- प्रोजेक्ट गंगा’ प्रधानमंत्री जी के ‘डिजिटल इण्डिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने वाली एक अभिनव पहल।
- माँ गंगा के नाम पर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत एक सुखद अनुभूति।
- ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत हिन्दुजा ग्रुप गांवों में लास्टमाइल तक डिजिटल कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराएगा, जहां डिजिटल इण्टरप्र्रेन्योर अपना कार्य करेंगे।
- डिजिटल सशक्तिकरण की दृष्टि से 08 हजार डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाया जाएगा, इनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी।
- ब्रॉडबैण्ड आज की आवश्यकता, इण्टरनेट की स्पीड जितनी तेज होगी, विकास की गति उतनी ही तेज होगी।
- ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के पहले चरण में प्रदेश के 21 जनपदों का चयन, हमारा प्रयास शीघ्र ही सभी 75 जनपदों में यह सुविधा प्रारम्भ हो जाए।
- हमारा मॉडल ऐसा होना चाहिए जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाए।
- तथा सरकार पर उसकी निर्भरता न्यूनतम रहे, यह विकास का
- एक सस्टेनेबल मॉडल होगा, हमें इसी दिशा में आगे बढ़ना।
- ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैण्ड की सुविधा पहुंचने से वह स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित हो सकेंगी।
- ‘प्रोजेक्ट गंगा’ से गांव के लोगों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का एक प्लेटफॉर्म मिलेगा, यह देश में एक नया मॉडल बनेगा।
टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाना समय की मांग, ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के रूप में उ0प्र0 ने सबसे पहले इस दिशा में पहल की : वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री
मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ प्रदेश में डिजिटल क्रांति का आधार बनेगी : इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारम्भ करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाली एक अभिनव पहल बताया। उन्होंने कहा कि ब्रॉडबैंड और तेज इंटरनेट आज की मूलभूत आवश्यकता बन चुके हैं तथा इंटरनेट की गति जितनी तेज होगी, विकास की रफ्तार भी उतनी ही तेज होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के माध्यम से हिन्दुजा ग्रुप प्रदेश के गांवों में लास्ट माइल तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाएगा, जहां डिजिटल उद्यमी विभिन्न सेवाएं प्रदान करेंगे। इस परियोजना के तहत 8 हजार डिजिटल उद्यमियों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहले ही ई-ऑफिस, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, डिजिटल भुगतान और बीसी सखी जैसी योजनाओं के माध्यम से डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर चुकी है। 57,700 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित कर ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के प्रथम चरण में प्रदेश के 21 जनपदों को शामिल किया गया है। सरकार का लक्ष्य जल्द ही इसे सभी 75 जिलों तक विस्तार देने का है। आगे चलकर यह योजना 350 तहसीलों, 825 विकास खंडों, 8,000 न्याय पंचायतों और 57,700 ग्राम पंचायतों तक पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड सुविधा पहुंचने से ग्राम पंचायतें स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित होंगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ई-गवर्नेंस और डिजिटल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही ग्रामीण उत्पादों को ऑनलाइन बाजार उपलब्ध होगा, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री Suresh Kumar Khanna ने कहा कि तकनीक को बढ़ावा देना समय की मांग है और ‘प्रोजेक्ट गंगा’ इस दिशा में उत्तर प्रदेश की अग्रणी पहल है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Sunil Kumar Sharma ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश में डिजिटल क्रांति का आधार बनेगी।
परियोजना के अंतर्गत राज्य के 20 लाख से अधिक परिवारों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने तथा पहले चरण में 8,000 से 10,000 डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 50 प्रतिशत महिला उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल खाई को कम करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का कार्य करेगा। यह परियोजना ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित करेगी।



