राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा संदेश

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा संदेश: स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने से कारीगरों के जीवन में आएगी समृद्धि।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026’ को संबोधित करते हुए प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हथकरघा उद्योग से जुड़े हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों ने अपने कौशल और परिश्रम से भारत की विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों और बुनकरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता आंदोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

बुनकरों और लाभार्थियों को किया सम्मानित

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना’ के तहत राज्य स्तर पर चयनित बुनकरों को सम्मानित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना तथा झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किए। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने ओडीओपी उत्पादों और हथकरघा उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

प्रमुख संस्थानों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान

कार्यक्रम के दौरान हथकरघा उत्पादों के प्रमुख खरीदारों एवं संस्थागत भागीदारों के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया। इसमें हैण्डलूम प्रमोशन एक्सपोर्ट काउंसिल चेन्नई, तनैरा बेंगलुरु, कारिगो डीटीडीसी, इंटरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल और फूल कानपुर शामिल रहे।

30 लाख लोगों की आजीविका का आधार है यह उद्योग

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के करीब 2.5 लाख परिवारों के 14-15 लाख लोग हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं। पावरलूम को जोड़ने पर यह संख्या लगभग 30 लाख हो जाती है। उनके मुताबिक यह उद्योग लाखों लोगों की आजीविका और स्वावलंबन का आधार है। उन्होंने बताया कि करीब 40 हजार बुनकरों को विभिन्न योजनाओं और विद्युत दर रियायत के माध्यम से 109 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है।

भदोही की कालीन को वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के हस्तशिल्प उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा, बरेली, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, लखनऊ सहित कई जिलों के उत्पाद देश-दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भदोही की कालीन दुनिया के बाजार में अपनी पहचान बना चुकी है। नई संसद के लिए कालीन बिछाने के दौरान भदोही की कालीन को प्राथमिकता दिए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।

लखनऊ-हरदोई के बीच बनेगा 1,000 एकड़ का पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती देने के लिए लखनऊ और हरदोई के बीच 1,000 एकड़ क्षेत्रफल में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के पांच स्थानों पर संत कबीरदास के नाम पर टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार इन परियोजनाओं से बुनकरों और हस्तशिल्पियों को नया प्लेटफॉर्म मिलेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

सरकारी संस्थानों में स्थानीय हथकरघा उत्पादों के इस्तेमाल पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में हथकरघा से जुड़े उत्पादों की खरीद की व्यवस्था बनाई है। उन्होंने संबंधित विभाग से इस दिशा में तत्काल कार्रवाई आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने अस्पतालों और गेस्टहाउस में स्थानीय हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों द्वारा तैयार बेडशीट, तौलिए सहित अन्य उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही। उनका कहना था कि इससे कारीगरों की आय बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग का अवसर भी मिलेगा।

स्वदेशी अपनाने का सीएम योगी ने किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी केवल एक उत्पाद नहीं बल्कि भारत की विरासत और आत्मनिर्भरता की भावना से जुड़ा विचार है। उन्होंने लोगों से त्योहारों और विशेष अवसरों पर प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार उत्पाद खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि भदोही की कालीन, फिरोजाबाद की मूर्तियां, मुरादाबाद की पीतल की वस्तुएं और मेरठ के खेल उत्पाद जैसे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने से प्रदेश के कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा।

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