‘स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स’ में उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर

‘स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स’ में 20 बड़े राज्यों की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर, मुख्यमंत्री नैतिक धर्म का पालन करें। छात्रों की तादाद के अनुसार शिक्षकों  की कमी और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में शिक्षा महकमा फिसड्डी।

विकास श्रीवास्तव

लखनऊ। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा हैं कि नीति आयोग की स्कूली शिक्षा संबंधी रैंकिंग के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर हैं, ऐसी शर्मनाक बदहाली क्यों? आज आपने शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटते समय उनके नैतिक धर्म को याद दिलाया। कांग्रेस पार्टी आपके द्वारा शिक्षकों को दी गई नैतिक जिम्मेदारी की सीख से सहमत है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आपके शासनकाल के दौरान सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश में स्कूलों की बदहाली साफ दिखाई दे रही है।

‘स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स’ में 20 बड़े राज्यों की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर है। छात्रों की बढ़ती तादाद और उस अनुपात में शिक्षकों की कमी, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था इत्यादि में लगातार खामियां दिखाई दे रही हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में बीएड प्रशिक्षित नौजवानों की खासी तादाद सड़कों पर आंदोलनरत है। प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर पर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का समायोजन और उनके निरंतर मूल्यांकन जैसे कार्यों में उत्तर प्रदेश का शिक्षा विभाग पूरी तरह विफल साबित हुआ है।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश पिछड़े इलाकों में शौचालय का अभाव, खासतौर से ग्रामीण अंचलों की बेटियों की स्वास्थ सुरक्षा में भारी आभाव दिख रहा है। इस कड़ाके की ठंड में स्वेटर, मोजा जूता इत्यादि मिलने में पिछले कई सालों से लगातर किसी न किसी रूप में धोखा हो रहा है। पर्याप्त बजट होने के बावजूद बच्चो को मिलने वाली सुविधा व संसाधन में हर साल कभी देरी, कभी सरकारी सहायता गुणवत्ता के विपरीत, शिक्षा महकमे में भ्रष्टाचार की खबरें सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार पत्रों में आम तौर से दिखाई दे रही हैं। व्याप्त अनियमितता और भ्रष्टाचार को रोकने में आपकी बीजेपी सरकार पूरी तरह विफल दिखी है। छात्र छात्राओं और उनके परिवारजनों, समाज के प्रति मुख्यमंत्री जी यह धोखा है।

कांग्रेस प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने बताया कि नीति आयोग की ओर से तैयार ‘स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स’ में 20 बड़े राज्यों की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर है। वहीं केरल पहले, राजस्थान दूसरे और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है। इस इंडेक्स में बड़े राज्यों में झारखंड 16वें और बिहार 17वें स्थान पर है। आयोग ने लर्निंग आउटकम सहित 30 मानकों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। मुख्यमंत्री योगी जी को आयोग की इस रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के स्कूलों में आई भारी गिरावट और कमी का पता लगाकर, इसके आधार पर अपनी मजबूत योजना को मूर्त रूप देकर उत्तर प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था में पूर्णता सुधार करना चाहिए। कांग्रेस पार्टी मानती है कि हमारे बच्चे ही हमारा भविष्य हैं। जब तक हमारा वर्तमान नहीं सुधारेगा तब तक हमारे बच्चों का भविष्य उज्जवल नहीं हो सकता। कांग्रेस पार्टी को विश्वास है कि इस रिपोर्ट का पुनः आकलन कर प्रदेश के मुखिया बच्चों के भविष्य के निर्माण में अपने नैतिक धर्म का पालन करेंगे।

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