समाज
-
भारतीय संस्कृति पर मीडिया का प्रभाव
राजू यादव भारतीय संस्कृति पर सोशल मीडिया का प्रभाव बहुत व्यापक और बहुआयामी है, जिसमें समाज, जीवनशैली और व्यवहार…
Read More » -
मुख्यमंत्री ने ‘शक्ति के पर्व’ पर की मां की आराधना
मुख्यमंत्री ने ‘शक्ति के पर्व’ पर की मां की आराधना। गोरक्षपीठाधीश्वर ने शारदीय नवरात्रि में गुरुवार सुबह मां पाटेश्वरी के…
Read More » -
कांशीराम जी की पुण्यतिथि
राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय सहित पूरे प्रदेश में आज बहुजन समाज के मसीहा मान्यवर…
Read More » -
महिलाओं की भागीदारी से बदलेगी राजनीति की तस्वीर-अजय राय
महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी से बदलेगी भारतीय राजनीति की तस्वीर। इंदिरा फेलोशिप कार्यक्रम से राजनीतिक क्षेत्र में सशक्त…
Read More » -
राजनीति में नैतिकता नाम की चीज नहीं होती
डॉ.नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी कहावत सही है कि राजनीति में कोई सगा नहीं और नैतिकता नाम की कोई चीज नहीं होतीकुछ वर्ष पूर्व दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के नेतृत्व में लोकपाल के मुद्दे पर एक आंदोलन चला था जिस ने तबकी कांग्रेस सरकार को घुटने पर ला दिया था उस आंदोलन से लोकपाल का क्या हुआ, ये कोई नहीं जानता लेकिन उस आंदोलन की कोख से एक राजनीतिक दल का उदय हुआ जिसका नाम आम आदमी पार्टी पड़ा जिसमें आम आदमी कहाँ है, कोई नहीं जानता। राजनीति में नैतिकता नाम की चीज नहीं होती इस आम आदमी पार्टी ने शीला दीक्षित की सरकार को दिल्ली के विधानसभा चुनाव में धूल चटा दी और उस समय से लेकर अब तक दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ है। ईमानदारी का दम भरने वाली पार्टी के शीर्ष नेता भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल चले गए और उनमें से उनका मुख्यमंत्री भी शामिल था। सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत देते समय जो शर्तें रखीं, वो किसी तड़ी पार आदमी के लिए लागू होती है। जो मुख्यमंत्री सचिवालय नहीं जाएगा ,वह मुख्यमंत्री के रूप में काम कैसे करेगा। इसीलिए अरविंद केजरीवाल को मजबूरी में इस्तीफा देना पड़ा। अरविंद केजरीवाल में जरा भी ग़ैरत होती तो उसे जेल जाने के साथ ही इस्तीफा देना चाहिए था। दरअसल हमारे संविधान में यह स्पष्ट नहीं है कि किसी भी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को जेल जाने की स्थिति में अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए कि नहीं। हमारे संविधान निर्माताओं ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि आने वाले समय देश में ऐसी स्थिति भी आ सकती है कि एक मुख्यमंत्री को भी जेल जाना पड़ सकता है वरना संविधान में इसका प्रावधान जरूर रहता। अभी भी संविधान में संशोधन करके इसका प्रावधान अवश्य कर देना चाहिए क्योंकि अब इस तरह के मामले आते ही रहेंगे। ईडी को इस बात का सबूत भले मिले या ना मिले लेकिन इतना तय है कि शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी को रिश्वत जरूर मिली है। दरसअल भारत की जनता भी अब भ्रष्टाचार की आदी हो चुकी है।जब आप बिजली और पानी फ्री देने के मुद्दे पर पार्टी को वोट देकर चुनाव जीता सकते हैं तो आप फिर कैसे किसी से ईमानदारी की अपेक्षा रख सकते हैं। अरविंद केजरीवाल जब एनजीओ चलाते थे उसी समय उनको विदेशों से फंड मिलता था और उसी के कारण उसने नौकरी से इस्तीफा भी दिया था। आज देश में जितने भी एनजीओ हैं, उसमें से 90 प्रतिशत लोगों के चंदे से चलते हैं और इसको चलाने वाले दूसरों के पैसे पर मौज करते हैं । उनको सामाजिक कार्यों से कोई लेना देना नही रहता । शुरू से ही लोगों पर झूठे इल्जाम लगाना और कोर्ट के फटकार के बाद माफ़ी मांग लेना केजरीवाल…
Read More » -
भाजपा कुशासन से स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली सुधरने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा सरकार के कुशासन से स्वास्थ्य व्यवस्था…
Read More » -
CBSE क्लस्टर फुटबाल टूर्नामेन्ट का समापन
भव्य समारोह के साथ हुआ सी.बी.एस.ई. क्लस्टर 4 फुटबाल टूर्नामेन्ट का समापन। समापन समारोह में अण्डर 19 की टीम डी.पी.एस.…
Read More » -
इंटरनेशनल ट्रेड शो से UP होटल इंडस्ट्री को बूम
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो से मिला होटल इंडस्ट्री को बूम। 50 फीसदी से अधिक हुई कारोबार में बढ़ोतरी, योगी…
Read More » -
कलयुगी त्रिया चरित्र
हत्या के 30 साल बाद खुला क़त्ल का राज.. पत्नि व 2 बेटों सहित 4 लोग निकले क़ातिल, बेटे ने…
Read More » -
स्वच्छता की अलख जगा रहे विद्यार्थी
योगी सरकार की पहल का असर, स्वच्छता की अलख जगा रहे विद्यार्थी। ‘155 घंटे के नॉन-स्टॉप सफाई अभियान’ में नवयुवकों…
Read More »