औषधीय गुणों का भण्डार है नीम

— अंजली

जब हमें अपनी इम्यूनिटी बूस्ट करनी हो या फिर त्वचा से संबंधित किसी समस्या से छुटकारा पाना हो, हर मर्ज का इलाज करती है नीम। नीम फायदेमंद औषध‍ि है। स्वाद में कड़वा नीम सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। नीम का पानी आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं। इस पानी में कई ऐसे पोषक तत्व जैसे एंटी-इंफ्लेमेटरी एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल आदि होते हैं, जो कई रोगों से शरीर को बचाए रखती है। नीम का पानी पीने या नीम की पत्तियों को सुबह खाली पेट चबाने से भी सूजन, घाव, मुंहासों, पेट की समस्याएं, बालों की समस्याएं दूर हो जाती हैं।

नीम की पत्तियां हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं। यह शरीर में सूजन को कम करने में मदद करती हैं, लिवर और हृदय को स्‍वस्‍थ्‍य रखती हैं और इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाती हैं। बहुत से लोग नीम की पत्‍तियों को उसके कड़वे स्‍वाद की वजह से नहीं खाते। मगर आयुर्वेद के अनुसार रोज सुबह खाली पेट नीम का सेवन करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ती ही है साथ ही शारीरिक विकारों को दूर करने में भी मदद मिलती है।

इम्‍यून‍िटी बढ़ाएं कोरोना काल में स्वस्थ और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखना है, तो नीम की पत्तियों का सेवन करें। नीम का काढ़ा या फिर इसका पानी पिएं। नीम में एंटी-इंफ्लेमेटरी एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल पोषक तत्व होते हैं, जो इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाते हैं। तो यदि आप गंभीर रोगों से बचे रहना चाहते हैं, तो आज से ही पीना शुरू कर दें नीम का पानी।नीम की पत्‍तियों का सेवन करने से शरीर कई बीमारियों से बचा रह सकता है। आपको अपनी इम्‍यूनिटी बढ़ानी है तो आज ही घर पर नीम की चटनी बनाएं।रोज सुबह खाली पेट खाएं नीम की चटनी, वायरस और इंफेक्‍शन की कर देगी छुट्टी।

पेट में दर्द रहता है, कीड़े हो गए हैं, आंतों में सूजन है, तो भी नीम का पानी पीना फायदेमंद है। नीम चबाने या इसके पानी को पीने से गैस्ट्रोइन्टेस्टाइनल ट्रैक्ट में हुए सूजन की समस्या में भी आराम मिलता है। पेट के अल्सर को कम करता है। पेट का फूलना, पेट में दर्द, ऐंठन, कब्ज आदि दूर करता है। पेट के फ्लू और संक्रमण से परेशान हैं, तो नीम का सेवन जरूर करें। यह एक ही दिन के अंदर पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता है।

त्वचा और बालों के लिए भी नीम का पानी बेहद ही फायदेमंद है। मुंहासे, फोड़े-फुसियां, स्किन एलर्जी, खुजली, एक्जिमा, स्किन रैशेज, दाग-धब्बों जैसी समस्याएं अक्सर बारिश या गर्मी के मौसम में अधिक नजर आती हैं। नीम का पानी पिएंगे, तो स्किन की समस्याओं से भी निजात मिलेगा। नीम के पानी में विटामिन ई, एस्ट्रिंजेंट गुण होते हैं, जो त्वचा और बालों की देखभाल करते हैं। इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण स्किन बैक्टीरिया को मारता है। सिर की खुलजी को दूर करता है।


कान में दर्द रहता है तो नीम का तेल इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद रहेगा, कई लोगों में कान बहने की भी बीमारी होती है, ऐसे लोगों के लिए भी नीम का तेल एक कारगर उपाय है।

अगर आप खाना बनाते वक्त या किसी दूसरे कारण से अपना हाथ जला बैठी हैं तो तुरंत उस जगह पर नीम की पत्तियों को पीसकर लगा लें, इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण घाव को ज्यादा बढ़ने नहीं देता है।

दांतों के लिए कुछ वक्त पहले नीम की दातुन, ब्रश की तुलना में ज्यादा लोकप्रिय थी। एक ओर जहां दांतों और मसूड़ों की देखभाल के लिए हम तरह-तरह के महंगे टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं वहीं नीम की दातुन अपने आप में पर्याप्त होती है। नीम की दातुन पायरिया की रोकथाम में भी कारगर होती है।

नीम के अर्क में डायबीटीज, बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के गुण पाए जाते हैं। नीम के तने, जड़, छाल और कच्चे फलों में शक्ति-वर्धक और मियादी रोगों से लड़ने का गुण भी पाया जाता है। नीम प्राकृतिक एंटी ऑक्सीडेंट से तो भरपूर है ही साथ ही इसमें जड़ीबूटी के गुण भी हैं। नीम शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती हैं, जिससे हमारा ब्लड सकुर्लेशन भी ठीक बना रहता है।

बालों के लिए भी है फायदेमंद नीम एक बहुत अच्छा कंडीशनर है। इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर उसके पानी से बाल धोने से रूसी और फंगस जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं।

फोड़े और दूसरे जख्मों पर लगाने के लिए नीम काफी फायदेमंद होती हैं। कई बार ऐसा होता है कि खून साफ न होने की वजह से समय-समय पर फोड़े हो जाते हैं, ऐसे में नीम की पत्ती को पीसकर प्रभावित जगह पर लगाने से फायदा होता है। साथ ही इसके पानी से चेहरा साफ करने पर मुंहासे नहीं होते हैं।

नीम का पानी पीने से ओरल हाइजीन दुरुस्त होती है। इससे दांतों और मसूड़ों संबंधित समस्याएं दूर होती हैं। इसमें चूंकि एंटी-बैक्टीरियल तत्व होते हैं, ये दांतों में मौजूद बैक्टीरिया का सफाया करते हैं। बैक्टीरिया मरने से सांसों और मुंह से बदबू आने की समस्या दूर हो जाती है। दांतों की कैविटी, सड़न, दर्द, दांतों के पीलेपन आदि समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button