बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण, राहत सामग्री बांटी

मुख्यमंत्री बोले- संकट की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़ी है प्रदेश सरकार

बलिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में बाढ़ पीड़ितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रभावित परिवार को राहत एवं सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हुई अतिवृष्टि के कारण लगभग 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। करीब 1.71 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 251 गांवों पर बाढ़ का असर पड़ा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।

राहत केंद्रों पर भोजन से लेकर रहने तक की व्यवस्था

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रत्येक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर पीड़ित परिवारों के लिए भोजन, रहने की व्यवस्था और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार को राहत किट दी जा रही है, जिसमें आटा, चावल, दाल, चना, चीनी, तेल, नमक, आलू, साबुन, माचिस, मोमबत्ती, सैनिटरी पैड, टॉर्च, छाता और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान

बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों को देखते हुए प्रभावित परिवारों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही क्लोरीन की गोलियां और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के काटने की आशंका को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम तथा एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

पशुधन की सुरक्षा के लिए भी इंतजाम

सरकार ने केवल लोगों को राहत पहुंचाने तक ही सीमित न रहते हुए प्रभावित परिवारों के पशुधन की सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। पशुओं के टीकाकरण, दवाओं और चारे-भूसे की व्यवस्था की जा रही है।

बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान पर काम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नदियों के चैनलाइजेशन और आवश्यकतानुसार ड्रेजिंग पर काम किया जा रहा है। विशेष रूप से घाघरा नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की योजना पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नदियों से निकलने वाली सिल्ट का उपयोग तटबंधों को मजबूत करने में किया जा सकता है, जिससे भविष्य में कटान और बाढ़ की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सके।

बलिया को मिलेगा मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री ने बलिया के विकास को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बलिया में महर्षि भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार धनराशि स्वीकृत कर चुकी है। इसके अलावा महर्षि भृगु धाम कॉरिडोर, ग्रीन एक्सप्रेस-वे, बाईपास, फोरलेन सड़क और बस अड्डों सहित कई विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं से बलिया को नई पहचान मिलेगी और जिले के विकास की गति को और तेज किया जाएगा।

60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 30 अगस्त से प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। महिलाएं प्रदेश के विभिन्न धार्मिक और प्रमुख शहरों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के शीघ्र सामान्य जीवन की कामना करते हुए कहा कि सरकार बलियावासियों की सुरक्षा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

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