Friday, May 15, 2026
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जेल विभाग के तबादलों में शुरू हुआ सेटिंग गेटिंग का खेल!

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किसके दबाव में हुई कन्नौज जेल अधीक्षक पर कार्यवाही!
किसके दबाव में हुई कन्नौज जेल अधीक्षक पर कार्यवाही!

जेल विभाग के तबादलों में शुरू हुआ सेटिंग गेटिंग का खेल!तबादलों को लेकर शासन और जेल मुख्यालय में मचा घमासान,आला अफसरों की परिक्रमा करने में जुटे जेल अफसर।

राकेश यादव

लखनऊ। सरकार की स्थानांतरण नीति के आते ही प्रदेश के कारागार विभाग में तबादलों को लेकर हलचल मची हुई है। विभाग का प्रत्येक अधिकारी और सुरक्षाकर्मी मनमाफिक कमाऊ जेल पर तैनाती कराने की जुगत में लगा हुआ है। विभाग में तबादलों को लेकर कोई नीति निर्धारित नहीं है। पिछले स्थानांतरण सत्र में इस विभाग में पैकेज पर तबादले किए गए थे। संभावना व्यक्त की जा रही है विभाग में इस बार भी पैकेज पर तबादले किए जा सकते है। यह अलग बात है कि विभाग के उच्चाधिकारियों इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे है।

विभागीय जानकारों के मुताबिक स्थानांतरण नीति 2026-27 के आने के बाद शासन और कारागार मुख्यालय में वरिष्ठ अधीक्षक, अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर के साथ हेड वार्डर वार्डर संवर्ग के स्थानांतरित किए जाने वाले कर्मियों की सूची तैयार करने का काम जोरशोर से चल रहा है। वहीं दूसरी ओर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मनमाफिक कमाऊ जेलों पर तैनाती पाने के लिए विभागीय मंत्री, प्रमुख सचिव, आईजी जेल और परिक्षेत्र के डीआईजी की परिक्रमा करने में लगे हुए हैं।

सूत्रों का कहना है कि कारागार विभाग के स्थानांतरण में सरकार की स्थानांतरण नीति में जनपद में तीन और मंडल में सात साल पूरे करने वाले अधिकारियों और कर्मियों के तबादले किए जाने का निर्देश दिया गया। ऐसा सरकार की ओर से जारी की गई स्थानांतरण नीति में कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि इन निर्देशों के बावजूद विभाग में एक साल पहले तैनात किए गए अधिकारियों कर्मियों को स्थानांतरित किए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि बीते स्थानांतरण सत्र में बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधीक्षक, अधीक्षक , जेलर और डिप्टी जेलर के तबादले किए गए थे। आधा चर्चा है कि इस बार भी कुछ अधीक्षक मोटी रकम देकर कमाऊ जेल के बाद फिर से उससे अच्छी कमाऊ जेल पर जाने की जुगत में लगे हुए हैं। उधर इस संबंध में जब प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। विभाग के आला अफसरों ने इसे शासन का मामला बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

विशेष ड्यूटी पर लगे जेलर जेलों से हटने को तैयार नहीं!

बीते स्थानांतरण सत्र में तबादलों के बाद मोटी रकम देकर कमाऊ जेलों पर विशेष ड्यूटी पर लगवाने वाले जेलरों के तबादले जेल मुख्यालय के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होंगे। सूत्रों का कहां है कि आजमगढ़ से स्थानांतरित जेलर विशेष ड्यूटी पर फिरोजाबाद, झांसी से हटाए गए जेलर बागपत जेल पर, एटा से हटाए गए जेलर पहले अयोध्या उसके बाद बांदा जेल जमे हुए है। यह तो बानगी है। इस प्रकार करीब दो दर्जन जेलर अपनी मूल तैनाती छोड़कर कमाऊ जेलों पर विशेष ड्यूटी लगवाकर जमे हुए है।

इन जेलरों की तैनाती मूल तैनाती स्थल को देखकर या फिर अस्थाई ड्यूटी पर लगे होने को देखकर कि जाएगी। यह जेल मुख्यालय के अफसरों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। सूत्रों की माने तो बीते दिनों मुख्यालय की ओर से अस्थाई ड्यूटी पर लगे जेलरों को मूल तैनाती स्थल पर वापस होने के निर्देश दिए गए थे। इस निर्देश के बाद भी फिरोजाबाद, बागपत, बांदा समेत कई जेलर अस्थाई ड्यूटी वाली कमाऊ जेलों पर अभी भी जमे हुए है।