यूपी में कृषि निर्यात को मिलेगा बढ़ावा, आर-फैक और एपीडा ने निर्यातकों को दिए गुणवत्ता मानकों के गुर। अब प्रदेश में ही होगी कृषि एवं प्रसंस्कृत उत्पादों की विश्वस्तरीय जांच, दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं; कम समय और कम लागत में मिलेगी विश्वसनीय रिपोर्ट।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और निर्यातकों को विश्वस्तरीय जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर क्षेत्रीय खाद्य अनुसंधान एवं विश्लेषण केंद्र (आर-फैक/RFRAC), लखनऊ ने कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा/APEDA) के सहयोग से ‘कृषि निर्यात गुणवत्ता मानक और अनुपालन’ विषय पर एक दिवसीय संवेदीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय, लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए निर्यातकों, प्रगतिशील उद्यमियों, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े हितधारकों और सरकारी विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, खाद्य सुरक्षा नियमों और निर्यात संबंधी प्रक्रियाओं की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
प्रदेश में ही मिलेंगी विश्वस्तरीय जांच सुविधाएं
कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा अध्यक्ष, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश श्री बी.एल. मीना (आईएएस) ने की। उन्होंने बताया कि एनएबीएल (NABL) से मान्यता प्राप्त और एपीडा द्वारा सूचीबद्ध प्रयोगशाला के रूप में आर-फैक प्रदेश के कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र बनकर उभरा है।
इस सुविधा के माध्यम से प्रदेश के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के साथ-साथ मृदा के नमूनों की जांच भी स्थानीय स्तर पर कराई जा सकेगी। निर्यातकों को जांच के लिए दूसरे प्रदेशों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी तथा कम समय में विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर जांच सुविधाओं की उपलब्धता से निर्यात संबंधी प्रक्रियाओं को सुगम बनाने और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एपीडा के उप महाप्रबंधक डॉ. सी.बी. सिंह ने कृषि उत्पादों के निर्यात से जुड़े विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों और अनुपालन प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने खाद्य सुरक्षा, पादप स्वच्छता संबंधी नियमों, अवशेष निगरानी, प्रयोगशाला परीक्षण, उत्पादों की ट्रैसेबिलिटी और प्रमाणन प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया। साथ ही वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और एपीडा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं प्रमुख पहलों के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया। डॉ. सिंह ने कहा कि भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन और निर्यात संबंधी आवश्यक प्रक्रियाओं का अनुपालन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
निर्यातकों को मिलेगी तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी
कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए निर्यातकों और उद्यमियों को गुणवत्ता परीक्षण, अंतरराष्ट्रीय मानकों और निर्यात अनुपालन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्यात प्रक्रिया को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। इस पहल से निर्यातकों को स्थानीय स्तर पर जांच सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही निर्यात संबंधी समस्याओं के समाधान, गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की आवश्यकताओं को समझने में सहायता मिलेगी।
विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने किया प्रतिभाग
कार्यक्रम में हॉफेड के अध्यक्ष श्री नवलेश प्रताप, खाद्य प्रसंस्करण विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. एम.पी. सिंह, उद्यान विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न निर्यातक संस्थाओं और चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि श्री मुकेश सिंह उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त क्यू लिंक से श्री अमित अग्रवाल, उत्कृष्टि फाउंडेशन से श्री पीयूष सिंह, मोही एक्सपोर्ट से श्री दीपक मिश्रा, बी.एम.सी. से श्री भानू प्रताप सिंह, कंसल्टेंट श्री अमित चिकारा तथा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से डॉ. एस.के. कटियार सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया और तकनीकी जानकारियां साझा कीं।
वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों की स्वीकार्यता बढ़ाने पर जोर
माध्यम से प्रदेश में कृषि निर्यात की संभावनाओं को विस्तार देने, निर्यातकों को गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूक बनाने और स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया गया। आर-फैक और एपीडा के संयुक्त प्रयासों से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांच और निर्यात अनुपालन की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के निर्यातकों को समय और संसाधनों की बचत के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद तैयार करने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में आर-फैक के निदेशक डॉ. हरीश कुमार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए निर्यातकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।



