जापान लैण्ड ऑफ राइजिंग सन और उत्तर प्रदेश लैण्ड ऑफ सूर्यवंश:मुख्यमंत्री

  • उ0प्र0 के मुख्यमंत्री, केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तथा केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री नई दिल्ली में आयोजित उ0प्र0-जापान इन्वेस्टमेन्ट मीट-2026 में सम्मिलित हुए।
  • एस्कॉर्ट्स कुबोटा लि0 तथा स्पार्क मिण्डा कॉरपोरेशन लि0 की परियोजनाओं की वर्चुअल ग्राउण्ड ब्रेकिंग सम्पन्न।
  • उ0प्र0 और यामानाशी प्रीफेक्चर के मध्य यह पार्टनरशिप ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी, कल्चर, इन्वेस्टमेन्ट और शेयर्ड विजन के स्ट्रॉन्ग फाउण्डेशन पर निर्मित
  • भारत और जापान का सम्बन्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विश्वास पर आधारित, जिसमें भगवान बुद्ध की करुणा, जीवन का अनुशासन व मध्य मार्ग तथा दोनों देशों के साझा मूल्य प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, स्पष्ट नीति, साफ नीयत और दृढ़ संकल्प के सा निरन्तर सुधार करते हुए उ0प्र0 आज भारत की टॉप-थ्री इकोनॉमी में सम्मिलित।
  • प्रदेश में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स एवं इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकण्डक्टर ईकोसिस्टम, डाटा सेन्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निरन्तर विस्तार किया जा रहा।
  • उ0प्र0 निवेश और नवाचार के एक नए केन्द्र के रूप में उभरा प्रदेश में जापान सिटी विकसित की जा रही, इसमें बेसिक एमिनिटीज सम्मिलित होंगी।
  • भारत-जापान के स्ट्रेटेजिक विजन को एक कंक्रीट इकोनॉमिक एण्ड इण्डस्ट्रियल पार्टनरशिप में परिवर्तित करने का यह सबसे बेहतरीन समय।
  • जापान की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेन्स और उ0प्र0 की यंग फोर्स से नया स्किल ईकोसिस्टम तैयार हो सकता।
  • 02 हजार करोड़ रु0 से अधिक की एस्कॉर्ट्स कुबोटा परियोजना में लगभग 4,000 रोजगार सृजन की सम्भावना, इसके प्रथम चरण में प्रतिवर्ष 60 हजार ट्रैक्टर और 15,000 कन्स्ट्रक्शन इक्विपमेंट के उत्पादन की क्षमता प्रस्तावित।
  • जेट्रो, इन्वेस्ट यू0पी0 और सी0आई0आई0 के मध्य प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पूरी प्रक्रिया को और अधिक संस्थागत व सुदृढ़ आधार प्रदान करेगा।
  • जापानी कम्पनियां प्रदेश में फैक्ट्रीज लगाने के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, आर0 एण्ड डी0, स्किल सेन्टर एण्ड ग्लोबल सप्लाई चेन का भी निर्माण करें।

प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उ0प्र0 भारत का ग्रोथ इंजन होने के साथ-साथ दुनिया के निवेश का गन्तव्य बन रहा : केन्द्रीय कृषि मंत्री

यह कार्यक्रम भारत-जापान तथा उ0प्र0-यामानाशी सम्बन्धों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण : केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी, केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज नई दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश-जापान इन्वेस्टमेन्ट मीट-2026 में सम्मिलित हुए। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश, तकनीक, नवाचार, विनिर्माण, कौशल विकास एवं औद्योगिक सहयोग को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को जापानी उद्योगों के लिए दीर्घकालिक निवेश एवं औद्योगिक साझेदारी के प्रमुख केन्द्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।


कार्यक्रम में एस्कॉर्ट्स कुबोटा लि0 तथा स्पार्क मिण्डा कॉरपोरेशन लि0 की परियोजनाओं की वर्चुअल ग्राउण्ड ब्रेकिंग की गयी। एस्कॉर्ट्स कुबोटा लि0 द्वारा ट्रैक्टर एवं निर्माण उपकरणों के निर्माण के लिए यीडा के सेक्टर-10 में परियोजना स्थापित की जा रही है, जिससे लगभग 3,800 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की सम्भावना है। स्पार्क मिण्डा कॉरपोरेशन लि0 द्वारा यीडा में दो बड़े विनिर्माण प्रोजेक्ट स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें कुल 10,166 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा लगभग 6,440 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।.

