सड़क सुरक्षा नियम

सड़क सुरक्षा नियम से क्या तात्पर्य है? सड़क सुरक्षा आज हमारे लिए एक गंभीर विषय बना हुआ है। इसके लिए हमें एक गहन अध्ययन की जरूरत है। क्योंकि जैसे-जैसे मानव तरक्की की राह पर चल रहा है, वैसे वैसे ही हम अपने आराम के साधन भी जोड़ रहे हैं।

पहले हम पैदल यात्रा किया करते थे लेकिन जैसे-जैसे मानव ने तरक्की की है, पहले बैलगाड़ी, साइकिल, मोटरसाइकिल और आज तो हम एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए कार आदि का प्रयोग करने लगे हैं। जैसे-जैसे हमारी जरूरतें बढ़ती जा रही हैं वैसे ही वाहनों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसी के साथ दुर्घटनाओं की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

दिन प्रतिदिन बढ़ती दुर्घटनाओं का कारण जागरूकता की कमी है। हम आज इतने सक्षम ज़रूर हो गए हैं कि हर तीसरे आदमी के पास कार है। वह कहीं भी आने-जाने के लिए अपनी खुद की गाड़ी से जाना पसंद करता है, लेकिन केवल गाड़ी खरीदने या चलाने से कुछ होने वाला नहीं है। यदि हम यातायात के नियमों को लेकर जागरूक नहीं है।

जब तक हमें सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी नहीं होगी तब तक हम यूं ही दुर्घटना के शिकार होते रहेंगे। इसलिए आज हम सभी को खासकर युवा पीढ़ी को सड़क सुरक्षा नियमों को जानने की बहुत जरूरत है।

पैदल यात्रियों के लिए नियम
क पर पैदल यात्रा करते समय हमेशा वाहनों से सतर्क रहें।हमेशा फुटपाथ पर ही चलें जहां फुटपाथ ना हो वहां हमेशा बाईं ओर चलें।रात में सड़क पर निकलने से पहले हो सके तो सफेद या हल्के रंग के व चमकीले कपड़े पहने। ताकि वाहन चालक को आप दूर से दिखाई दे।बच्चों के साथ चलते समय उनका हाथ पकड़े रखें और उन्हें ट्रैफिक की तरफ न चलने दें।सड़क पार करते समय हमेशा ज़ैब्रा क्रॉसिंग का इस्तेमाल करें और जहां ज़ैब्रा क्रॉसिंग ना हो वहां दोनों तरफ देखें और फिर सड़क पार करें।

शराब पीकर सड़क पर ना चले। सड़क पार करते समय मोबाइल फोन का प्रयोग ना करें।तीव्र मोड़ पर सड़क पार ना करें।रेलिंग से छलांग लगाकर सड़क पार ना करें।पुलिस एंबुलेंस या कोई भी आपातकालीन वाहन को रास्ता दें।

वाहन चालकों के लिए सड़क सुरक्षा नियम

वाहन चलाने से पहले

वाहन चलाने से पहले चालक का स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए।चालक को हमेशा विनम्र और धैर्यशील रहना चाहिए।ड्राइविंग करने से पहले किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।ऐसे जूते, चप्पल या पोशाक न पहनें जिससे आपको ड्राइविंग में कठिनाई हो ।कार में सामान को इस तरह न रखें कि आपको ड्राइविंग में किसी भी कोण पर मोड़ने में कोई कठिनाई हो।चलने से पहले एक बार वाहन के चारों ओर घूम कर निरीक्षण जरूर करें कि कहीं वाहन के टायर या किसी अन्य पार्ट में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं है।गाड़ी में बैठकर ड्राइविंग करने से पहले पेट्रोल की मात्रा जरूर चेक करें ताकि यात्रा के समय आपको कोई परेशानी ना हो।गाड़ी स्टार्ट करने से पहले सीट बेल्ट जरूर लगाएं।

चलने से पहले साइड मिरर को अपने हिसाब से सेट कर ले ताकि बाद में ड्राइविंग करते समय आपको पीछे की वस्तु देखने में कोई कठिनाई न हो।जेबरा क्रॉसिंग पर हमेशा धीरे चलें।

खड़े वाहन की साइड से जाते समय अपनी गाड़ी की गति धीमी रखें क्योंकि वहां से कोई भी बच्चा या बुजुर्ग निकल सकता है।

सड़क का इस्तेमाल करने वाले हर एक व्यक्ति के लिए किन्ही विशेष परिस्थितियों या स्थानों पर रास्ता पाने का अधिकार होता है। ट्रैफिक को सहजता पूर्वक चलाने के लिए और सड़क का इस्तेमाल करने वाले सभी व्यक्तियों के हित के लिए हमें उन पर भड़कने की बजाय उन्हें रास्ता देना चाहिए।

लाल/ नीली बत्ती वाले वाहन जैसे एंबुलेंस अग्निशामक आदि को रास्ता देना चाहिए।रात्रि के समय ड्राइविंग करते हुए आगे से आते वाहन को देख अपनी हैडलाइट्स नीची कर लेनी चाहिए। ताकि आगे से आने वाले वाहन चालक को रास्ता दिखाई दे सके।

पहाड़ों के ऊपर को आते हुए वाहनों को नीचे जाने वाले वाहनों द्वारा रास्ता दिया जाता है। ऐसे में आपको अपना वाहन बाई ओर रखना चाहिए या अपनी गाड़ी रोककर उन्हें रास्ता देना चाहिए।अपने वाहन की गति के हिसाब से दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाए रखें ताकि दुर्घटना से बचा जा सके।

MSM

M:- मिरर – शीशे में देखें।

S:- सिग्नल- सिग्नल दे।

M:- मेनू बर- लेन बदलें।

PSL- इसका प्रयोग हम MSM के साथ ही करते हैं।

P:- पोजीशन-वाहन मोड़ते समय वाहन को सही पोजीशन दें।

S:- स्पीड- गति नियंत्रित करें।

L:- लुक:- देखें कि आपकी इच्छित लेन खाली है या नहीं।

सड़क सुरक्षा नियम…..

दुर्घटना की स्थिति में इमरजेंसी एक्शन सिद्धांत किसी मेडिकल एजेंसी की स्थिति में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें;

इस बात का ध्यान रखें कि वह स्थान साफ सुथरा हो।पुलिस एंबुलेंस को इमरजेंसी राहत के लिए कॉल करें।

निम्न अंकित की जांच करें;

    . वायु मार्ग खुले हो

    . सांसों की जांच करें

    . कृत्रिम स्वांस दे और किसी प्रकार के रक्त प्रवाह की जांच करें।

घायल को आराम में रहने दें और भरोसा दिलाते रहे।

दूसरों को मदद करने के लिए पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। इस बात का ध्यान रखें कि आप आग व धुए से दूर हो जो किसी वाहन दुर्घटनाग्रस्त की स्थिति में आम होता है। यदि ऐसा ना हो तो आप घायल को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करें। हालांकि सुझाव दिया जाता है कि बिना एक्सपर्ट की मदद मिले आप घायल को शिफ्ट ना करें। पर यदि स्थान सुरक्षित नया हो तो ऐसी स्थिति में घायल को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। इस बात का भी ध्यान रखें कि दुर्घटना स्थान से कोई कांच के टुकड़े या नुकीली चीज में आ गई हो। इसका ख्याल रखें कि आने वाले वाहनों का कोई खतरा न हो। अंत में मैं यही आशा करता हूं कि आप सभी को सड़क सुरक्षा नियम के बारे में बहुत जानकारी हो गई है और आप सभी इन नियमों का बखूबी पालन करेंगे।

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