुमला साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव में मुफ्त राशन के साथ तेल,चना, नमक का डबल डोज़ बड़ा चुनावी मुद्दा बना था, फ्री के राशन ने बीजेपी के पक्ष में बंपर वोटिंग कराई थी और योगी को दोबारा सत्ता दिलाने में ये सबसे बड़ा फैक्टर बना था।

वैभव माहेश्वरी ने कहा कि यूपी में दोबारा सत्ता में लौटी बीजेपी ने राशन और शासन’ को अपने चुनावी अभियान का हिस्सा बनाया था। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषणों में राशन का ज़िक्र था, जिसपर प्रदेश की जनता ने भरोसा किया। इस योजना के तहत अंत्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो अनाज और गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल दिया जाता है।साथ ही एक किलो चना, एक लीटर तेल और नमक भी सरकार देती है।

उन्होंने कहा कि प्रयागराज में 10 लाख 61 हजार 38 ऐसे कार्डधारक हैं, जो इस योजना के लाभ के दायरे में आते हैं। इनमें 88 हजार 106 अंत्योदय कार्डधारक हैं, जबकि बाकी 9 लाख 72 हज़ार 932 गृहस्थी यानी सामान्य कार्ड धारक हैं। ये कार्डधारक पूरे महीने कोटेदारों के चक्कर ही काटते रह गए लेकिन राशन नही मिल पाया, वैसे ये मामला अकेले प्रयागराज का नहीं, बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश का है। तेल, नमक और चना न मिलने की ये समस्या सिर्फ एक जिले की नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की समस्या है, अकेले संगम नगरी प्रयागराज में ही दस लाख से ज़्यादा कार्डधारकों को मायूसी का सामना करना पड़ा है। आदित्यनाथ की सरकार उनको राशन तक नही दे पा रही है।

आदित्यनाथ की सरकार ने सरकारी दुकानों पर तेल, नमक और चने की सप्लाई ही नहीं पहुंचाई, और लोग ऐसे में महीने भर इंतज़ार करते और कोटेदार के चक्कर लगाते ही रह गए लेकिन लोगों की थाली में राशन नसीब नही हो रहा है। अप्रैल महीने में यूपी में कहीं भी खाद्य तेल-नमक और चने का वितरण ही नहीं हुआ, ऐसे में ये सवाल तो बनता है कि कहीं चुनाव के बाद ही मुफ्त अनाज की योजना धीरे-धीरे ख़त्म करने की योजना बनाई गई थी?


अंत्योदय कार्डधारकों को 21 किलोग्राम चावल व 14 किलोग्राम गेहूं से ही संतोष करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले गेहूं-चावल के स्थान पर अब सिर्फ चावल देने की योजना बनाई गई है। अब कार्डधारकों को सिर्फ चावल से काम चलाना पड़ेगा। सितंबर महीने तक यह प्रक्रिया चलने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री गरीब जनकल्याण योजना” के अन्तर्गत गरीबों के कल्याण की बात करने वाले मोदी जी की इस योजना को आदित्यनाथ चुनावी जुमला साबित कर रहे है। UP के 15 करोड़ लोगों को तेल,नमक,चना देने का दावा करने वाली आदित्यनाथ सरकार चुनाव बाद अब थाली में बची हुई रोटी भी गायब करने पर तुली है। अपने बयान के आखिर में प्रदेश प्रवक्ता ने जनता से जागरूकता की अपील की और भाजपा जैसे दलों के धोखे में आगे कभी भी ना आने की अपील की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button