आज हम भारत की सबसे बड़ी आबादी के राज्य उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के मध्य साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यहां पर एकत्रित हुए हैं। यह पार्टनरशिप ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी, कल्चर, इन्वेस्टमेन्ट और शेयर्ड विजन के स्ट्रॉन्ग फाउण्डेशन पर निर्मित है। भारत और जापान का सम्बन्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विश्वास पर आधारित हैं, जिसमें भगवान बुद्ध की करुणा, जीवन का अनुशासन व मध्य मार्ग तथा दोनों देशों के साझा मूल्य हैं। भारत-जापान की साझेदारी शेयर्ड ग्रोथ, शेयर्ड टेक्नोलॉजी एण्ड शेयर्ड प्रोस्पेरिटी की साझेदारी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन, स्पष्ट नीति, साफ नीयत और दृढ़ संकल्प के साथ निरन्तर सुधार करते हुए उत्तर प्रदेश आज भारत की टॉप-थ्री इकोनॉमी में सम्मिलित होते हुए भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बना है। विगत 09 वर्षों में हमने सेफ्टी, स्टेबिलिटी एण्ड स्पीड के साथ उत्तर प्रदेश के बजट को, उत्तर प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 को, उत्तर प्रदेश की पर कैपिटा इनकम को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। इस दौरान उत्तर प्रदेश में वीमेन वर्क फोर्स की भागीदारी तीन गुना से अधिक हुई है। 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की दिशा में हम मजबूती के साथ आगे बढ़े हैं।


आज उत्तर प्रदेश के पास इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, इण्डस्ट्रियल कॉस्ट एण्ड गुड गवर्नेंस का एडवांटेज है। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स एवं इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकण्डक्टर ईकोसिस्टम, डाटा सेन्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निरन्तर विस्तार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में देश के कुल एक्सप्रेस-वे का 60 प्रतिशत हिस्सा, 17 एयरपोर्ट, भारत का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, सात सिटी में मेट्रो नेटवर्क, भारत का पहला रैपिड रेल, भारत का पहला इनलैण्ड वाटर-वे, 02 डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब के साथ आज ग्लोबल स्टैण्डर्ड एवं सीमलेस कनेक्टिविटी का लाभ प्रदान कर रहा है। वाराणसी में भारत का पहला अर्बन पब्लिक ट्रान्सपोर्ट रोप-वे विकसित हो रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 96 लाख से अधिक एम0एस0एम0ई0 यूनिट्स, 35,000 से अधिक बड़े उद्योग और 22,000 से अधिक स्टार्टअप आज उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं। 36 सेक्टोरल पॉलिसीज, आई0टी0, आई0टी0ई0एस0 पॉलिसी, ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी, सोलर पावर पॉलिसी, फूड प्रोसेसिंग इण्डस्ट्री पॉलिसी, डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी आदि विकास के नये आयाम स्थापित कर रही हैं। प्रदेश में 75,000 एकड़ से अधिक डेडिकेटेड इण्डस्ट्रियल लैण्ड बैंक उपलब्ध है। एक्सप्रेस-वे के किनारे स्ट्रेटेजिक रूप से स्थित 27 इण्डस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एण्ड लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित हो रहे हैं। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में टेक्सटाइल एवं अपैरल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के लिए पांच सेक्टोरल डेस्क भी स्थापित किए गए हैं।


