मुख्यमंत्री ने अयोध्या को दी 291 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

  • मुख्यमंत्री ने नगर निगम अयोध्या में 291 करोड़ रु0 लागत की 245 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
  • रामायण वैक्स म्यूजियम तथा नगर निगम अयोध्या धाम जोनल कार्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया।
  • नगर निगम अयोध्या की विकास पुस्तिका का विमोचन किया तथा नगर निगम अयोध्या में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित किया।
  • प्रधानमंत्री जी के सान्निध्य में प्रभु श्रीरामलला के भव्य मन्दिर का निर्माण हुआ, इससे दुनिया में अयोध्या का गौरव बढ़ा।
  • अयोध्या में दीपोत्सव आयोजन को पूरी दुनिया देखती, लाखों लोग सहभागी बनते।
  • 35,000 करोड़ रु0 से अधिक की परियोजनाएं अयोध्या के लिए दी गयीं, प्रदेश सरकार अयोध्या का निरन्तर विकास करेगी।
  • आज अयोध्या चारों ओर से 4-लेन कनेक्टिविटी और रेलवे की डबल लाइन से जुड़ चुकी, महर्षि वाल्मीकि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट क्रियाशील।
  • अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा। सार्वजनिक सम्पत्तियों की रक्षा करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करना होगा, अयोध्यावासी अयोध्या धाम की पवित्रता, सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखें।
  • मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर एवं श्री हनुमानगढ़ी मन्दिर में दर्शन-पूजन किया।


अयोध्या/लखनऊ। मुख्यमंत्री ने आज नगर निगम अयोध्या में 291 करोड़ रुपये लागत की 245 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने रामायण वैक्स म्यूजियम तथा नगर निगम अयोध्या धाम जोनल कार्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। अयोध्या आगमन पर मुख्यमंत्री जी ने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर एवं श्री हनुमानगढ़ी मन्दिर में दर्शन-पूजन किया। आप केवल नगर निगम के पार्षद या नागरिक नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे अधिक सम्भावना वाली आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के वासी हैं। प्रभु श्रीराम की पावन जन्मस्थली से जुड़े नागरिक भी हैं। आप सौभाग्यशाली हैं कि आपको अयोध्या में जन्म लेने और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के चमत्कार को अपने दिव्य चक्षुओं से देखने का आनंद प्राप्त हो रहा है। हमारी वर्तमान पीढ़ी को 500 वर्षों के बाद यह सौभाग्य प्राप्त हुआ। हम सभी ने श्री रामलला के प्रकटीकरण का भव्य आयोजन भी देखा है। हमसे पहले की पीढ़ी ने लगभग 500 वर्षों तक आंदोलन किया। उन्होंने बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके और बिना झुके श्रीराम के कार्य में बाधक बनने वालों को उखाड़ फेंका। इसी संकल्प के साथ राम भक्त निरन्तर कार्य करते रहे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सान्निध्य में प्रभु श्रीरामलला के भव्य मन्दिर का निर्माण हुआ। इससे दुनिया में अयोध्या का गौरव बढ़ा। अब हमारी अयोध्या उपेक्षित तथा तिरस्कृत नहीं है। अब राम भक्तों पर कोई लाठी या गोली नहीं चला सकता। कोई प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर उंगली नहीं उठा सकता। आज की अयोध्या त्रेता युग का स्मरण कराती है, जिसके बारे में हमने श्रीरामचरितमानस और रामायण ग्रंथों में पढ़ा और सुना है।


आज से 40 वर्ष पहले जब उन्हें अयोध्या में दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था, तो उनके दिल को ठेस पहुंची थी। वह समय राम जन्मभूमि आंदोलन का था। वहां संघर्षों के साए में सन्नाटा था, लोग भयभीत थे, तब सरकारों की मंशा अच्छी नहीं थी। गोरखपीठ की तीन-तीन पीढ़ियां श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के साथ जुड़ी रहीं। अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि है। यह भारत राष्ट्र की पहचान है। इसलिए अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर का निर्माण होना चाहिए। यही कसक प्रत्येक भारतीय, संत, पंथ और सम्प्रदाय से जुड़े व्यक्ति के मन में थी।


