बजट से उम्मीद टूटी

बजट से उम्मीद टूटी ,बजट में पुरानी पेंशन बहाली की उम्मीद टूटी, कर्मचारियो में निराशा- परिषद

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने केंद्र सरकार के बजट में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा न किए जाने के कारण बजट को कर्मचारी हितों के प्रतिकूल बताया है। परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा और प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि कर्मचारियों की मांग थी कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए ,10 लाख तक की आय तथा पेंशन को आयकर से मुक्त किया जाए, लेकिन कर्मचारियों की इन मांगों पर बजट में कोई घोषणा नहीं की गई, इसलिए कर्मचारियों के लिए यह बजट आशा के विपरीत रहा है।

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सपा महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य का बजट बयान केंद्र सरकार का बजट निराशाजनक है। बजट में सिर्फ लोकलुभावन वादे हैं। 6 करोड़ से अधिक नौजवान बेरोजगारी झेल रहा। महिलाओं, दलित, पिछड़ों के लिए भी कोई प्रावधान नहीं। महिला सुरक्षा को लेकर भी कुछ बजट में नहीं। -स्वामी प्रसाद मौर्या

हालांकि बजट में टैक्स फ्री इनकम को 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख किया जाना थोड़ा राहत जरूर देगा। परिषद ने कहा कि मेडिकल रीइंबर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) को टैक्स फ्री किया जाना चाहिए क्योंकि यह किए हुए व्यय की प्रतिपूर्ति है इसलिए यह इनकम का पार्ट नहीं हो सकता।परिषद ने स्थाई रोजगार सृजन की दिशा में कोई योजना ना होने पर भी चिंता व्यक्त की है परिषद के अनुसार निजी करण की योजनाएं कभी भी देश हित में नहीं हो सकती इसलिए सरकार को स्थाई रोजगार की दिशा में बजट बढ़ाना चाहिए।

बजट से उम्मीद टूटी

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