लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले धंसा!अखिलेश बोले-किसका हुआ विकास?

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि उद्घाटन से पहले ही एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा धंस गया है। उन्होंने इसे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल बताते हुए सरकार को घेरा। एक्सप्रेसवे इसलिए बनते हैं कि लोग तेज़ी से बेफ़िक्र होकर चलें, इसलिए नहीं कि लोग रस्ते भर ऊपरवाले का नाम जपें। वहीं, मामले को लेकर सरकार और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया का भी इंतजार है।


भाजपा सरकार में इधर 4700 करोड़ से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे उद्घाटन से पहले धँसा, उधर भाजपा की ही सरकार में महाराष्ट्र में 6700 करोड़ में बना ‘मिसिंग लिंक’ का हाल-बेहाल हुआ जिससे वो भाजपा सरकार और भ्रष्टाचारियों के ‘कनेक्टिंग लिंक’ के रूप में पूरे विश्व में बदनाम हो गया। भाजपा शासित राज्यों में ‘महा-भ्रष्टाचार की प्रतियोगिता’ चल रही है क्या? ये दोनों लखनऊवालों ने डिज़ाइन किए हैं क्या?
जितना समय दो शहरों के बीच लगेगा उससे ज़्यादा तो एक्सप्रेसवे से शहर में प्रवेश करने में लगेगा। जनता पूछ रही है कि ये जनता की सुविधा के लिए डिज़ाइन किया गया है या भाजपाई ठेकेदारों को मुनाफ़ा कमवाने के लिए?


अगर भ्रष्टाचार की वजह से यही हाल रहा तो 40 मिनट के सफ़र पर निकलने से पहले यात्री 40 बार सोचेगा। गति यदि सुरक्षित नहीं है तो उसका कोई अर्थ नहीं है। ₹4,700 करोड़ की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के ठीक पहले धंसने और फेंसिंग टूटने की तस्वीरें सामने आई हैं। इस घटना और निर्माण गुणवत्ता को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और खराब डिजाइन के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस 6 लेन के एक्सप्रेसवे का उद्घाटन आज 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री,योगी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शाम ४ बजे करेंगे।

सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा,‘‘एक्सप्रेसवे इसलिए बनाए जाते हैं कि लोग बेफिक्र होकर तेजी से सफर कर सकें,न कि पूरे रास्ते भगवान का नाम जपते रहें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार में 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले ही धंस गया,‘‘क्या भाजपा शासित राज्यों में ‘महाभ्रष्टाचार की प्रतियोगिता’ हो रही है? क्या इन दोनों परियोजनाओं का डिजाइन लखनऊ वालों ने तैयार किया है?’’

अखिलेश यादव ने दावा किया कि,‘‘दो शहरों के बीच की यात्रा में जितना समय लगेगा, उससे अधिक समय तो एक्सप्रेसवे से शहर में प्रवेश करने में लग जाएगा। जनता पूछ रही है कि यह परियोजना लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई है या भाजपा से जुड़े ठेकेदारों को मुनाफा पहुंचाने के लिए?अगर भ्रष्टाचार की वजह से यही हाल रहा, तो 40 मिनट की यात्रा पर निकलने से पहले यात्री 40 बार सोचेगा। यदि गति सुरक्षित नहीं है, तो उसका कोई अर्थ नहीं है।’’

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