उत्तर प्रदेश की राजधानी में बढ़ती महंगाई के खिलाफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, जबकि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर मौन बनी हुई है। सपा नेताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर महंगाई पर तत्काल नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। आखिर प्रदर्शन के दौरान क्या-क्या मांगें रखी गईं और सरकार पर कौन-कौन से आरोप लगाए गए?
राकेश यादव
लखनऊ। महंगाई, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। पेट्रोल-डीजल-गैस के बढ़ते दाम, खाद्य एवं घरेलू वस्तुओं की कीमतों में लगातार इजाफा, पेपर लीक, महंगी बिजली, महिला उत्पीड़न और फर्जी एनकाउंटर जैसे मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
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सपा नेताओं ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों से आम जनता त्रस्त है। महंगाई और बेरोजगारी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर लखनऊ जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, प्रदेश सचिव विजय सिंह यादव, जिला महासचिव शब्बीर खान, जूही सिंह,जिला अध्यक्ष महिला सभा प्रेमलता यादव, ब्लाक अध्यक्ष चिनहट संतोष सिंह, दिनेश यादव, विधान सभा अध्यक्ष बीकेटी अजय रावत, सुभाष यादव, त्रिभुवन यादव, गोविंद यादव और अनिल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और आम जनता के हित में न्याय की मांग की। सपा नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन जनता की समस्याओं को उजागर करने के लिए है और जब तक महंगाई व भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।



