डिवाइडर पर खुले आम हो रहा है पक्का निर्माण

अजमेर के गौरव पथ के डिवाइडर पर खुले आम हो रहा है पक्का निर्माण। स्मार्ट सिटी बनाने वाले अधिकारियों और इंजीनियरों की आंखों पर पट्टी।

एस पी मित्तल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर कोई दो हजार करोड़ रुपए की लागत से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अजमेर शहर को इन दिनों स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा है। लेकिन इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि अजमेर के वैशालीनगर स्थित गौरव पथ (क्रिश्चियनगंज) के डिवाइडर पर खुले आम पक्का निर्माण हो रहा है। डिवाइडर पर पहले से ही एक धार्मिक स्थल बना हुआ है और इस स्थल के पास ही पान की दुकान, गन्ने का रस का ठेला आदि भी लगे हुए हैं। अब अतिक्रमणकारी और पक्का निर्माण कर रहे हैं। गंभीर बात यह है कि डिवाइडर पर पक्का निर्माण पिछले दो-तीन दिन से हो रहा है। सीमेन्ट, बजरी, सरिया, कंकरीट आदि सामग्री बड़ी मात्र में पड़ी हुई है, लेकिन स्मार्ट सिटी बनाने वाले किसी भी अधिकारी, इंजीनियर आदि को यह पक्का निर्माण नजर नहीं आ रहा है। क्षेत्रीय पार्षद भी आंखों पर पट्टी बांधे बैठे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डिवाइडर पर बनी अवैध दुकानों से जब लोग सामान खरीदते हैं तो सड़के दोनों ओर खड़े हो जाते हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। स्मार्ट सिटी बनाने वाले अधिकारियों और इंजीनियरों पर पहले ही आनासागर के भराव क्षेत्र से अतिक्रमण नहीं हटाने के आरोप लग रहे हैं। सवाल किसी एक विभाग का नहीं है, जब शहर को स्मार्ट बनाया जा रहा है तो सभी विभागों की जिम्मेदारी है। स्मार्ट सिटी योजना का महत्व इसी से लगाय जा सकता है कि सरकार ने जिला कलेक्टर को योजना का सीईओ बना रखा है और प्रदेश के नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव को चेयरमैन बनाया गया है। इतने महत्व के बाद भी गौरवपथ के डिवाइडर पर पक्का निर्माण हो तो फिर सरकारी अमले पर सवालिया निशान लगता है। डिवाइडर पर निर्माण होने से स्मार्ट सिटी की खुबसूरती भी प्रभावित होती है। एक ओर गौरव पथ के निकट आनासागर के किनारे शानदार पाथ-वे बनाया गया है तो दूसरी ओर सामने बने डिवाइडर पर पक्का निर्माण हो रहा है।

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