
भूपेंद्र और केशव की नजर PWD पर? मंत्री ए.के. शर्मा भी चाहते हैं बड़ा मंत्रालय।उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंत्रालयों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सत्ता के गलियारों में विभागों के संभावित फेरबदल और बड़े मंत्रालयों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि बदलाव होता है तो किस नेता को कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी और इसका प्रदेश की सियासत पर क्या असर पड़ेगा।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में संभावित विभागीय फेरबदल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। राजनीतिक गलियारों में ऐसी अटकलें तेज हैं कि सरकार के भीतर कुछ बड़े विभागों को लेकर नेताओं की दिलचस्पी बढ़ी हुई है। चर्चा यह भी है कि उपमुख्यमंत्री स्तर से लेकर वरिष्ठ मंत्रियों तक कई नाम अहम विभागों से जोड़े जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से चल रही चर्चाओं के अनुसार, PWD (लोक निर्माण विभाग) को लेकर राजनीतिक हलचल सबसे अधिक दिखाई दे रही है। वहीं ऊर्जा विभाग संभाल रहे मंत्री ए.के. शर्मा के बारे में भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वे अधिक प्रभाव वाले मंत्रालय की जिम्मेदारी चाहते हैं।
हालांकि सरकार या संबंधित नेताओं की ओर से अब तक इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभागों का आवंटन किसी भी सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, इसलिए किसी भी बदलाव पर सभी की नजर रहती है। आने वाले समय में यदि कोई विभागीय फेरबदल होता है, तो उसका असर केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश की राजनीतिक दिशा और समीकरणों पर भी दिखाई दे सकता है।

























