गोरखपुर अस्पताल त्रासदी नामक किताब को सत्ता के लोग जरूर पढ़ें

गोरखपुर अस्पताल त्रासदी नामक किताब को सरकार में बैठे लोगों को जरूर पढ़ना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में डॉक्टर रहे कफील खान की पुस्तक गोरखपुर अस्पताल त्रासदी का विमोचन किया।किताब गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत पर लिखी गई हैं। 

बीआरडी अस्पताल में वर्ष 2017 में ऑक्सीजन की किल्लत के कारण बच्चों की जान चली गई थी। इसके बाद योगी सरकार पर निशाना साधा गया था। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा की यह किताब लोगों की आंख खोलेगी।सरकार में बैठे लोगों को जरूर पढ़ना चाहिए। इस किताब में सरकार के उस झूठ को उजागर किया गया है जो उन्होंने छिपाया था।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चर्चित डॉक्टर कफील खान की गोरखपुर अस्पताल त्रासदी किताब का विमोचन किया। अखिलेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि डॉ0 कफील खान ने जब गोरखपुर के बीआरड़ी मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन की कमी से भर्ती बच्चों की सांसे थम गई थी। उस दिन और आगे जो दुःख परेशानी और यातना उन्हें झेलनी पड़ी। डॉ0 कफील ने अपनी किताब में उसका विवरण दिया है।अखिलेश यादव ने कहा कि वे खुद पीड़ित परिवारीजनों से मिले थे और उन्हें मदद भी मुहैया कराई थी। अगर उस समय जापानी बुखार से इलाज की पर्याप्त सुविधाएं मिल जाती तो तमाम बच्चों की मौतें नहीं होती।गोरखपुर में जापानी बुखार से हर साल हजारों बच्चों की जिंदगी खत्म हो जाती है। 1978 से अब तक 25000 बच्चे इसके शिकार हो चुके हैं। एक लाख से ज्यादा बच्चे हमेशा के लिए अपाहिज हो चुके हैं। दलितए पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चे सबसे ज्यादा इससे प्रभावित होते हैं।अखिलेश यादव को उनका एक बड़ा चित्र तथा डॉ0 लोहिया से सम्बन्धित दो पुस्तकें समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव इकबाल खान तथा पैनलिस्ट मनीष सिंह ने भेंट किया।डॉ0 कफील ने इस किताब में अपनी पूरी जर्नी के बारे में लिखा है। किस तरीके से अस्पताल में बच्चों को बचाने के लिये जो उस समय ट्रीटमेंट हो सकता था जो पर्याप्त संसाधन से जान बचाई जा सकती थी उसके लिए काम करते रहे। बाद में उन्हें कितना दुख और परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें जेल तक जाना पड़ा। 

वही डॉ0 कफील खान को जिम्मेदार ठहराया गया था। उन्हें जेल तक जाना पड़ा। विधान परिषद चुनाव के दौरान कफील खान को समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था।डॉ0 कफील ने बताया कि इस किताब में योगी सरकार के दावों को सामने लेकर आए हैं। किस तरीके से ऑक्सीजन की कमी हुई थी किताब लिखने का मेरा उद्देश्य उन 80 से ज्यादा बच्चों को न्याय दिलाना है जो ऑक्सीजन की कमी से तड़प कर मर गए।डॉ0 कफील ने कहा मैंने वो सभी पत्र किताब में लिखे हैं जिस पर बताया जा रहा था कि ऑक्सीजन की कमी नहीं थी ऑक्सीजन की कमी नहीं थी मुख्यमंत्री तक को लेटर लिखा गया था लेकिन किसी ने कोई संज्ञान नहीं लिया मुझे आरोपी बनाते हुए जेल भेजा गया। डॉक्टर कफील बीआडी अस्पताल में वार्ड सुपरिटेंडेंट थे घटना के बाद कंपनी की ओर से यह दलील दी गई थी कि पिछले कई महीने से भुगतान नहीं मिलने के चलते ऑक्सीजन के सिलेंडर की सप्लाई बंद करनी पड़ी थी।

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