महिला स्वयं सहायता समूहों का बढ़ेगा दायरा

महिला स्वयं सहायता समूहों का बढ़ेगा दायरा। मवई बनेगा मॉडल ब्लाक, उपायुक्त स्वतः रोजगार ने किया मवई ब्लाक के कई गांवों का निरीक्षण।

अब्दुल जब्बार एडवोकेट व डॉ0 मो0 शब्बीर

अयोध्या/भेलसर। महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए शासन अनेक प्रकार की योजनाएं चला रहा है।नारी शक्ति को मजबूत करने और रोजगार मुहैया कराने के लिए मवई ब्लाक में समूहों का दायरा बढ़ाया जाएगा और मवई ब्लाक को मॉडल ब्लाक के रूप में विकसित किया जाएगा। ये बातें उपायुक्त स्वतः रोजगार प्रशिक्षु आईएएस कृष्ण कुमार सिंह ने मवई ब्लाक के संडवा गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ बैठक में कहीं।उपायुक्त ने मवई ब्लाक के संडवा गांव में स्थित समूह भवन पर महिलाओ से वार्ता किया।उन्होंने अशरफ नगर गांव में महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे दोना पत्तल के कार्य का निरीक्षण किया और महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।


स्वतः रोजगार उपायुक्त ने बताया कि मवई ब्लाक में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ रोजगार के लिए बेहद संजीदा है।यहाँ महिलाएं रोजगार पाकर काफी खुशहाल दिख रही।उन्होंने कहा कि मवई ब्लाक को मॉडल ब्लाक और संडवा गांव को मॉडल गांव के बारे में विकसित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि रोजगार की दिशा में जो भी मदद की जरूरत है उसके लिए वह तैयार है।उन्होंने बताया कि मवई ब्लाक के गाँवो में महिलाओ को रोजगार से जोड़ने के लिए मिनी कारखानों की स्थापना की जाएगी।इससे महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ ही समाज में सम्मान भी मिलेगा।बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अभी तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें आंगनबाड़ी केंद्रों को ड्राई राशन पहुंचाने,सामुदायिक शौचालयों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी।मगर अब शासन ने अन्य योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को देने का फैसला लिया है।इस मौके पर जिला मिशन प्रबंधक सरिता वर्मा,बीडीओ मवई रशेष गुप्ता,डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन सवीना ख़ातून,तकनीकी सहायक आशीष तिवारी,सीएलएफ बुक कीपर नाजरीन ख़ातून,समूह सखी दुर्गेश कुमारी व सलोनी गुप्ता,समूह अध्यक्ष झमपता,नादिरा,अनीशा,बैंक सखी अर्चना साहू,अशरफ़ नगर गांव में गुड़िया,अमिता,शर्मा देवी,नीतू,गीता समेत अन्य मौजूद रहे।

1300 समूहों का हो चुका है गठन

मवई ब्लाक में महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन का कार्य तेजी से हो रहा है।अभी तक 1300 से अधिक समूहों की स्थापना हो चुकी है।एक समूह में कम से कम दस महिलाएं और अधिकतम पंद्रह महिलाएं शामिल हैं। गांव की महिलाएं रोजगार से जुड़ने के लिए स्वंय सहायता समूहों में शामिल होना पसंद करती हैं।महिलाओं को रोजगार मिलने से परिजनों की ओर से भी प्रोत्साहन मिल रहा है।

परिवार की आय दोगुनी करने के लिए व्यवसाय से जुड़ी महिलाएं

परिवार की आय दो गुनी करने के लिए ग्रामीण इलाकों की लगभग पांच हजार महिलाएं व्यवसाय से जुड़ गई हैं।बैंकों से ऋण लेकर बकरी पालन,मुर्गी पालन के साथ ही गांव में जनरल स्टोर,सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें खोल रखी हैं,दोना पत्तल,अगरबत्ती निर्माण व सिलाई का कार्य कर रही है।कम ब्याज दर पर समूहों से मिलने वाले ऋण को प्रतिमाह किस्त अदा करके ऋण की अदायगी भी कर रही हैं। कृष्ण कुमार सिंह उपायुक्त अयोध्या ने बताया कि महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए शासन ने कई कठोर फैसले लिए हैं।25 समूहों का निरीक्षण किया गया है।मवई ब्लाक को मॉडल ब्लाक बनाया जाएगा व संडवा गांव को जिले का मॉडल गांव बनेगा।शासन ने कई योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी महिलाओं को देने से उनकी कार्यक्षमता में वृद्घि होगी और रोजगार मिलेगा।ऐसा देखने को मिलता है कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक जिम्मेदारी से कार्य करतीं हैं।

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