ए0आई0, सेमीकण्डक्टर, डाटा सेन्टर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीपटेक, मेडटेक, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, टूरिज्म और स्पोर्ट्स में उत्तर प्रदेश निवेश और नवाचार के एक नए केन्द्र के रूप में उभरा है। देश के मोबाइल फोन उत्पादन का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेन्ट की लगभग 60 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग उत्तर प्रदेश मे हो रही है। उत्तर प्रदेश में 09 एग्री क्लाइमेटिक जोन हैं। प्रदेश देश के फूड बास्केट के रूप में भारत के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21 प्रतिशत योगदान दे रहा है। उत्तर प्रदेश और जापान के सम्बन्ध हमारी प्राचीन सभ्यतागत विरासत पर आधारित हैं। जापान लैण्ड ऑफ राइजिंग सन है और उत्तर प्रदेश लैण्ड ऑफ सूर्यवंश, लैण्ड ऑफ श्रीराम, लैण्ड ऑफ श्रीकृष्ण, लैण्ड ऑफ बुद्धा तथा लैण्ड ऑफ अनलिमिटेड पोटेंशियल है। भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती और कुशीनगर जैसे विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। भगवान बुद्ध का प्रसाद काला नमक चावल हमारी ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना’ का हिस्सा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के पास प्रिसीजन, क्वॉलिटी, टेक्नोलॉजी, रिसर्च कैपेबिलिटी, मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेन्स, काइजेन की फिलॉसफी है, तो उत्तर प्रदेश के पास स्केल, स्किल, मार्केट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पॉलिसी, लॉ एण्ड ऑर्डर एवं एम्बिशन है। यह दोनों कॉम्बिनेशन प्रदेश के मैन्युफैक्चरिंग ईकोसिस्टम, एम0एस0एम0ई0 ईकोसिस्टम, स्किलिंग, आर0 एण्ड डी0 तथा लॉजिस्टिक कैपेबिलिटी को एक नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। हम प्रदेश में जापान सिटी भी डेवलप कर रहे हैं। इसमें बेसिक एमिनिटीज विकसित हो रही हैं। यह नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट से मात्र 03 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके समीप सेमीकण्डक्टर, डाटा सेन्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थित है। हम मार्च, 2026 में प्लग एण्ड प्ले इण्डस्ट्रियल शेड योजना लेकर के आए। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट एक कार्गो, एम0आर0ओ0 और लॉजिस्टिक हब के रूप में भी विकसित हो रहा है।


