प्रभु श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का खुलासा

 डिंपल यादव ने कहा कि सरकार एफसीआरए बिल के जरिए एनजीओ और अल्पसंख्यक संस्थाओं पर दबाव बनाना चाहती है। उनकी जमीनों को कब्जा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि आरएसएस रजिस्टर्ड है या नहीं, उसे चलाने के लिए पैसे कहां से आते हैं? डिंपल यादव ने कहा कि चढ़ावा चोरी पर खुद मुख्यमंत्री ने कहा था कि ‘दूध का दूध और पानी का पानी‘ करेंगे। उन्होंने अयोध्या की न जाने कितने चक्कर लगाए। जब अयोध्या में प्रभु श्री राम के मंदिर में चढ़ावा चोरी का खुलासा हुआ तो पहले दबाने की कोशिश की गई, बाद में लीपापोती करने लगे।

अयोध्या में जमीनों की खरीद में भारी धांधली हुई। जमीनों के खरीद में कमीशन खोरी और घोटाला हुए। सस्ते दामों पर खरीदी गई जमीनों को ट्रस्ट ने महंगी कीमतों खरीदी हैं। प्रभु श्रीराम के मंदिर में जो चढ़ावा और दान आया उसकी चोरी हुई। दान पेटियों से दान गायब है। विपक्ष की मांग है कि चढ़ावा चोरी और चंदा चोरी के पूरे मामले पर सरकार स्पष्टीकरण दे। मुख्यमंत्री जी भी स्पष्टीकरण दें कि जब कई साल से चोरी चल रही थी, तो यह उनकी नजरों के सामने कैसे नहीं आई? डिंपल यादव ने कहा कि पूरे विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री जी सदन में आए और दिल्ली में छात्रों के साथ हुए बर्बरता और अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले में जवाब दें।

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