उत्तर प्रदेश से भाजपा महामंत्री सुनील बंसल हटाए गए

पिछले 8 सालों से महामंत्री संगठन का जिम्मा संभाल रहे हैं सुनील बंसल,2014 लोकसभा चुनाव में सुनील बंसल को प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया था।80 में से 73 लोकसभा सीटें जिताने में हुए कामयाब,उसके बाद उन्हें प्रदेश का संगठन मंत्री बनाया गया।9 साल बाद हुई है सुनील बंसल की विदाई तेलंगाना में पार्टी को सत्ता में लाने की मिल सकती है अहम जिम्मेदारी।

उत्तर प्रदेश में एक दशक पहले तक बीजेपी की स्थिति यह थी कि वह सत्ता का बनवास झेल रही थी। राम मंदिर आंदोलन के समय एक बार कल्याण सिंह की बदौलत प्रदेश में भाजपा को सत्ता में आने का मौका मिला था। सूत्रों की माने तो चुनाव से पहले ही इस तरह की खबरें सामने आ रहीं थीं कि चुनाव के बाद बंसल यूपी बीजेपी के संगठन मंत्री के दायित्व से मुक्त हो जाएंगे। हालांकि चुनाव के दौरान बीजेपी को पुर्णबहुमत की सरकार बनी है उसमें बंसल के योगदान को कम करके नहीं आंका जा सकता है। बंसल ही वह शख्स थे जिन्होंने यूपी में बीजेपी के लिए गेमचेंजर होने की भूमिका निभाई है। हालांक इस दौरान बंसल तो आठ सालों तक अपने पद पर कायम रहे लेकिन इस दौरान बीजेपी को कई प्रदेश अध्यक्ष मिले। इसमें लक्ष्मीकांत वाजेपयी, महेंद्र नाथ पांडेय, केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्रदेव सिंह ने उनके साथ काम किया। इनमें से कुछ प्रदेश अध्यक्ष ऐसे भी थे जिनके साथ बंसल की ट्यूनिंग सही नहीं रही। लेकिन इन चुनौतियों के बीच बंसल ने अपने रणनीतिक कौशल का बखूबी परिचय दिया।


भाजपा ने उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री सुनील बंसल को प्रदेश से हटा देने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी इसको लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बता दें कि पिछले 8 सालों से सुनील बंसल महामंत्री संगठन का जिम्मा संभाल रहे थे। 2014 लोकसभा चुनाव में सुनील बंसल को प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया था। 80 में से 73 लोकसभा सीटें जिताने में हुए कामयाब, इसके बाद उन्हें प्रदेश का संगठन मंत्री बनाया गया था। सुनील बंसल को तेलंगाना में पार्टी को मजबूत बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। अगले वर्ष तेलंगाना में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले वे राज्य में पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे। इसी वर्ष हैदराबाद में पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का आयोजन कर तेलंगाना को लेकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी।सुनील बंसल को 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश का को-इंचार्ज बनाया गया था। इस चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में 80 में से 73 लोकसभा सीटें जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। इस चुनाव में वे अमित शाह का साथ दे रहे थे। इसके बाद उन्हें प्रदेश का संगठन मंत्री बनाया गया और उनके कार्यकाल में भाजपा ने शानदार सफलता हासिल की।

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