पीडब्ल्यूडी क्लर्क की रहस्यमय हालात में मौत मामले की हो निष्पक्ष जांच- अशोक सिंह

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की सरकार में प्रदेश की कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ायी जा रही है। आय दिन अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है। सरकार प्रदेश को अपराध मुक्त बनने का दावा करती है परन्तु वह इस पर विफल साबित होते दिखाई दे रही है। अब आलम यह है कि सरकारी तंत्र भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में पीछे नहीं है।राजधानी लखनऊ स्थित महामहिम राज्यपाल जी के आवास के नजदीक लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में हुई एक लिपिक की रहस्यमयी मौत इसका जीता जागता उदाहरण है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने कहा कि राजधानी लखनऊ स्थित महामहिम राज्यपाल जी के आवास के सामने लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में लिपिक पद पर कार्यरत विपिन सिंह नाम के कर्मचारी की संदिग्ध मौत हो जाती है। जबकि उनके साथ कार्यालय के दो और सहयोगी कर्मचारी भी वहां मौजूद थे। ऐसे में अनेकों सवाल खड़े होते हैं कि उन्होंने मृतक के परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी। कार्यालय के सुरक्षाकर्मियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में है।

उन्होंने कहा कि यदि यह कोई साधारण मामला नहीं है तो इस घटना में भ्रष्टाचार भी एक गंभीर मामला हो सकता है मृतक के परिजनों को न्याय प्राप्त हो सके इसके लिए निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाये और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, जिससे वह अपने परिवार का पालन पोषण कर जीवन यापन कर सके।

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