हत्या प्रदेश बन गया उ0प्र0-अखिलेश

आक्रमक रुख अपनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के कारण उत्तर प्रदेश में संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है, इसलिए सपा फिर से प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करती है। भाजपा सरकार के कारण ही कानून व्यवस्था का संकट उत्पन्न हुआ है। सरकारें अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से हटकर जब और कामों में उलझती रहती हैं तो इस तरह के संकट तो पैदा होते ही रहेंगे।

अखिलेश यादव से आज कानपुर से अपहृत संजीत यादव के पिता चमन सिंह, मां कुसमा देवी तथा बहन रूचि यादव ने भेंट कर उनसे न्याय दिलाने का आग्रह किया। संजीत यादव का 22 जून 2020 को अपहरण हुआ था, 26 जून 2020 को फिरौती मांगी गई, 28 जून 2020 को पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया। अब तक संजीत की लाश भी नहीं मिली है। पीड़ित परिवार का कहना था कि पुलिस निष्पक्ष जांच के बजाय उल्टे परिवारीजनों को ही परेशान कर रही है। सरकार इस अपहरण और हत्याकाण्ड का आज तक खुलासा भी नहीं कर सकी है। इतनी बुरी सरकार दुबारा सत्ता में नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा हम और क्या कर सकते हैं अपने बेटे की याद में दीपक जलाते रहेंगे।

अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में वे पीड़ित परिवार के साथ हैं। परिवार को न्याय मिलना चाहिए। सरकार इस परिवार को 50 लाख रूपये की मदद दे तथा परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी भी दे। उन्होंने समाजवादी पार्टी की तरफ से संवेदना स्वरूप 2 लाख रूपए परिवारीजनों को दिए। इससे पूर्व समाजवादी पार्टी की ओर से इस परिवार को 5 लाख रूपए की मदद दी जा चुकी हैं।

    इस अवसर पर राजेन्द्र चौधरी पूर्व कैबिनेट मंत्री, नरेश उत्तम पटेल प्रदेश अध्यक्ष तथा जिलाध्यक्ष कानपुर महानगर डाॅ0 इमरान और समाजवादी नेता सम्राट विकास भी मौजूद थे।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संजीत यादव का अपहरण और हत्या की घटना दुःखद है। पुलिस को ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे पीड़ित परिवार उस पर भरोसा कर सके। यह पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह सम्पूर्ण घटनाक्रम का पता लगाए और हत्या के बाद शव बरामद कर परिवार को सौंप दे। उन्होंने कहा यह कैसी अमानवीय सरकार है कि एक परिवार के नौजवान सदस्य की हत्या के बाद उसका शव तक नहीं बरामद किया जा सका।

उत्तर प्रदेश हत्या प्रदेश बन गया है। बलिया में पत्रकार श्री रतन सिंह की हत्या हुई, पीसीएस महिला अधिकारी की मौत हुई। वाराणसी में दो लोगों को गोली मारी गई। बेखौफ अपराधी हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार की घटनाओं को अंजाम दे कर रहे हैं। सरकार इन पर नियंत्रण में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को श्री संजीत यादव के केस का खुलासा करने के लिए एक विशेष टीम गठित की जाए। जनता के साथ न्याय हो यह पुलिस और शासन का दायित्व है।


       पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समाजवादी सरकार में यूपी डायल 100 सेवा शुरू की गई थी। आधुनिक संसाधनों से युक्त पुलिस मुख्यालय भी बना था। पुलिस को चुस्तदुरूस्त बनाने के लिए नई गाड़ियां, बाइके दी गई थी जिससे कि उन्हें घटनास्थल पर पहुंचने में देर न हो। भाजपा सरकार ने ये सारी व्यवस्थाएं चौपट कर दी। मुख्यमंत्री जी की अपराधियों पर सख्ती की बातें महज तुकबंदी लगने लगी है।

भाजपा नेतृत्व का जो तरीका सरकार चलाने का है वह निष्क्रियता और अकर्मण्यता को ही जन्म देता है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश को अपराधियों को सौंप दिया है। इस स्थिति से पूरे राज्य में डर घर कर गया है। जान-माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होती है लेकिन यहां तो लगता है उत्तर प्रदेश बिना सरकार के चल रहा है।

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