आजादी के अमृत महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने में कोई कमी न रखें

आजादी की 76वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक बनाने में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।जनपदों में झण्डों का वितरण 12 अगस्त तक करा दिया जाए।अमृत महोत्सव के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा जनपदवार नामित नोडल अधिकारी द्वारा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिदिन की जाए।14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर तिरंगा लेकर मौन यात्रा निकाली जाए।

लखनऊ। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि आजादी की 76वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक बनाने में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। जनपदों में झण्डों का वितरण 12 अगस्त तक अवश्य करा दिया जाए, ताकि 13 अगस्त को झंडा घरों में लग सके। राष्ट्रीय ध्वज भारत की आन, बान, शान का प्रतीक है, सभी ध्वज को पूरे सम्मान के साथ लगाएं। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा जनपदवार नामित नोडल अधिकारी द्वारा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिदिन की जाये।

     मुख्य सचिव ने यह निर्देश सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पद्मविभूषण, परमवीर चक्र, अशोक चक्र, शौर्य चक्र, वीरता पुरस्कार तथा राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार प्राप्त करने वाले संभ्रात नागरिकों अथवा उनके परिजनों को अधिकारी स्वयं जाकर झण्डा दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में भी आमंत्रित किया जाये और मंच पर स्थान दिया जाये और उन्हें सम्मानित करें और ओ0डी0ओ0पी0 के उत्पाद भेंट करें।


     उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को प्रदेश में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाएगा। इसमें विभाजन से विस्थापित हुए परिवारों की पहली व दूसरी पीढ़ियों को साथ लेकर शरणार्थी बस्तियों, बाजार या विवि से तिरंगा लेकर आधा से एक किमी दूरी तक की मौन यात्रा निकाली जाए। यात्रा में जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए।कार्यक्रम में विभाजन से विस्थापित हुए परिवारों के अनुभव शेयर करने तथा विभीषिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री/फिल्म का भी प्रदर्शन कराया जा सकता है।


       उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र रोजगार की अपार संभावनायें हैं। जनपदों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये ऐतिहासिक धरोहरों की उच्च गुणवत्ता के फोटोग्राफ्स संबंधित जनपद की वेबसाइट्स पर अपलोड कराते हुये उनके बारे में संक्षिप्त जानकारी भी लिखी जाये। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये ब्लॉग भी लिखवा सकते हैं, इससे पूरी दुनिया के लोग ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानेंगे और आयेंगे भी। साथ ही ऐसे स्थानों पर स्थानीय लोगों को जोड़कर इकोनॉमिक एक्टिविटीज कर आजीविका के साधन भी सृजित करें।


      इससे पूर्व, जिलाधिकारी महोबा द्वारा ‘एक ऐतिहासिक धरोहर’ प्रस्तुतीकरण दिया गया है, जिसमें उन्होंने ऐतिहासिक धरोहर के विकास कार्यों तथा भविष्य में कराये जाने वाले कार्यों के बारे में अवगत कराया। इसी क्रम में जिलाधिकारी प्रतापगढ़ ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतापगढ़ में चलाये जा रहे अभियान के विषय में अवगत कराया। जिलाधिकारी सीतापुर द्वारा जलकुंभी शिल्प (Water Hyacinth Craft) पर तथा सीडीओ सिद्धार्थनगर द्वारा कनवर्जेन्स के माध्यम से शिक्षा अवस्थापना सुविधाओं के किये गये विकास के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसी तरह जिलाधिकारी शाहजहांपुर द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत जनपद में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एवं नवाचारों के बारे में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवगत कराया गया।बैठक में सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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