रामलीला मैदान से अखिलेश यादव की हुंकार

रामलीला मैदान से अखिलेश यादव की हुंकार: भाजपा पर वोट चोरी और लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप, बोले- 2027 में यूपी से होगी विदाई।

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वोट चोरी और मतदाता सूची में कथित धांधली के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। अखिलेश ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ पूरा इंडिया गठबंधन एकजुट है और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

महारैली को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा जब चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं होती तो चुनाव आयोग के साथ मिलकर चुनावी प्रक्रिया में धांधली करती है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में हेराफेरी की मुख्य कड़ी बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें एक कंपनी भी सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि इन साजिशों का अंत होकर रहेगा।

भाजपा पर लोकतंत्र खत्म करने की कोशिश का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को खत्म करने का पाप कर रही है, जबकि इंडिया गठबंधन लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन को देशभर में मिल रहे समर्थन से भाजपा की राजनीति को चुनौती मिल रही है। उन्होंने भाजपा पर युवाओं और आंदोलनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब देश के नौजवान अपनी आवाज उठाने दिल्ली पहुंचे तो उन पर लाठियां बरसाई गईं। नौजवानों पर हुई कार्रवाई को वे कभी नहीं भूलेंगे।

1.27 करोड़ वोट कटने के दावे पर यूपी की सियासत गरमाई

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक करोड़ 27 लाख हिंदू मतदाताओं के वोट कटने संबंधी बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि इतने वोट कम हुए हैं तो इसका औसत प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में लगभग 31 हजार वोट प्रति सीट बैठता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा अब इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही है।

वाराणसी में भाजपा की हार का भी किया जिक्र

सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के परिणामों का उल्लेख करते हुए वाराणसी में भाजपा की हार को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और वहां भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा ने दोबारा मतगणना कराकर भी परिणाम बदलने की कोशिश की, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। उन्होंने चंडीगढ़ के चुनाव विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा वाराणसी में भी वैसी ही चाल चलना चाहती थी, लेकिन कामयाब नहीं हो सकी।

बंगाल और रामपुर चुनाव को लेकर भी लगाए आरोप

अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एसआईआर के माध्यम से लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए और सुरक्षा बलों की तैनाती के जरिए मतदाताओं को डराया-धमकाया गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के रामपुर उपचुनाव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां भी मतदाताओं को मतदान करने से रोका गया था। अखिलेश ने दावा किया कि महिलाओं को भी डराया गया और कई लोगों को वोट डालने से वंचित किया गया।

2022 के चुनाव का हवाला देकर चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

सपा अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था। उनके मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं और पीडीए प्रहरियों ने बूथ स्तर पर ऐसे मतदाताओं की पहचान की थी, जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में मतदान किया था, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में उनके नाम मतदाता सूची से गायब मिले।

अखिलेश ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने ऐसे हजारों मतदाताओं के शपथपत्रों के साथ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन दोषियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब जनता के विरोध के बाद कुछ कार्रवाई होती दिखाई दे रही है।

रामलीला मैदान को बताया लोकतंत्र की नई लड़ाई का केंद्र

अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान में जुटी भीड़ को लोकतांत्रिक बदलाव का संकेत बताते हुए कहा कि इस मैदान ने देश के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाओं को देखा है। उन्होंने महारैली को लोकतंत्र की हल्दी घाटी बताते हुए कहा कि यहां उमड़ा जनसमर्थन आने वाले समय में नए बदलाव का संदेश दे रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन भाजपा की कथित साजिशों के सामने हार नहीं मानेंगे। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर निशाना

अंत में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की विदाई होगी। भाजपा को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की ताकत सबसे बड़ी होती है। वोट की सुरक्षा और मताधिकार की रक्षा के बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत नहीं रह सकती।

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