Saturday, February 28, 2026
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मनरेगा मे महिला सहभागिता में ऐतिहासिक प्रगति

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मनरेगा मे महिला सहभागिता में ऐतिहासिक प्रगति
मनरेगा मे महिला सहभागिता में ऐतिहासिक प्रगति

मनरेगा मे महिला सहभागिता में ऐतिहासिक प्रगति। वर्तमान वर्ष में मनरेगा में महिलाओं ने पकड़ी रफ्तार। वर्ष 2025-26 में अब‌ तक 45% हुई महिला भागीदारी। मनरेगा मे महिला सहभागिता में ऐतिहासिक प्रगति

ब्यूरो निष्पक्ष दस्तक

लखनऊ। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन करना है। उत्तर प्रदेश, देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य, मनरेगा के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस योजना में महिलाओं की सहभागिता न केवल आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम बनी है, बल्कि सामाजिक समानता और लैंगिक समावेश को बढ़ावा देने में भी योगदान दे रही है। मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी 2025-26 वित्तीय वर्ष के शुरुआती दौर में अब तक के सर्वकालिक उच्च स्तर 45.05% पर पहुंच गई। यह प्रगति उत्तर प्रदेश सरकार के ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है। यह आंकड़ा 2024-25 में 41.87% की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में ग्रामीण परिवेश और गाँवों के विकास और प्रगति को लेकर ग्राम्य विकास विभाग लगातार बेहतर कार्य कर रहा है। सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पूरी तत्परता के साथ पहुंचाया जा रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत महिलाओं के कल्याण के लिए भी कई कदम उठाये गये हैं। विभाग द्वारा महिला मेटों को जोड़ने की प्रकिया जारी है जिसके सापेक्ष महिलाओं का विश्वास भी विभाग पर बढ़ा है और मनरेगा में महिला सहभागिता तेजी से बढ़ी है। महिलाओं का मन अब मनरेगा के कार्यों में तेजी से लग रहा है इसलिए महिलाएं अब घर की चौखट पार कर काम करने के लिए बाहर निकल रहीं हैं। मनरेगा योजना के अंतर्गत महिलाओं को काम देने में प्रदेश द्वारा लगातार बेहतर प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक मनरेगा योजना के तहत कुल 1.60 करोड़ मानव दिवस सृजित हुए, जिनमें से 72 लाख से ज्यादा मानव दिवस सृजन में महिलाओं का योगदान है, जो लगभग 45 प्रतिशत है। महिला मेट मनरेगा में प्रबंधन और पर्यवेक्षण के लिए महिला श्रमिकों के लिए सहायक सिद्ध हो रही हैं। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 5500 से ज्यादा महिला मेटों को नियोजित किया गया है।

उत्तर प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) के तहत महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण रोजगार योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी 2020-21 में 33.57 प्रतिशत रही, वर्ष 2021-22 में 37.25 प्रतिशत रही, वर्ष 2022-23 में 37.87 प्रतिशत रही, वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 42.26 प्रतिशत हुई, वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक यह प्रतिशत लगभग 42 फीसदी रहा। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 45 फीसदी से ज्यादा हो गई है।प्रदेश की ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के अंतर्गत इच्छुक व्यक्तियों को मांग के अनुरूप निरंतर कार्य रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। मनरेगा मे महिला सहभागिता में ऐतिहासिक प्रगति