GeM पर यूपी के कारोबारियों की बढ़ी धमक

उत्तर प्रदेश में कारोबारियों को सरकारी खरीद के डिजिटल प्लेटफॉर्म GeM पर बढ़ते अवसर मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से पंजीकृत फर्मों की संख्या बढ़कर 7.86 लाख से अधिक हो गई, जबकि एक साल में 1 लाख से ज्यादा नए विक्रेता जुड़े। एमएसई, महिला उद्यमियों, एससी-एसटी और स्टार्टअप फर्मों की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में छोटे कारोबार और स्थानीय उद्यमिता के मजबूत होते दायरे की ओर इशारा करती है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कारोबारी सुगमता, एमएसएमई प्रोत्साहन और स्थानीय उद्यमियों को सरकारी खरीद से जोड़ने की नीतियों का असर अब सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर भी दिखाई दे रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से GeM पर पंजीकृत फर्मों की संख्या बढ़कर 7,86,687 पहुंच गई। 31 मार्च 2025 को यह संख्या 6,85,488 थी। यानी एक साल में 1,01,199 नई फर्में GeM से जुड़ीं और कुल पंजीकरण में करीब 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई। सरकारी खरीद के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती भागीदारी को प्रदेश के छोटे कारोबारियों, महिला उद्यमियों, एससी-एसटी वर्ग और स्टार्टअप्स के लिए बढ़ते कारोबारी अवसरों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

एमएसई फर्मों का पंजीकरण 16 फीसदी बढ़ा

GeM पर उत्तर प्रदेश की सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (MSE) फर्मों की संख्या 31 मार्च 2025 के 1,06,855 से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 1,23,075 हो गई। इस दौरान 16,220 फर्मों की वृद्धि हुई। यानी MSE पंजीकरण में करीब 16 फीसदी का इजाफा हुआ। यह वृद्धि बताती है कि प्रदेश के छोटे उद्यम सरकारी खरीद के लिए उपलब्ध डिजिटल बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं।

महिला उद्यमियों की भागीदारी में 21 फीसदी उछाल

GeM पर महिला फर्मों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 31 मार्च 2025 को 19,418 महिला फर्म पंजीकृत थीं, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 23,407 हो गईं। एक साल में 3,989 नई महिला फर्में जुड़ीं और इस श्रेणी में करीब 21 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई। सरकारी खरीद में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उन्हें अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए बड़े बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर दे रही है।

एससी-एसटी फर्मों का पंजीकरण 18 फीसदी बढ़ा

एससी-एसटी वर्ग की फर्मों की भागीदारी भी बढ़ी है। 31 मार्च 2025 को GeM पर 4,890 एससी-एसटी फर्म पंजीकृत थीं। 31 मार्च 2026 तक यह संख्या बढ़कर 5,783 हो गई। इस तरह एक वर्ष में 893 फर्मों की वृद्धि हुई और पंजीकरण में करीब 18 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया।

स्टार्टअप फर्मों की संख्या भी बढ़ी

प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की सक्रियता भी GeM के आंकड़ों में नजर आ रही है। 31 मार्च 2025 को पंजीकृत 4,404 स्टार्टअप फर्मों की संख्या 31 मार्च 2026 को बढ़कर 5,350 हो गई। एक साल में 946 स्टार्टअप फर्में जुड़ीं, जिससे इस श्रेणी में करीब 21 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई। इससे नए उद्यमों को अपने नवाचार, तकनीकी समाधान और सेवाएं सरकारी संस्थानों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

स्थानीय कारोबारियों के लिए बढ़ रहे अवसर

उत्तर प्रदेश GeM के स्टेट नोडल और डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की क्रय नीति छोटे और स्थानीय उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश GeM क्रय नीति-2024 छोटे उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इसके माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ छोटे कारोबारियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकारी खरीद में बढ़ रही विविध कारोबारी भागीदारी

GeM पर कुल फर्मों के साथ MSE, महिला, एससी-एसटी और स्टार्टअप फर्मों की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि सरकारी खरीद व्यवस्था में अलग-अलग कारोबारी समूहों की भागीदारी मजबूत हो रही है। इससे स्थानीय उद्यमियों को सरकारी बाजार तक पहुंच मिलने के साथ प्रदेश के छोटे कारोबारियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर भी तैयार हो रहे हैं।

एक नजर में GeM पर यूपी की बढ़ती भागीदारी

श्रेणी31 मार्च 202531 मार्च 2026वृद्धि
कुल पंजीकृत फर्म6,85,4887,86,68715%
कुल MSE फर्म1,06,8551,23,07516%
कुल महिला फर्म19,41823,40721%
कुल एससी/एसटी फर्म4,8905,78318%
कुल स्टार्टअप फर्म4,4045,35021%

GeM पर उत्तर प्रदेश के कारोबारियों की बढ़ती भागीदारी प्रदेश में छोटे उद्यमों, महिला उद्यमिता, स्टार्टअप और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच के विस्तार की तस्वीर पेश करती है। सरकारी खरीद में स्थानीय कारोबारियों की बढ़ती मौजूदगी से प्रदेश की उद्यमिता और MSME क्षेत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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