UP:विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा

  • मुख्यमंत्री ने डॉ0 राम मनोहर लोहिया उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी के अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण किया
  • प्रशासनिक अधिकारियों की क्षमता, सकारात्मक सोच, नवाचार और टीमवर्क विकसित उ0प्र0 के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति।
  • डॉ0 राम मनोहर लोहिया उ0प्र0 प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी केवल उ0प्र0 ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रशिक्षण का केन्द्र बनेगा, यह विकसित
  • उ0प्र0 और विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा
  • प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था ने विगत 09 वर्षों में सुशासन, पारदर्शिता और विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए
  • प्रदेश में दूरदर्शी नेतृत्व, आधुनिक तकनीक, पर्याप्त संसाधन तथा स्थिर एवं परिणाम देने वाली सरकार, राज्य देश की सबसे तेजी से
  • उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना चुका
  • प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उ0प्र0 देश के अग्रणी राज्यों में आने वाले वर्षों में प्रदेश की प्रगति प्रशासनिक निर्णयों, संस्थागत क्षमता तथा प्रभावी कार्यशैली पर निर्भर करेगी
  • प्रधानमंत्री के मिशन कर्मयोगी के अन्तर्गत आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर प्रदेश के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी इसका प्रमाण कि राज्य प्रशासन निरन्तर सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध
  • प्रशासनिक व्यवस्था को सतत सीखने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन, नवाचार तथा उत्कृष्टता के साथ कार्य करना होगा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की क्षमता, सकारात्मक सोच, नवाचार और टीम वर्क ही विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था ने विगत 09 वर्षों में सुशासन, पारदर्शिता और विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। पूर्व मुख्य सचिवों का अनुभव वर्तमान प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पॉलिसी पैरालिसिस से मुक्त होकर परिणाम आधारित कार्य संस्कृति के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश में दूरदर्शी नेतृत्व, आधुनिक तकनीक, पर्याप्त संसाधन तथा स्थिर एवं परिणाम देने वाली सरकार है। प्रदेश देश की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। आने वाले वर्षों में प्रदेश की प्रगति प्रशासनिक निर्णयों, संस्थागत क्षमता तथा प्रभावी कार्यशैली पर निर्भर करेगी।


आज यहाँ ‘डॉ0 राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी’ के अत्याधुनिक नवीन परिसर के लोकार्पण के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने अकादमी परिसर में पौधरोपण तथा अकादमी की व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री जी ने डॉ0 राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी को देश के अग्रणी ‘स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप’ के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। अकादमी का यह आधुनिक परिसर प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह संस्थान केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए उत्कृष्ट प्रशासनिक प्रशिक्षण का केन्द्र बनेगा। यह संस्थान विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा। इसके माध्यम से नॉलेज-टू-गवर्नेंस, गवर्नेंस-टू-डेवेलपमेन्ट, डेवलपमेन्ट-टू-पब्लिक ट्रस्ट तथा पब्लिक-ट्रस्ट-टू-नेशन बिल्डिंग की अवधारणा को साकार किया जा सकता है।


वर्ष 2017 से पूर्व लम्बे समय तक प्रदेश की छवि नकारात्मक बनी हुई थी। लोगों के मन में यह धारणा थी कि देश की कोई भी बड़ी योजना उत्तर प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू नहीं हो सकती। राजनीतिक नेतृत्व की स्पष्ट सोच, प्रशासनिक इच्छाशक्ति तथा जनता के सहयोग से आज उत्तर प्रदेश इस धारणा को पूरी तरह बदलने में सफल हुआ है। प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा लगातार विगत 06 वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस  राज्य बना हुआ है। उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। प्रधानमंत्री के मिशन कर्मयोगी के अन्तर्गत आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर प्रदेश के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी इसका प्रमाण है कि राज्य प्रशासन निरन्तर सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।


विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से विजन डॉक्यूमेन्ट तैयार किया है। विधानमण्डल से लेकर गांव की चौपाल तक व्यापक संवाद आयोजित किए गए। लगभग 300 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से तैयार इस विजन के लिए लगभग 98 लाख सुझाव प्राप्त हुए, जिसकी प्रधानमंत्री जी ने भी सराहना की है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित सुशासन ने आम नागरिक के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में ई-पॉस मशीनों के प्रयोग से पारदर्शिता आयी, फर्जीवाड़ा समाप्त हुआ तथा गरीबों को उनका अधिकार सुनिश्चित हुआ। इसी प्रकार जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति तथा प्रत्यक्ष लाभ अन्तरण (डी0बी0टी0) व्यवस्था के माध्यम से पेंशन, छात्रवृत्ति एवं अन्य सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।


गन्ना किसानों के लिए ई-गन्ना प्रणाली, डिजिटल पर्ची और ऑनलाइन तौल व्यवस्था ने वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान किया गया है। अब किसानों को समय पर जानकारी, पारदर्शी तौल और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो रहा है। प्रदेश ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां प्राप्त की हैं। आज देश के लगभग 60 प्रतिशत एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में हैं। प्रदेश में सुदृढ़ सड़क नेटवर्क, मेट्रो रेल, रैपिड रेल, इनलैण्ड वाटर-वे, अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तथा आधुनिक परिवहन सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। अयोध्या एवं नोएडा अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित अनेक परियोजनाएं डबल इंजन सरकार की विकास प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।


कोई भी राजनीतिक नेतृत्व केवल विजन दे सकता है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रशासनिक तंत्र की होती है। इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों का सतत प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और आधुनिक तकनीकों का ज्ञान अत्यन्त आवश्यक है। प्रशासन को संवेदनशील, पारदर्शी, नवाचारी और परिणामोन्मुख बनाना समय की आवश्यकता है। अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करें तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं। प्रत्येक अधिकारी अनुभव और निरन्तर सीखने से बेहतर बनता है। विभिन्न अधिकारियों के नवाचार और अनुभवों को साझा कर प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। प्रदेश में अनेक सफल मॉडल इसी सामूहिक सोच और टीम वर्क का परिणाम हैं।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी के पंच संकल्पों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को सतत सीखने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन, नवाचार तथा उत्कृष्टता के साथ कार्य करना होगा। विकसित भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा जब उत्तर प्रदेश का प्रत्येक गांव, कस्बा और नगर आत्मनिर्भर एवं विकसित बनेगा।


डॉ0 राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी का यह नवीन परिसर चक गंजरिया स्थित सी0जी0 सिटी में 22.5 एकड़ भूमि पर निर्मित किया गया है। लगभग 464.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह नवीन परिसर आधुनिक ट्रेनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से सुसज्जित है। इसमें एक साथ 300 प्रशिक्षुओं का आवासीय प्रशिक्षण तथा कुल 900 प्रशिक्षुओं का गैर-आवासीय रूप से प्रशिक्षण सम्भव होगा। वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस अकादमी भवन के निर्माण की सभी बाधाओं को दूर करते हुए कार्यां को आगे बढ़ाया। यह नवीन संस्थान स्मार्ट क्लास रूम, डिजिटल लर्निंग सेन्टर, डिजिटल लैब, अत्याधुनिक सम्मेलन कक्ष, शोध एवं अध्ययन सुविधाओं तथा उत्कृष्ट आवासीय व्यवस्थाओं से युक्त है।
कार्यक्रम को वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना तथा मुख्य सचिव श्री एस0पी0 गोयल ने भी सम्बोधित किया।

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