‘यू.एन. इण्टरनेशनल डे ऑफ एजूकेशन’ का भव्य आयोजन।

सी.एम.एस. में ‘यू.एन. इण्टरनेशनल डे ऑफ एजूकेशन’ का भव्य आयोजन भावी पीढी ही विश्व समाज की आधारशिला है ।


डा0 जगदीश गाँधी

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, अलीगंज (द्वितीय कैम्पस) द्वारा आयोजित ‘यू.एन. इण्टरनेशनल डे ऑफ एजूकेशन’ का वर्चुअल उद्घाटन आज प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह शैक्षिक समारोह छात्रों के व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक सार्थक पहल है। सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने इस अवसर पर कहा कि आज की भावी पीढ़ी ही विश्व समाज की आधारशिला है। ऐसे में हम सभी का यह दायित्व है कि नई पीढ़ी को इस प्रकार शिक्षित व मार्गदर्शन प्रदान किया जाए जिससे आदर्श विश्व समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सके। इस अवसर पर प्रख्यात समाज सेविका एवं पद्मश्री अवार्डी सुश्री जनक पाल्टा मैक्गिलन, अमेरिका की दारा फेडमैन एवं रूस की सुश्री नीना गोन्चार्वा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। विदित हो कि सी.एम.एस. द्वारा आयोजित इस अन्तर्राष्ट्रीय शैक्षिक महोत्सव में कुवैत, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात एवं भारत के विभिन्न प्रान्तों के छात्रों ने एक से बढ़कर रोचक व ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं द्वारा अपनी शैक्षिक एवं सृजनात्मक क्षमता का जोरदार प्रदर्शन किया।इससे पहले, जूम वर्चुअल प्लेटफार्म पर स्कूल प्रार्थना, सर्वधर्म प्रार्थना व विश्व शान्ति प्रार्थना से ‘इण्टरनेशनल डे ऑफ एजूकेशन’ का विधिवत शुभारम्भ हुआ।

इस अवसर पर सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन एवं चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफीसर श्री रोशन गाँधी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। ‘इण्टरनेशनल डे ऑफ एजूकेशन’ की संयोजिका एवं सी.एम.एस. अलीगंज (द्वितीय कैम्पस) की प्रधानाचार्या श्रीमती संविदा अधिकारी ने सभी प्रतिभागी छात्रों व शिक्षकों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शैक्षिक समारोह छात्रों के मनोबल को बढ़ाने में अत्यन्त सफल साबित हुआ है। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि इस अन्तर्राष्ट्रीय शैक्षिक समारोह की विभिन्न रोचक व ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं हेतु देश-विदेश के 55 विद्यालयों के छात्रों ने बड़ी संख्या में अपनी प्रविष्टियाँ भेजी हैं, जिनमें लिव द रिदम (वाद्ययंत्र वादन) हेतु विभिन्न वाद्ययंत्रों पर छात्रों की प्रतिभा का प्रदर्शित करती एक से बढ़कर एक प्रविष्टियाँ
प्राप्त हुई हैं तो वहीं दूसरी ओर न्यू एज न्यूटन (प्रयोगात्मक विज्ञान) प्रतियोगिता हेतु छात्रों के ज्ञान- विज्ञान, जिज्ञास, कुछ नया करने की क्षमता की अनूठी प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई हैं। इसी प्रकार, पेपरिज्जा (फैशन शो) हेतु छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा निखर कर सामने आयी है जबकि एलोक्वेन्ट एक्सप्रेशन्स (कविता पाठ) में छात्रों की अभिव्यक्ति क्षमता देखते ही बनती है। इसी प्रकार, सनसाइन ह्यूज (फेस पेन्टिंग), पैराडिम (मॉडल मेकिंग), रेज्माट्जा (समूह गान) आदि विभिन्न प्रतियोगिताओं हेतु ढेरों दर्शनीय प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई हैं।

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