Thursday, March 12, 2026
Advertisement
Home राजनीति पिछड़ों दलितों की उपेक्षा कर रही भाजपा सरकार

पिछड़ों दलितों की उपेक्षा कर रही भाजपा सरकार

188
भाजपा नफरत की राजनीति कर रही-अखिलेश यादव
भाजपा नफरत की राजनीति कर रही-अखिलेश यादव

 भाजपा सरकार लगातार पिछड़ों और दलितों की उपेक्षा कर रही है। भाजपा सरकार साजिश के तहत पिछड़ों, दलितों के आरक्षित पद खत्म कर रही है। आरक्षण को खत्म करने के लिए रणनीति के तहत निजीकरण को बढ़ाया दिया जा रहा है। सरकारी विभागों में जो नौकरियां और भर्तियां निकलती है उनमें भी पिछड़ों और दलितों की कोई न कोई कारण बताकर भर्ती नही की जा रही है। बाद में सरकार इन खाली पदों पर अपने चहेतां की भर्तियां कर लेती है।

यह भी पढ़ें – लोक निर्माण विभाग में कलम बन्द हड़ताल


    श्री यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय की विरोधी भाजपा हर कदम पर दलितों, पिछड़ों के साथ भेदभाव कर रही है। पिछले दिनो लखनऊ पीजीआई में आरक्षण के नियमों को दर किनार कर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों को खाली छोड़ दिया गया। प्रदेश में विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति में भी दलितों, पिछड़ों की उपेक्षा की गयी है। प्रदेश में पिछले वर्षो में हुई नियुक्तियों में भाजपा सरकार ने पिछडों, दलितों को उनका हक नहीं दिया। 69 हजार शिक्षक भर्ती में बडे़ पैमाने पर अनियमितता हुई। पिछड़ों को उनका हक नही मिला


    समाजवादी पार्टी पिछड़ों और दलितों के इसी हक और सम्मान को दिलाने के लिए लम्बे समय से जातीय जनगणना की मांग करती आ रही है। लेकिन भाजपा सरकार जातीय जनगणना का विरोध कर रही है। भाजपा जातीय जनगणना से डरती है। जबकि पिछड़ों, दलितों के हक और सम्मान दिलाने, उनके साथ हो रहे भेदभाव और अन्याय को खत्म करने के लिए जातीय जनगणना और सभी जातीयों का आंकड़ा होना बेहद जरूरी है। जातीय आंकड़े होने से सरकारी योजनाएं बनाने में आसानी होगी। योजनाओं का लाभ सही और जरूरतमंदो तक पहुंचाया जा सकेगा।

पिछड़ों दलितों की उपेक्षा कर रही भाजपा सरकार