मुख्य सचिव ने लम्बित अनुमतियों के त्वरित निस्तारण एवं पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के दिये निर्देश। हाईराइज भवनों, सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, पुलिस लाइन्स एवं शासकीय कॉलोनियों में एलपीजी के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर।
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार एवं विकास तथा घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में सीजीडी नेटवर्क का विस्तार और पीएनजी कनेक्शनों की संख्या में वृद्धि शासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों, जिला प्रशासन एवं गैस वितरण कंपनियों को समन्वित प्रयास करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लम्बित आवेदनों पर संबंधित विभाग शीर्ष प्राथमिकता पर अनुमतियां एवं अनापत्तियां जारी करें। सभी विभाग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सीजीडी कंपनियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराएं, ताकि गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार में अनावश्यक विलम्ब न हो। मुख्य सचिव ने सीजीडी कंपनियों को निर्देशित किया कि जिला प्रशासन एवं संबंधित प्राधिकारियों द्वारा जारी डिमाण्ड नोट, प्रतिभूति धनराशि जमा कराने तथा अन्य अपेक्षित औपचारिकताओं से संबंधित सभी लम्बित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही, इनकी अद्यतन स्थिति नोडल एजेंसी (GGL) को उपलब्ध कराएं। सभी कंपनियां अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में अधिकाधिक घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पीएनजी कनेक्शन स्थापित करने के लिए विशेष अभियान चलाएं।
उन्होंने प्रदेश के सभी नगर विकास प्राधिकरणों एवं नगर निकायों के अंतर्गत आने वाली हाईराइज बिल्डिंगों में पीएनजी कनेक्शन का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) एवं भवन स्वामियों के समूहों के साथ बैठकें आयोजित कर उन्हें पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इस संबंध में जिलाधिकारियों, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों एवं नगर निगमों के आयुक्तों के लिए पीएनजी कनेक्शन जारी करने के लक्ष्य निर्धारित करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना के माध्यम से नए कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, पीएनजी कनेक्शन स्थापित होने के उपरान्त एलपीजी कनेक्शन समर्पित कराने की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि Exempted Category के अंतर्गत आने वाले पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में एलपीजी सिलेंडरों के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्राथमिकता से की जाए। इसके अतिरिक्त राज्य सम्पत्ति विभाग के अधीन सभी शासकीय भवनों एवं गेस्ट हाउसों, जिलाधिकारी परिसरों, पुलिस लाइन्स, अस्पतालों, शासकीय कॉलोनियों तथा अन्य सरकारी अतिथि गृहों में भी एलपीजी के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने जिला स्तरीय समितियों को जनपदों में पीएनजी कनेक्शन स्थापित किए जाने की प्रगति की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करें तथा विभागों एवं गैस वितरण कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें।
भारत सरकार द्वारा प्रारम्भ किए गए पीएनजी ड्राइव-3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। इसके अंतर्गत नए पीएनजी कनेक्शन जारी करने, निष्क्रिय पीएनजी कनेक्शनों को पुनः सक्रिय करने तथा नए पीएनजी कनेक्शनों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने संबंधित जनपदों एवं विभागों को इस अभियान के लक्ष्यों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद अनिल कुमार, प्रमुख सचिव नगर विकास पी.गुरुप्रसाद सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।