उत्तर प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए निवेश मित्र 3.0 लॉन्च किया गया। यह विभिन्न डिपार्टमेंट्स की सेवाओं को एक साथ लाकर एप्लीकेशन से मैन्युफैक्चरिंग तक की ऑनलाइन ट्रैकिंग करता है और अप्रूवल प्रोसेस को फास्ट और ट्रांसपेरेंट बनाता है। एफिशिएंट प्रोजेक्ट ट्रैकिंग एण्ड मॉनिटरिंग द्वारा हम प्रोजेक्ट को निर्धारित समय से पूरा कर पा रहे हैं। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे मेगा प्रोजेक्ट को हमने निर्धारित समय से पहले पूरा किया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को एस्टीमेट से कम कॉस्ट में पूर्ण किया गया। डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में सुरक्षित और स्थिर वातावरण बनाया है। इसके बल पर आई0बी0एम0 इनोवेशन सेन्टर, फॉक्सकॉन-एच0सी0एल0, सेमीकण्डक्टर प्लाण्ट, हिन्दुजा ग्रुप का ई0वी0 बस प्लाण्ट और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में प्रदेश मजबूती के साथ आगे बढ़ा है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत-जापान के स्ट्रेटेजिक विजन को अब उत्तर प्रदेश और जापानी उद्योग के बीच इन्वेस्टमेंट, इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के माध्यम से एक कंक्रीट इकोनॉमिक एण्ड इण्डस्ट्रियल पार्टनरशिप में परिवर्तित करने का यह सबसे बेहतर समय है। इस पार्टनरशिप का अगला अध्याय फैक्ट्रीज में बनेगा। लेबोरेटरीज में इनोवेशन के रूप में जन्म लेगा। हमारी यूनिवर्सिटीज में इसका टैलेन्ट तैयार होगा और ग्लोबल सप्लाई चेन के माध्यम से यह दुनिया तक पहुंचेगा।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा युवा वर्कफोर्स है। यहां के युवा स्किल्ड व टैलेन्टेड हैं। विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु युवा शक्ति को इण्डस्ट्री रेडी वर्क फोर्स में बदलना है। उत्तर प्रदेश के युवाओं को जापानीज मैन्युफैक्चरिंग कल्चर से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। जापान की मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेन्स और उत्तर प्रदेश की यंग फोर्स से एक नया स्किल ईकोसिस्टम तैयार हो सकता है, जिसमें काइजेन, फाइव-एस, लीन मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, प्रिसीजन इंजीनियरिंग जैसे जापानी औद्योगिक उत्कृष्टता की तकनीकों को युवाओं के प्रशिक्षण से जोड़ा जा सकता है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय चर्चाएं ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी एण्ड क्लीन टेक्नोलॉजी ऑपरेशन पर केन्द्रित रही हैं। आई0आई0टी0 कानपुर, एच0बी0टी0यू0 कानपुर, आई0टी0-बी0एच0यू0, ट्रिपल आई0टी0 गोरखपुर के माध्यम से दो ग्रीन हाइड्रोजन सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स स्थापित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रत्येक के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि पहले ही अवमुक्त की जा चुकी है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारा उद्देश्य इस सहयोग को अनुसंधान की सीमाओं से आगे ले जाकर पायलट प्रोजेक्ट्स, टेक्नोलॉजी के रियल एप्लीकेशन तथा कमर्शियल प्रोडक्शन तक ले जाना है। आज 02 हजार करोड़ रुपये से अधिक की एस्कॉर्ट्स कुबोटा परियोजना में लगभग 4,000 रोजगार सृजन की जो सम्भावना विकसित हुई है। इसके प्रथम चरण में प्रतिवर्ष 60 हजार ट्रैक्टर और 15,000 कन्स्ट्रक्शन इक्विपमेंट के उत्पादन की क्षमता प्रस्तावित की गई है। यह भारत-जापान इण्डस्ट्रियल कॉरपोरेशन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। स्पार्क मिण्डा-टोयो डेंसो साझेदारी भी जापानी टेक्नोलॉजी और उत्तर प्रदेश के स्ट्रॉन्ग मैन्युफैक्चरिंग ईकोसिस्टम के इण्टीग्रेशन की सम्भावनाओं को प्रदर्शित करती है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जेट्रो, इन्वेस्ट यू0पी0 और सी0आई0आई0 के मध्य प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पूरी प्रक्रिया को और अधिक संस्थागत व सुदृढ़ आधार प्रदान करेगा। जापानी निवेश को सुगम बनाने तथा जापानी कम्पनियों को भारत में उपलब्ध सम्भावनाओं से जोड़ने में जेट्रो ने एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। उत्तर प्रदेश के साथ उनके निरन्तर सहयोग और सक्रिय सहभागिता की हम विशेष सराहना करते हैं।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जेट्रो उत्तर प्रदेश के इकोनॉमिक ट्रान्सफॉर्मेशन में हमारे स्ट्रेटेजिक पार्टनर के रूप में और अधिक निकटता से कार्य करे। हम राज्य में अधिकाधिक जापानी कम्पनियों, प्रौद्योगिकी और निवेश को आकर्षित करने, बी2बी एवं बी2जी साझेदारियों को सुदृढ़ करने में जेट्रो का सहयोग चाहते हैं। क्वालिटी एण्ड लॉन्ग टर्म कमिटमेन्ट की सोच जापानी उद्योग की सबसे बड़ी ताकत है। हमारा उद्देश्य उत्तर प्रदेश में लॉन्ग टर्म एण्ड स्ट्रांग जापानी इण्डस्ट्रियल ईकोसिस्टम विकसित करना और जापान को एक प्रमुख साझेदार के रूप में स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम चाहते हैं कि जापानी कम्पनियां प्रदेश में फैक्ट्रीज लगाने के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, आर0 एण्ड डी0, स्किल सेन्टर एण्ड ग्लोबल सप्लाई चेन का भी निर्माण करें। जापान के पास दशकों का औद्योगिक अनुभव है। उत्तर प्रदेश में उसे आत्मसात करने और आगे बढ़ाने वाली युवा पीढ़ी है। जापानी कम्पनियां उत्तर प्रदेश को अपना सेकण्ड इण्डस्ट्रियल होम माने। उत्तर प्रदेश सरकार आप सभी के साथ रिलायबल पार्टनर के रूप में खड़ी है।


केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारत का ग्रोथ इंजन होने के साथ-साथ दुनिया के निवेश का गन्तव्य भी बन रहा है। भारत और जापान दो अत्यन्त प्राचीन और महान राष्ट्र हैं। भारत की परम्परा ‘अतिथि देवो भवः’ की रही है। भारत और जापान का सम्बन्ध केवल दो देशों का नहीं, बल्कि यह दो संस्कृतियों का संवाद, दो सभ्यताओं का संगम और दो संकल्पों का समन्वय है। भारत ने जापान को भगवान बुद्ध का संदेश दिया और जापान ने उस संदेश को अपनी संस्कृति में आत्मसात कर दुनिया को दिखाया कि करुणा और कर्म, शांति और शक्ति तथा परम्परा और प्रगति एक साथ चल सकते हैं।


केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि भारत और जापान प्रतियोगिता में नहीं, बल्कि कोलैबोरेशन, कोऑपरेशन और कोऑर्डिनेशन में विश्वास करते हैं। जापान के साथ भारत की पार्टनरशिप केवल इन्वेस्टमेन्ट पार्टनरशिप नहीं, बल्कि डेवलपमेन्ट, डिप्लोमेसी और डिग्निटी की पार्टनरशिप है। उत्तर प्रदेश जापानी उद्योगों को केवल इन्वेस्टर्स नहीं, बल्कि डेवलपमेन्ट पार्टनर मानेगा। इन्वेस्टमेन्ट का सर्वोत्तम रूप वह है, जो कैपिटल के साथ कैपेबिलिटी, टेक्नोलॉजी के साथ टैलेन्ट और प्रॉफिट के साथ प्रोस्पेरिटी लाए तथा रेवेन्यू से अधिक रिलेशन को मजबूत करे।


केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि उत्तर प्रदेश-जापान इन्वेस्टमेन्ट मीट भारत-जापान तथा उत्तर प्रदेश-यामानाशी सम्बन्धों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। भारत की आर्थिक संवृद्धि को दुनिया ने स्वीकार किया है। भारत 06 से 08 प्रतिशत की सतत वृद्धि दर, नियन्त्रित महंगाई और स्वस्थ बैलेन्स शीट के साथ आगे बढ़ रहा है।
केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा के प्रमुख स्तम्भ सोशल, डिजिटल एवं फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश, समावेशी विकास, मैन्युफैक्चरिंग एवं इनोवेशन और कानूनों एवं रेगुलेशन का सरलीकरण शामिल है। भारत में प्रतिवर्ष लगभग 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर का सतत सार्वजनिक निवेश किया जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में किए जा रहे निवेश से आर्थिक गतिविधियों को व्यापक गति मिली है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।


उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि भारत और जापान के सम्बन्ध गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव, साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और भविष्य के साझा विजन पर आधारित हैं। आज यह ऐतिहासिक सम्बन्ध इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, स्किल्स, क्लीन एनर्जी, हेल्थकेयर और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग के माध्यम से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से भारत के निवेश और उद्यम के लिए सबसे सम्भावनाशील गन्तव्य के रूप में उभरा है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के प्रेसिडेन्ट एवं सी0ई0ओ0 श्री शिंगो हानाडा ने उत्तर प्रदेश सरकार, भारत सरकार और इन्वेस्ट यू0पी0 के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक केन्द्रों में से एक है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और भविष्य की सम्भावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया।


स्पार्क मिण्डा कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक श्री आकाश मिण्डा ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, फ्रेट एवं इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, इण्डस्ट्रियल पार्क, स्किल्ड मैनपावर, स्मार्ट टाउनशिप और नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उद्योगों के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।
श्री आकाश मिण्डा ने कहा कि मिण्डा समूह उत्तर प्रदेश में 40 वर्षों से अधिक समय से कार्य करते हुए वर्तमान में 9,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है। समूह एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, मोटर पार्ट्स, ई0वी0 प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा डिजाइन एवं डेवलपमेन्ट सेन्टर के क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है। जापान की वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी, ग्लोबल क्वॉलिटी और प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग तथा उत्तर प्रदेश के स्केल, टैलेन्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पॉलिसी सपोर्ट और बड़े बाजार का संयोजन अत्यन्त प्रभावी औद्योगिक साझेदारी का आधार बन सकता है।
इस अवसर पर यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान के गवर्नर श्री कोटारो नागासाकी, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, नगर विकास मंत्री श्री ए0के0 शर्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा, औद्योगिक विकास राज्यमंत्री श्री जसवंत सिंह सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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