- दीपोत्सव-2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक।
- मुख्यमंत्री योगी ने खींचा राम रथ, उपराष्ट्रपति ने भी राज्याभिषेक समारोह में की सहभागिता।
- 1528 से अब तक अयोध्या की ऐतिहासिक यात्रा और बदलावों को दर्शाती प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन।
- हेलीकॉप्टर से आगमन और भरत मिलाप के मंचन ने रामकथा पार्क में साकार किया भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी का भव्य प्रसंग।
- अयोध्या की सड़कों पर उतरी रामकथा, भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ दसवां दीपोत्सव।
- साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक निकली शोभायात्रा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दिखाई हरी झंडी।
- रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियों ने दिखाई प्रभु श्रीराम की जीवन यात्रा, लोकगीत और लोकनृत्यों ने बिखेरे लोक संस्कृति के रंग।
- ढेड़िया, मयूर, बम रसिया और नटवरी नृत्य से सजी रामनगरी, दीपोत्सव-2026 की शोभायात्रा में दिखी सांस्कृतिक विविधता।
उत्साह और उमंग से सराबोर हुई रामनगरी, पिछले नौ वर्षों के कीर्तिमान पीछे छोड़ेगा दीपोत्सव-2026: जयवीर सिंह
अयोध्या। राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर रामकथा के रंगों में सराबोर हो उठी। सड़कों पर सजी रामायण के प्रसंगों की झांकियां, लोकगीतों की गूंज और अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक लोकनृत्य, इन सबने दीपोत्सव के दसवें आयोजन की शुरुआत को खास बना दिया।शनिवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक निकलने वाली भव्य शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही अयोध्या में दीपोत्सव-2026 के उत्सव का आगाज हुआ।
इस शोभायात्रा में शामिल झांकियां रामायण के सातों कांडों बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड पर आधारित थीं। इन झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया। इनके माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों से लेकर उनके अयोध्या आगमन तक की कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इन झांकियों ने शहर के सार्वजनिक स्थलों को रामकथा के रंग में रंग दिया। शोभायात्रा का उद्देश्य केवल रामायण के प्रसंगों को प्रदर्शित करना ही नहीं, बल्कि लोगों को अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ना भी रहा।

भव्य शोभायात्रा में बिखरे प्रदेश की लोकसंस्कृति के रंग
दीपोत्सव-2026 की इस भव्य शोभायात्रा में उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों की लोककलाओं और पारंपरिक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां हुईं। मथुरा के मयूर नृत्य और बम रसिया, प्रयागराज के ढेड़िया नृत्य, बांदा के पाई डंडा, सोनभद्र के मांदल और सिंघा, अयोध्या के बधावा, गाजीपुर के धोबिया, गोरखपुर के वनटांगिया, अयोध्या और गोरखपुर की फरवाही तथा सुलतानपुर के नटवरी नृत्य ने दर्शकों का ध्यान खींचा। शोभायात्रा में उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्य की प्रस्तुति भी हुई। इन लोककलाओं ने रामनगरी की सड़कों पर देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ यह उत्सव दिनभर चलने वाले दीपोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों की पहली कड़ी है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि राम की अयोध्या, विरासत और आस्था की अयोध्या में इस समय हर्षोल्लास का माहौल है। दीपोत्सव को लेकर पूरी रामनगरी उत्साह और उमंग से भरी हुई है। वर्ष 2026 का दीपोत्सव भी पिछले नौ वर्षों के सभी कीर्तिमानों को पीछे छोड़ते हुए एक नया इतिहास रचेगा। यह आयोजन भगवान श्रीराम के प्रति जन-जन की आस्था, प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोगों की सामूहिक भागीदारी का प्रतीक बन चुका है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2017 से दीपोत्सव लगातार भव्य स्वरूप ले रहा है। यह आयोजन अब आस्था, संस्कृति और जनभागीदारी के बड़े उत्सव के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव ने अयोध्या को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर वर्ष इस आयोजन का विस्तार अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के साथ ही यहां पर्यटन की संभावनाओं को भी मजबूत कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के दसवें दीपोत्सव के अवसर पर रामनगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम के आगमन का प्रसंग भव्य एवं दिव्य स्वरूप में साकार हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीकात्मक रूप से राम रथ खींचकर भगवान श्रीराम का स्वागत किया। इसके बाद रामकथा पार्क में आयोजित भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सहभागिता की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामकथा पार्क में लगाई गई विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में वर्ष 1528 से लेकर अब तक अयोध्या की ऐतिहासिक यात्रा, शहर के विकास और समय के साथ उसके बदलते स्वरूप को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। इसमें अयोध्या के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकासपरक बदलावों को प्रमुखता से दर्शाया गया। दोपहर में भगवान श्रीराम और माता सीता का स्वरूप धारण किए कलाकारों का हेलीकॉप्टर के माध्यम से रामकथा पार्क के समीप आगमन हुआ। इसके उपरांत भरत मिलाप का भावपूर्ण मंचन किया गया, जिसमें भगवान श्रीराम और भरत के पुनर्मिलन के प्रसंग को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इस प्रकार भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन से लेकर उनके राज्याभिषेक तक की संपूर्ण रामकथा को समारोह के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।
रामकथा पार्क में आयोजित समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भगवान श्रीराम एवं माता सीता की पूजा-अर्चना की तथा आरती उतारी। इसके उपरांत भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर पूज्य संतों का सम्मान भी किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
इससे पूर्व सुबह साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां और लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया, वहीं लोक कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्सव की भव्यता को और बढ़ाया। दीपोत्सव के अगले चरण में शनिवार शाम सरयू तट पर भव्य महाआरती और राम की पैड़ी पर विशाल स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन का आयोजन किया जाएगा।



