“संकट हर लो मंगल कर दो प्यारे शिव गौरा के लाल”

“संकट हर लो मंगल कर दो प्यारे शिव गौरा के लाल”


मनकामेश्वर मठ मंदिर में मना सकट पर्व,महादेव और गौरा संग पूजे गए प्रथम देव गणपति।
 
      लखनऊ। माघ मास की चतुर्थी पर शुक्रवार 21 जनवरी को डालीगंज के प्रतिष्ठित मनकामेश्वर मठ मंदिर में परंपरा के अनुरूप महादेव और गौरा के लाल, प्रथम देव गणेश का विधिविधान से पूजन किया गया। महिलाओं ने तिलकुटा पर्व मनाते हुए बच्चों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर जरूरतमंद बच्चों को गर्म कपड़ें भी महादेव के आशीर्वाद के रूप में वितरित किये गए।संकष्टी चतुर्थी, विनायक चतुर्थी, वक्रतुण्डी चतुर्थी जैसे कई नामों से प्रचलित इस पर्व पर महिला मंडली की ओर से सकट की कथा कही गई। उसमें भगवान गणेश की महिमा से बच्चों के जीवन पर आया संकट टलने के प्रसंग का उल्लेख किया गया। पूजन में भगवान महादेव और गौरी के साथ गणपति का पूजन किया गया। गजानन महाराज को खासतौर से दूर्वा, तिल गुड़ के लड्डू, फल, शकरकंदी, ईख आदि अर्पित किये गए। महिलाओं ने तिल, गुड और मेवे से बकरे का आकार थाली में उकेरा जिसकी सांकेतिक बली बच्चे द्वारा करवायी गई। इस अवसर पर महिलाओं ने स्तुतियां भी गायीं। आकर्षक रूप से सजे मंदिर परिसर में ढोल मंजीरे के साथ महिलाओं ने “गौरा के लाल शिव के दुलारे गणेश जी, हर कष्ट करो दूर हमारे गणेश जी” और “संकट हर लो मंगल कर दो प्यारे शिव गौरा के लाल” जैसे कई भजन भी गाए।


      श्रीमहंत देव्यागिरि ने इस अवसर पर सकट पर्व की प्रासंगिकता पर कहा कि यह पर्व जहां आस्था से जुड़ा है वहीं यह बच्चों के प्रति अभिभावकों को अधिक सजग रहने का संदेश भी देता है। कोरोना काल में जब कि बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं आयी है ऐसे में माताओं का यह दायित्व बन जाता है कि वह कोविड प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से करवाएं। उन्होंने बताया कि दूसरी ओर यह पर्व लोगों को शीतकाल में तिल गुड़ आदि गर्म तासीर की वस्तुओं के सेवन की राह भी दिखाता है। इनके सेवन से हर व्यक्ति में रोग प्रतिरोधकता भी बढ़ेगी। इस अवसर पर उपमा पाण्डेय, सुनीता चौहान, मालती शुक्ला, राम दुलारी, मंजू कश्यप, ज्योति कश्यप की मंडली ने मंदिर परिसर में पूजन अर्चन गायन किया। रात में चंद्रोदय होने पर माताओं ने अपने निवास स्थल से चंद्र देव को अर्घ्य देकर फलाहार ग्रहण किया और इस व्रत को सफलता के लिए महादेव का आभार प्रकट किया। शनिवार से अब वह अन्न ग्रहण करेंगी।

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