PMJVK की सभी परियोजनाएं समयबद्धता के साथ पूरी होगी:मुख्य सचिव

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अल्प संख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम  की राज्य स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न। 490.67 करोड़ रुपये लागत के 71 विकास प्रस्तावों को मिली मंजूरी, 40 परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार। लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर के निकट रिक्त भूमि पर बनेगा डायग्नोस्टिक सेंटर। पीएमजेवीके की सभी परियोजनाएं गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ हों पूरी।


लखनऊः मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) की राज्य स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत नई परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विचार कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


             मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेरठ स्थित राजकीय इंटर कॉलेज फलावदा एवं राजकीय इंटर कॉलेज में 30 अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण हेतु अवमुक्त धनराशि से कराए गए कार्यों का मूल्यांकन जिला स्तर पर गठित तकनीकी समिति द्वारा कराया जाए। उन्होंने कहा कि किए गए कार्य (Work Done) एवं किए जाने वाले कार्य (Work to be Done) के आधार पर संबंधित प्रशासकीय विभाग परियोजनाओं का हस्तांतरण किया जाए तथा शेष आवश्यक कार्य को अपने विभागीय बजट से पूर्ण कराया जाए।


          उन्होंने कहा कि विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों अथवा स्थानीय विवादों के कारण प्रभावित परियोजनाओं के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी एवं संबंधित विभाग समन्वित एवं प्रभावी प्रयास करें। आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार भूमि विनिमय सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजनाओं का लाभ समय पर आमजन को उपलब्ध कराया जा सके।


             मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका तत्काल संबंधित प्रशासकीय विभागों को हस्तांतरण किया जाए। जिन परियोजनाओं के उपभोग प्रमाण पत्र (यूसी) लंबित हैं, उन्हें संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं जिलाधिकारियों के समन्वय से शीघ्र प्राप्त किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत निर्माणाधीन सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए उन्हें निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जो परियोजनाएं लोकार्पण हेतु तैयार हैं, उनके लोकार्पण हेतु अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।


             बैठक में ग्रीन कॉरिडोर के निकट श्री खाटू श्याम मंदिर के सम्मुख प्राधिकरण की रिक्त भूमि पर डायग्नोस्टिक सेंटर के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को अनुमोदित करते हुए उसे भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए गए। इस डायग्नोस्टिक सेण्टर को डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ से लिंक किया जाएगा, जो इसके संचालन, तकनीकी पर्यवेक्षण एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहयोग किया जाएगा। इसके अतिरिकत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से प्राप्त 490.67 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले 71 विकास प्रस्तावों को भी समिति ने स्वीकृति प्रदान की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत प्रस्तावों को आवश्यक कार्यवाही हेतु भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को शीघ्र प्रेषित किया जाए।          


           बैठक में प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समद्दार ने अवगत कराया कि वर्तमान मे मात्र 32 परियोजनाएं ही लंबित हैं जिन्हें इसी वर्ष पूर्ण करा लिया जाएगा, और विगत एक वर्ष में 89% उपभोग प्रमाण पत्र विभाग ने भारत सरकार को भेज दिया है । इसके अलावा प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 40 परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार हैं। बैठक में गाजीपुर के विधायक बेदी राम, प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा डॉ. हरि ओम, प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार, सचिव खेल सुहास एल.वाई., निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, शीलधार सिंह यादव , और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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