समाज
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पानी की लड़ाई में क्यों घुला जातिवाद?
पानी की मांग जायज़ है, लेकिन किसी अधिकारी का मूल्यांकन उसकी जाति से नहीं, उसके कार्यों से होना चाहिए। डॉ.प्रियंका…
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परिवार की बदलती कहानी..!
प्रो.आर.के.जैन “अरिजीत” परिवार केवल रक्त संबंधों का समूह नहीं, बल्कि संस्कारों, प्रेम, त्याग और सह-अस्तित्व की पहली पाठशाला है। जब…
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अभिभावक अपनाए ये 10 संकल्प,सफल होंगे बच्चे
प्रो.आरके जैन “अरिजीत” हर नए सत्र के साथ बच्चों के हाथों में किताबें आती हैं, लेकिन इस बार जिम्मेदारियों की एक…
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आज के युवा कल के बुजुर्ग: संवेदनाओं को समझने का समय
डॉ. विजय गर्ग समय का पहिया निरंतर घूमता रहता है। जीवन का हर चरण अपने साथ नई चुनौतियाँ, अनुभव और…
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मुख्यमंत्री गोरखपुर में चला रहे हैं गोरखधंधा:अखिलेश यादव
भाजपा सरकार के दस साल में गोरखपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य की बदहाली, बढ़ते अपराध, अपराध और झूठे वादे पर पुस्तिका…
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शिक्षित बेटियाँ, सशक्त समाज
डॉ. विजय गर्ग किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके नागरिकों की शिक्षा, जागरूकता और सहभागिता पर निर्भर करती है। जब…
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गांवों में बनेंगे पंचगव्य क्लस्टर,युवाओं को मिलेगा रोजगार
गांवों में बनेंगे पंचगव्य क्लस्टर, तीन लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार। महिला समूहों, किसानों और युवाओं को दी जाएगी प्राथमिकता।…
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आज के युवा, कल के बुजुर्ग: संवेदनाओं को समझने का समय
डॉ. विजय गर्ग समय का पहिया निरंतर घूमता रहता है। जीवन का हर चरण अपने साथ नई चुनौतियाँ, अनुभव और…
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शिक्षा संस्थानों में नेतृत्व जरूरी, नौकरशाही दखल नहीं
एनटीए, एनसीईआरटी और सीबीएसई जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को बेहतर कार्यप्रणाली और प्रभावी निर्णयों के लिए नौकरशाही नियंत्रण से अधिक…
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महंगाई का बढ़ता साया
डॉ.प्रियंका ‘सौरभ’ भारत जैसे विशाल और विकासशील देश में महंगाई केवल एक आर्थिक शब्द नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के दैनिक…
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आती-जाती सत्ता के साथ बदलती नेताओं की वफादारी!
संजय सक्सेना पारिवारिक और सामाजिक जीवन में जहां वफादारी सबसे बड़ी पूंजी होती है, वहीं क्या सियासत की दुनिया में…
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स्त्री नहीं, सोच घर बनाती और बिगाड़ती है!
स्त्री नहीं, सोच घर बनाती और बिगाड़ती है! यह कौन-सा नियम है जहां दोष पहले से तय होता है? परिवार…
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नगर निगम यातायात कर्मियों ने मानवता को किया शर्मशार
नगर निगम यातायात कर्मियों ने मानवता को किया शर्मशार। शुगर पेशेंट ने लघुशंका के लिए गाड़ी रोकी तो कर दिया…
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भीषण गर्मी में महिलाओं की बढ़ती परेशानियाँ
डॉ. विजय गर्ग गर्मी का मौसम हर किसी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन महिलाओं के लिए यह चुनौती कई…
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सिस्टम की आग में जलते मजदूर!
सिस्टम की आग में जलते मजदूर, प्रगति का स्वांग कब तक? क्या महाशक्ति की राह श्रमिकों की चिताओं से होकर जाएगी?…
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अस्तित्व बचाने को राजनीति में आए सिख समाज :सुरेन्द्र सिंह बक्शी
अपने अस्तित्व के लिए अब सिक्ख समाज राजनीत में आए। यू० पी० सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की तीसरी बैठक आगरा…
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विकास की चकाचौंध में गुम बेघर लोगों के सपने
डॉ. विजय गर्ग भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। महानगरों में…
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सरकार को भारी न पड़ जाए घरेलू गैस के दाम
सरकार को भारी न पड़ जाए घरेलू गैस के दाम बढ़ाना! रसोई गैस के दामों में एकाएक हुई बढ़ोत्तरी से…
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महंगी शिक्षा: प्रतिभा और अवसर के बीच दीवार
डॉ. विजय गर्ग शिक्षा को किसी भी सभ्य समाज की रीढ़ और उज्जवल भविष्य की नींव माना जाता है। भारत…
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आख़िर संपत्ति की जांच कब होगी?
डॉ.सत्यवान सौरभ आखिर संपत्ति की जांच कब होगी? आलीशान कोठियां, बढ़ती दौलत और जनता के बीच उठते सवाल… क्या जवाबदेही…
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कोचिंग इंडस्ट्री की लड़ाई में दांव पर छात्रों का भविष्य
अजय कुमार शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले संस्थानों में अब पढ़ाई से ज्यादा ‘कोचिंग वॉर’ की चर्चा हो रही…
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भारत को शिक्षा में स्कूलों, मेडिकल कॉलेजों और उद्यमिता की आवश्यकता
डॉ. विजय गर्ग भारत आज दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में से एक है। लगभग 65 प्रतिशत आबादी…
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क्या मेरा जीवन इतना सस्ता है?
प्रो.आरके जैन “अरिजीत” गरीब मरीज पूछ रहा है-क्या मेरा जीवन इतना सस्ता है? सरकार उपलब्धियां गिना रही है, मरीज तारीखें गिन…
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