नेता जी ने किया मैनपुरी का विकास

मैनपुरी। मैनपुरी सदर क्षेत्र में आयोजित आशीर्वाद सम्मेलन में प्रबुद्ध वर्ग के लोगों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ये चुनाव विशेष परिस्थितियों में हो रहा है। मैनपुरी के लोगों ने कई बार नेताजी को चुनकर भेजा है। चाहे वो किसी भी दल में रहे हो लोगों ने उनके नाम पर वोट दिया है। नेताजी मैनपुरी के लोगों को घर का सदस्य मानते थे। बिना कोई परवाह किए यहां के लोगो से मिलते थे, हर किसी की बिना किसी भेदभाव के सहायता करते थे। श्री यादव ने कहा कि मैनपुरी जितना विकास, सड़के, अस्पताल दिख रहा है ये सब नेताजी के प्रयास से ही हुआ है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास नेताजी ने तभी किया जब वो 22 महीने के अंदर बनकर तैयार हो गया। मैनपुरी में जो 4 लेन सड़क है वो नेताजी की देन है, उन्होंने मैनपुरी को शहर बना दिया। उन्होंने कहा कि यहां बारिश में बिजली के तार टूट कर गिर जाते थे, सपा सरकार में उन तारों को अंडरग्राउंड करने का कार्य किया गया।


नेताजी को मैनपुरी ने बनाया और उन्होंने भी बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के लिए कार्य किया। उन्होंने पंडित गेंदालाल दीक्षित को याद करते हुए कहा कि वो बहुत बड़े क्रांतिकारी थे, उन्होंने रामप्रसाद बिस्मिल के साथ मिलकर मैनपुरी में ही आज़ादी की योजनाएं बनाई। श्री यादव ने कहा कि पंडित गेंदालाल दीक्षित और रामप्रसाद बिस्मिल की याद में कोई बड़ा काम होगा तो वो समाजवादी सरकार ही करेगी। हम समाजवादी जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं। श्री यादव ने कहा कि भाजपा अटल बिहारी वाजपेई जी के नाम को लेकर हमेशा वोट मांगती है। उनके नाम पर बनी यूनिवर्सिटी, उनकी प्रतिमा, और उनके नाम का स्टेडियम समाजवादी पार्टी की सरकार द्वारा बनाए गई संस्थाओं में ही है। अगर समाजवादी सरकार लोहिया इंस्टीट्यूट, लोक भवन और इतना बड़ा स्टेडियम ना बनाती तो भाजपा अटल जी के नाम पर क्या करती? उन्होंने कहा कि अटल जी के गांव में हम लोगों ने सबसे ज्यादा मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया और घाट बनवाए।


अखिलेश यादव कहा कि ये चुनाव जात-पात से ऊपर उठ चुका है। प्रबुद्ध वर्ग से बड़ा समाजवादी कोई नही है, वो किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। उन्होंने कहा कि भाजपा से बड़ी झूठी पार्टी कोई नही। जब वोट लेना था तो मिलावटी रिफाइंड नमक बांट रहे थे। श्री यादव ने कहा कि अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। किसानों को डीएपी नहीं मिल रहा, धान खरीद का इंतजाम नहीं हैं। सवाल जाति धर्म का नहीं खुशहाली और तरक्की का है। उन्होंने कहा कि हमारा आपसे रिश्ता हजारों साल पुराना है। कृष्ण, सुदामा के लिए अपना सिंहासन छोड़ कर आ गए थे। ये झगड़ा भाजपा के लोग करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि संस्कृत बचे। संस्कृत खत्म तो संस्कृति खत्म हो जाएगी। भाजपा विदेशी चीजों की पक्षधर हैं।


अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने भगवान परशुराम जयंती पर अवकाश घोषित किया था। मानसरोवर और श्रवण यात्रा के लिए लोगों की सरकारी सहायता की। शिक्षकों को सुविधाएं दी। देश का सबसे पड़ा जनेश्वर मिश्र पार्क बनाया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मुझे भरोसा है कि आने वाले समय में आप सपा को जिताएंगे और नेताजी के विकास को आगे लेकर जाएंगे। नेताजी और उनके काम को याद करते हुए डिंपल यादव को जिताना।आशीर्वाद सम्मेलन में विधानसभा के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय, विधायक श्री विनय शंकर तिवारी, आलोक तिवारी, जय शंकर पाण्डेय, पवन पांडेय, रमेश दुबे, रजनीश मिश्र, हरिओम मिश्र, आचार्य हरगोविंद, सनातन पांडेय, आशुतोष उपाध्याय, पूजा शुक्ला, मनोज द्विवेदी, नीरज द्विवेदी, प्रदीप तिवारी, मनोज दुबे, राजन पांडेय, मुनीश शुक्ला आदि लोग उपस्थित रहें।

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