Thursday, February 12, 2026
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त्योहारों से पहले सरकार सख्त, उपद्रवियों पर होगी सख्ती:मुख्यमंत्री  

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त्योहारों से पहले सरकार सख्त, उपद्रवियों पर होगी सख्ती:मुख्यमंत्री
त्योहारों से पहले सरकार सख्त, उपद्रवियों पर होगी सख्ती:मुख्यमंत्री
     मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।  होली, महाशिवरात्रि और रमजान सहित विभिन्न पर्व एवं त्योहारों के दौरान शान्ति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्ती से निपटा जाए। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सतर्कता, निगरानी एवं प्रबन्धन को और अधिक मजबूत किया जाए।
    महाशिवरात्रि के अवसर पर जलार्पण हेतु निकलने वाले कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश।
श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन, यातायात, पार्किंग, महिला सुरक्षा तथा आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए एन0डी0आर0एफ0 एवं एस0डी0आर0एफ0 की टीमें 24×7 सक्रिय रहें।
    यातायात जाम के प्रमुख कारकों को चिन्हित कर इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, अस्थायी व्यवस्थाओं के स्थान पर दीर्घकालिक एवं व्यावहारिक उपाय लागू किए जाएं। धर्मस्थलों के आसपास भिक्षावृत्ति की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए। बोर्ड परीक्षाएं नकलविहीन सम्पन्न कराई जाएं, परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बासन्तिक नवरात्रि तथा राम नवमी पर्व के आयोजनों की तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। आगामी दिनों में जनगणना के प्रथम चरण के प्रारम्भ होने के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें।
लखनऊ।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली, महाशिवरात्रि और रमजान सहित विभिन्न पर्व एवं त्योहारों के दौरान शान्ति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 02 से 04 मार्च तक होली का पर्व मनाया जाएगा। ब्रज क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में होलिकोत्सव के दौरान हर्ष और उल्लास का माहौल होगा। यह सुनिश्चित करायें कि शोभायात्राओं में उपद्रवी तत्वों की घुसपैठ किसी भी स्थिति में न होने पाए। रंग में भंग डालने वालों, उन्माद फैलाने वालों एवं अराजक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
आज यहां लोक भवन में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था की मुख्यमंत्री विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सभी मण्डलों, पुलिस ज़ोन, रेंज एवं जनपदों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत वर्षों में पर्व एवं त्योहारों के दौरान घटित घटनाओं से सीख लेते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सतर्कता, निगरानी एवं प्रबन्धन को और अधिक मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होलिका दहन केवल परम्परागत स्थलों पर ही कराया जाए, सड़क के मध्य किसी भी स्थिति में होलिका दहन न किया जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अफवाह फैलाने वाली पोस्ट पर भी सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि, होली तथा रमजान पर्वों एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं, जनगणना एवं अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के दृष्टिगत प्रदेश में शान्ति, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए सभी आवश्यक प्रबन्ध समय से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
महाशिवरात्रि के अवसर पर जलार्पण हेतु निकलने वाले कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। पुलिस महानिदेशक ने मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि इस सम्बन्ध में पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने वाराणसी, मेरठ, लखीमपुर खीरी एवं बाराबंकी जनपदों के जिलाधिकारियों से महाशिवरात्रि पर्व पर प्रमुख शिव मन्दिरों में दर्शन-पूजन की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि 14 एवं 15 फरवरी को प्रमुख शिवधामों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन, यातायात, पार्किंग, महिला सुरक्षा तथा आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए एन0डी0आर0एफ0 एवं एस0डी0आर0एफ0 की टीमें 24×7 सक्रिय रहें। मन्दिर परिसरों में तैनात पुलिस कार्मिक श्रद्धालुओं से मर्यादित व्यवहार करें। पर्याप्त संख्या में महिला कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
यातायात जाम के प्रमुख कारकों को चिन्हित कर इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। अस्थायी व्यवस्थाओं के स्थान पर दीर्घकालिक एवं व्यावहारिक उपाय लागू किए जाएं, ताकि आमजन को अनावश्यक असुविधा न हो। उन्होंने धर्मस्थलों पर ध्वनि-विस्तारक यंत्रों के उपयोग के सम्बन्ध में निर्देश देते हुए कहा कि इनकी आवाज़ किसी भी स्थिति में परिसर से बाहर न जाए। पूर्व में ऐसी गतिविधियों के कारण कानून-व्यवस्था सम्बन्धी चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। अतः नियमों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बन्द कराया जाए।
विवाह एवं अन्य सामाजिक समारोहों में रात्रि 10 बजे के उपरान्त डी0जे0, साउण्ड सिस्टम अथवा तेज़ ध्वनि उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। उल्लंघन की स्थिति में कठोर र्कारवाई की जाए। उन्होंने कहा कि धर्मस्थलों के आसपास भिक्षावृत्ति की गतिविधियों में वृद्धि संज्ञान में आई है। इस पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा सम्बन्धित व्यक्तियों के यथोचित पुनर्वास की योजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम एवं कार्यक्षमता में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश देते हुए कहा कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। अवैध, जहरीली एवं नकली मदिरा के निर्माण, भण्डारण एवं बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत सभी सम्बन्धित विभाग निरन्तर अलर्ट रहें। ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना मिलते ही त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्टंटबाजी करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध विशेष सर्तकता बरती जाए।
आगामी 18 फरवरी से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा 10 एवं 12 की परीक्षाएं प्रारम्भ हो रही हैं। परीक्षाएं नकलविहीन सम्पन्न कराई जाएं। परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी अवधि में रमजान माह भी प्रारम्भ होगा तथा सम्भावित रूप से 21 मार्च को ईद का पर्व मनाया जाएगा। धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित कर शान्ति एवं सौहार्द बनाए रखा जाए। किसी भी स्थिति में कोई नई परम्परा प्रारम्भ न की जाए।
19 मार्च से बासन्तिक नवरात्रि की शुरुआत होगी। इसके उपरांत राम नवमी का पर्व आएगा। इन सभी आयोजनों की तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। आगामी दिनों में जनगणना का प्रथम चरण भी प्रारम्भ हो रहा है, जिसके लिए सभी जिलाधिकारी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हमें सुरक्षा व्यवस्था के प्रति अत्यन्त सतर्क रहना होगा। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी एवं जवाबदेही के साथ करे।