वर्ष 2017 से पहले अयोध्या का विकास देखकर मन में पीड़ा होती थी। यहां की गलियां संकरी थीं तथा जहां-तहां गंदगी का अंबार फैला था। कुल पांच से छह घंटे बिजली मिलती थी। राम की पैड़ी में सरयू मैया का जल सड़ता रहता था। वर्ष 2017 में जब प्रदेश में हमारी सरकार बनी, तब यहां दीपोत्सव का आयोजन किया गया। आज भी अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन होता है। इसमें लाखों लोग सहभागी बनते हैं। इस आयोजन को पूरी दुनिया देखती है। आज अयोध्या चारों ओर से 4 लेन की कनेक्टिविटी से जुड़ चुकी है। रेलवे की डबल लाइन से भी जुड़ चुकी है। अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि इण्टरनेशनल एयरपोर्ट बन चुका है।


अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। आज देश और दुनिया का प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी अयोध्या आना चाहता है। अयोध्या में पी0पी0पी0 मोड पर नगर निगम द्वारा रामायण वैक्स म्यूजियम तैयार किया गया है। यह म्यूजियम बहुत शानदार है। महाकुम्भ के दौरान प्रयागराज में नगर निगम के साथ मिलकर एक निजी संस्था ने शिवालिक पार्क बनाया था। इस शिवालिक पार्क में द्वादश ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृर्ति को वेस्ट स्क्रैप का इस्तेमाल करते हुए बनायी गयी थी। वह अत्यन्त लोकप्रिय हुआ था। महाकुम्भ के दौरान शिवालिक पार्क के निर्माण में जितनी भी धनराशि खर्च हुई थी, उससे ज्यादा इनकम एक महीने में प्राप्त हुई। आज भी वहां सर्वाधिक भीड़ होती है।


झांसी में सौर मण्डल के नौ ग्रहों को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत किया गया है। मुरादाबाद में रामायण वाटिका और संविधान वाटिका का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार प्रत्येक नगर निगम कुछ न कुछ नया कर रहा है। अयोध्या नगर निगम ने रामायण वाटिका के नाम पर ऐसा ही प्रस्तुतीकरण किया है।अयोध्यावासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अयोध्या का निरन्तर विकास करेगी। यहां कभी पैसे की कमी नहीं होने देगी। 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं अयोध्या के लिए दी गयी हैं और लगातार दिया जा रहा हैं। नगर निगम की 270 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं में इण्टीग्रेटेड कमाड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर, ट्रैफिक मैनेजमेण्ट सिस्टम तथा अमृत स्कीम की तमाम योजनाएं शामिल हैं। इसके अन्तर्गत सुंदरीकरण, पुनरोद्धार तथा स्मार्ट सिटी स्कीम भी सम्मिलित है। आज अयोध्या धाम जोनल कार्यालय का उद्घाटन हो रहा है।


मुख्यमंत्री ने रामायण वैक्स म्यूजियम बनाने के लिए नगर निगम अयोध्या को बधाई देते हुए कहा कि गत 31 मई को नगर निगम अयोध्या के महापौर के नेतृत्व में स्वच्छता का विशेष अभियान चलाया गया था। अयोध्या की गलियों और मोहल्लों के हजारों लोग स्वच्छता कार्यक्रम के साथ जुड़े। इससे अयोध्या की छवि काफी अच्छी बनी। हमें स्वच्छता का ध्यान रखना होगा। जो चीजें बनी है, उसके संरक्षण में योगदान देना होगा। सार्वजनिक सम्पत्तियों की रक्षा करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करना होगा। यदि हम प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक कर पाएंगे, तो लम्बे समय तक आने वाली पीढ़ियां इनका उपभोग कर पाएंगी।

अयोध्यावासियों से अयोध्या धाम की पवित्रता, सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अयोध्यावासी नगर निगम की प्रगति में निरंतर सहयोग करेंगे और नगर निगम को स्वच्छ, सुंदर और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री जी के विज़न को आगे बढ़ाएंगे। प्रत्येक नागरिक एक वृक्ष जरूर लगाए तथा जल का संरक्षण करे। प्रधानमंत्री जी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पर पेड़ लगाने का आह्वान किया है। हम प्रधानमंत्री जी के इस आह्वान के साथ जुड़ें। अपने आसपास खाली स्थानों पर वृक्ष लगाएं। अयोध्या में बहुत संभावनाएं हैं। रामायणकालीन वाटिका की स्थापना की जा सकती है। इसमें छायादार, फलदार औषधीय, इमारती लकड़ियों के वृक्ष लगाए जा सकते हैं।


मुख्यमंत्री ने नगर निगम अयोध्या की विकास पुस्तिका का विमोचन किया तथा नगर निगम अयोध्या में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान नगर निगम की विकास यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचन्द्र यादव, डॉ0 अमित सिंह चौहान,अभय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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