कोरोना वैक्सीन,6 हफ्ते में तैयार हो सकती है….?

कोरोना वायरस के कहर से देश-दुनिया तबाह हो चुकी है. भारत में कोविड- 19 का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. रोजाना कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है. दो दिनों से नये कोरोना संक्रमितों की संख्या 70 हजार से अधिक आने शुरू हो गये हैं, वैसे में अब संभावना जतायी जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में भारत कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देशों में टॉप पर पहुंच जाएगा. इधर कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है. बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ सप्ताह में कोरोना वैक्सीन तैयार हो जाएगी.

भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी संख्या में लगातार वृद्धि जारी है। इस बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ सप्ताह में कोरोना वैक्सीन तैयार हो जाएगी। पूरी दुनिया को ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन का इंतजार है। बताया जा रहा है कि वैक्सीन का ट्रायल आखिरी चरण में है। एक्सप्रेस डॉट सीओ डॉट यूके में छपी खबर के अनुसार ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन आज से सिर्फ 42 दिन बाद यानी 6 हफ्ते में तैयार हो सकती है। भारत में भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग से ही टीका विकसित किया जा रहा है।

कोरोना काल में 11 अगस्त रूस के लिए सबसे खास दिन था। इसी दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आधिकारिक तौर पर यह दावा किया था कि उनके वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर वैक्सीन तैयार कर ली है, जिसे ‘स्पूतनिक-वी’ नाम दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि वैक्सीन उनकी बेटी को भी लगाई गई है। अब इस बात को लगभग 19 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अब उनकी बेटी कैसी हैं यानी वैक्सीन लगाने के बाद क्या उनमें कोई साइड-इफेक्ट्स नजर आया है या फिर पुतिन के दावे के मुताबिक वैक्सीन सच में कारगर और सुरक्षित है? रूसी राष्ट्रपति ने एक चैनल रोसिया 1 को दिए गए एक इंटरव्यू में इन सारी बातों का खुलासा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों की हरी झंडी का इंतजार है और लोगों को बहुत जल्द कोरोना का टीका उपलब्ध हो जाएंगी। दरअसल, ब्रिटेन, कोविड-19 के किसी भी कारगर टीके को लाइसेंस प्राप्त होने से पहले उसके आपात उपयोग की अनुमति देने के लिये संबद्ध नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, ऐसे किसी टीके के सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानदंडों पर खरा उतरने के बाद ही इस तरह के उपयोग की अनुमति दी जाएगी।प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने नेतृत्व वाली कंजरवेटिव सरकार ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानदंडों पर खरा उतरने वाले कोविड-19 के किसी भी टीके को अस्थायी रूप से अधिकृत करने की देश की औषधि नियामक एजेंसी को अनुमति देने को लेकर संशोधित सुरक्षा नियमों को अपना रही है।

कोविड-19 के किसी भी टीके को अस्थायी रूप से अधिकृत करने की देश की औषधि नियामक एजेंसी को अनुमति देने को लेकर संशोधित सुरक्षा नियमों को अपना रही है। ब्रिटेन के उप मुख्य मेडिकल अधिकारी जोनाथन वान टाम ने एक बयान में कहा, यदि हम कारगर टीका विकसित कर लेते हैं, तो यह अहम होगा कि हम उसे यथा शीघ्र मरीज को उपलब्ध कराएं, लेकिन इसके लिये सुरक्षा के कड़े नियमों का अनुपालन करना जरूरी होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button