जर जेवर से नहीं सजेंगे, गुडिया बनकर नहीं रहेंगे

संविधान में महिलाओं और लड़कियों को वही अधिकार दिए है जो पुरषों और लड़को को दिए हैं। जर जेवर से नहीं सजेंगे, गुडिया बनकर नहीं रहेंगे।

अजय सिंह

लखनऊ। आज 27 नवम्बर को 16 दिवसीय महिला हिंसा विरोधी अभियान के तीसरे दिन मुबारकपुर और भोहर, लखनऊ में इनिशिएटिव फाउन्डेशन इंडिया द्वारा 16 दिवसीय महिला हिंसा विरोधी अभियान के अंतर्गत महिलाओं, किशोरियों के साथ चर्चा का आयोजन किया गया. चर्चा के अंत में रैली निकली, इस दौरान सभी ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर “जर जेवर से नहीं सजेंगे, गुडिया बनकर नहीं रहेंगे” “प्यार में वार नहीं, मर्जी बिना शादी नहीं” “बाल विवाह बंद करों” “महिलाओ लड़कियों के साथ हिंसा बंद करों” जैसे जोरदार नारे लगाये गए।

आज के कार्यक्रम में संस्था की यूथ लीडर पूजा ने कहा की आज भी महिलाओं और लड़कियों को समाज में हिंसा का सामना करना पड़ रहा हैं और लिंग के आधार पर भेदभाव कर उनको उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है जो की उनके मानवाधिकारों का उलंघन है. इसलिए आईये हम सब लड़कियों और महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ़ एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज करें तथा रोकने का प्रयास करें.

वही संस्था की वालेंटियर सोनी ने कहा की हमारे संविधान में महिलाओं और लड़कियों को वही अधिकार दिए है जो पुरषों और लडको को दिए गए है लेकिन धर्म, परंपरा और संस्कृति के नाम पर महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को प्रभावित और नियंत्रित किया जाता है जो की एक अपराध है. उन्होंने कहा की जब तक समाज में महिलाओ लड़कियों के साथ हिंसा और लिंग के आधार पर उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जाता रहेगा तब तक देश और समाज का सम्पूर्ण विकास संभव नहीं है. ये बहुत ही ज़रूरी है की समाज के हर व्यक्ति को समझना होगा के लिंग आधारित हिंसा क्या होती है और उसको रोकने में उनकी क्या भूमिका होगी तभी हम सही मायने में एक सभ्य समाज का निर्माण कर सकते है.वही आज के कार्यक्रम में कल्पना पूर्णिमा, वंदना, प्रिया, पूजा, शिल्पी, गोविन्द सहित कई लोग शामिल रहे।

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