शिक्षा को राजनीति से दूर ही रखें-रमेश पोखरियाल निशंक

परीक्षाओं के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के पक्ष में जो निर्णय दिया है, उसका मैं ह्रदय से स्वागत करता हूं। राजनीति को शिक्षा से दूर रखें और राजनीति को और अधिक शिक्षित बनाएं। यूजीसी से पहले जेईई और नीट मामले में भी परीक्षा करवाने की मंजूरी दी गई है। इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे छात्रों के भविष्य से राजनीति करके खिलवाड़ न करें। यह छात्र ही नहीं देश के भविष्य का सवाल है। परीक्षाएं आयोजित होने से अगला अकादमिक सत्र शुरू किया जा सकेगा। इसलिए छात्रों और अभिभावकों से फिर आग्रह करता हूं कि वे भरोसा करें कि संक्रमण से बचाने के पूरे इंतजाम किए गए हैं।

निशंक के बयान पर हेमंत सोरेन तंज ….

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उन्हें केंद्र सरकार की यह दलील समझ नहीं आ रही, जिसमें कहा गया है कि जेईई-मेन और एनईईटी-यूजी की परीक्षा के लिए कई लाख बच्चों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि यह तो वही बात हो गई कि जीवन बीमा करा लिया है, तो कल ही मर जाओ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को कहा था कि एनटीए की वेबसाइट से लगभग 18 लाख छात्रों ने 24 घंटे के भीतर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया है। इससे साफ जाहिर होता है कि छात्र किसी भी हाल में परीक्षा देना चाहते हैं। शिक्षा मंत्री के इसी बयान पर सीएम सोरेन ने पलटवार किया है।

हेमंत सोरेन ने कहा कि जॉइंट एंट्रेस एग्जामिनेशन- मेन (जेईई-मेन) और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट- यूजी (एनईईटी) की एक सितंबर से शुरू हो रही परीक्षा को वह रद्द करने के की मांग नहीं कर रहे हैं। लेकिन, जिस गति से पूरे देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे हालात में इन दोनों परीक्षाओं को स्थगित किया जाना चाहिए। दूसरी ओर केंद्र सरकार जेईई-मेन और एनईईटी-यूजी परीक्षा को लेकर हठधर्मिता दिखा रही है। कम समय में दोनों परीक्षाओं के आयोजन की जिद पर अड़ी है। ये बातें सीएम सोरेन ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कही।

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