लखनऊ की कवयित्री अलका अस्थाना ‘अमृतमयी’ ने रचा इतिहास

लखनऊ की कवयित्री अलका अस्थाना ‘अमृतमयी’ काव्य सलिला वल्र्ड रिकार्ड लंदन की हिस्सा बनीं।


नई दिल्ली के बाल भवन के निकट हिंदी भवन में आयोजित भारत के रेमन मैग्सेसे अवार्डीज पर प्रथम अंतरराष्ट्रीय काव्य संग्रह काव्य सलिला लोकार्पण किया गया ।गत शनिवार 23 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम में वल्र्ड रिकार्ड बना। इस काव्य संग्रह में 59 भारत के रेमन मैग्सेसे अवार्डीज पर लिखे गये लेखकों का काव्य और उनका परिचय है जो कि वल्र्ड रिकार्ड हैै ।
कार्यक्रम के अध्यक्ष पद्म भूषण डाॅ सुभाष कश्यप लोकसभा के पूर्व महासचिव एवं प्रतिष्ठित संविधान विशेषज्ञ लोकमुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायामूर्ति व पूर्व प्रमुख लोकायुक्त शंभूनाथ श्रीवास्तव रहे व श्रीमती सत्या बहिन पूर्व सांसद एवं अध्यक्ष , संसदीय हिंदी परिषद प्राचार्य श्री तिलक राज टक्कर आर्ट आफ लिविंग संकाय , पद्म श्री डाॅ श्याम सिंह शशि प्रतिष्ठित साहित्यकार सपना सुकुल, वल्र्ड आफ रिकार्ड यू.के., संचालन डाॅ पूनम माॅडिया डाॅ कीर्ति गोयल, डाॅ निशा केवलिया।

कार्यक्रम संयोजन संतोष खन्ना पद्म भूषण साहित्यकार रहीं। मुख्य अतिथि शंभूनाथ श्रीवास्तव व संतोष खन्ना द्वारा उन्हें काव्य सलिला का गोल्ड एडीशन, स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर अलका अस्थाना ‘अमृतमयी’ को सम्मानित किया। डाॅ संतोष खन्ना, व डाॅ साधना गुप्ता द्वारा संपादित पुस्तक काव्य सलिला में अलका अस्थाना ने हरीश हांडे जिन्हांने गरीबों के घर सौर उर्जा के द्वारा उनके घरों को रोशन किया था। वे एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता थे। हरीश का यह काम दुनिया भर में सराहा गया था। उन्हें रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से नवाजा गया था। अलका अस्थाना अमृतमयी ने हरीश हांडे के बारे में कविता लिखी और लखनऊ का नाम रोशन कर वल्र्ड रिकार्ड बनाया। उन्हें विधि भारती परिषद द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव पर भी सम्मानित किया गया। उनका जन्म लखनऊ में हुआ और वो निरन्तर साहित्य सेवा में रत् है विभिन्न संस्थाओं द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। उनके दो काव्य संग्रह उस पार तक और सपनों सी ये धूप प्रकाशित हो चुके है। वे आकाशवाणी दूरदर्शन से भी निरंतर जुड़ी है।

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