- दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास को मंच प्रदान करना सराहनीय कार्य।
दिव्यांगजनों की समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान कराएगी सरकार। - दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने में भटकना न पड़े, सम्मानपूर्वक मिले सुविधा।
लखनऊ/ प्रयागराज। आज प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र परिसर में आयोजित दिव्यांग समागम एवं संस्कृति महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केशव प्रसाद मौर्य सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और स्वाभिमान की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजन समाज पर बोझ नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी हैं। दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को निखारने, उन्हें शिक्षित करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए सक्षम संस्था एवं शिक्षकों द्वारा किया जा रहा कार्य अत्यंत सराहनीय है। समाज के सभी वर्गों को ऐसे पुनीत कार्यों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करनी चाहिए तथा अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दिव्यांगजनों को सम्मान और गरिमा प्रदान करने के उद्देश्य से उन्हें ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ कहकर संबोधित करने की पहल की। दिव्यांगजनों में भी अद्भुत प्रतिभा और क्षमताएं होती हैं। आवश्यकता है कि उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों ने मंच पर जिस आत्मविश्वास और उत्कृष्टता के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह प्रशंसनीय है। उनके शिक्षकों द्वारा बच्चों को अभिनय के माध्यम से सिखाने और तैयार करने का कार्य भी अत्यंत प्रेरणादायक है। दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करना उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
श्री मौर्य ने कहा कि दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सक्षम संस्था एवं दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कार्य कर रहे संगठनों से अपेक्षा है कि वे इन समस्याओं को लिखित रूप में उपलब्ध कराएं, ताकि सरकार के स्तर पर उनका समयबद्ध समाधान कराया जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि दिव्यांगजनों की समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने में कई बार दिव्यांगजनों को अनावश्यक रूप से भटकना पड़ता है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करेगी कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय आने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक सुविधा मिले और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन की राशि को ₹300 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹1,500 प्रतिमाह किया है। सरकार दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिन गरीब दिव्यांग परिवारों के पास आवास नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
श्री मौर्य ने दिव्यांगजनों के विवाह के संबंध में कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सामान्य जोड़ों को ₹1,01,000 की सहायता प्रदान की जाती है। दिव्यांगजनों के विवाह में भी समान सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की विसंगति नहीं रहने दी जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरण महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अपने स्तर से भी ऐसे जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को दया नहीं, बल्कि सम्मान, सहयोग और समान अवसरों की आवश्यकता है। उनका स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता समाज की ताकत है।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संगठनों, शिक्षकों, समाजसेवियों एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए सरकार और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार सदैव संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध रहेगी।



