वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का लोकार्पण, राजनाथ सिंह और योगी ने किया नमन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का किया लोकार्पण राजनाथ सिंह बोले- प्रतिमा सिर्फ स्मारक नहीं, आने वाली पीढ़ियों को वीरता और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने का माध्यम

लखनऊ। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में जिला लोधी क्षत्रिय राजपूत सभा के तत्वावधान में अमर शहीद वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का लोकार्पण किया। दोनों नेताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वीरांगना अवंतीबाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का लोकार्पण केवल एक प्रतिमा की स्थापना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली इतिहास, वीरता और राष्ट्रभक्ति से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन मातृभूमि के प्रति समर्पण, अदम्य साहस, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है। उनका जीवन हम सभी को संदेश देता है कि अन्याय के सामने कभी नहीं झुकना चाहिए और किसी भी कीमत पर आत्मसम्मान से समझौता नहीं करना चाहिए।

1857 के संग्राम में दिखाया अदम्य साहस

रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ जिस साहस के साथ संघर्ष किया, वह भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपने राज्य की बागडोर संभाली और अंग्रेजों के सामने झुकने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना।

उन्होंने आसपास के राजाओं और जमींदारों को भी अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ संघर्ष के लिए प्रेरित किया। खैरी के युद्ध में उन्होंने किसानों और आम लोगों से तैयार सेना के साथ अंग्रेज अधिकारी वडिंग्टन को पराजित कर अपने असाधारण सैन्य नेतृत्व का परिचय दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने आत्मसमर्पण स्वीकार नहीं किया और उनका बलिदान भारतीय इतिहास में स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।

भारत की वीरांगनाओं ने हर युग में सिद्ध की क्षमता

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की वीरांगनाओं ने रणभूमि में अपने शौर्य का प्रदर्शन करने के साथ-साथ शासन और सुशासन के नए कीर्तिमान भी स्थापित किए हैं। भारत की महिलाओं ने प्रत्येक युग में अपनी क्षमता सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं सेना, पुलिस, विज्ञान, खेल, शिक्षा और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। सरकार महिलाओं को अधिकार, अवसर, सुरक्षा और सम्मान उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सैनिक स्कूलों के दरवाजे बेटियों के लिए खोले गए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहल महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मुख्यमंत्री योगी बोले- मातृशक्ति के साहस और नेतृत्व का प्रतीक हैं अवंतीबाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन, शौर्य और बलिदान भारत की मातृशक्ति के अदम्य साहस, स्वाभिमान और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मात्र 26 वर्ष की आयु में वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने देश की स्वतंत्रता के लिए जिस साहस और वीरता का परिचय दिया, वह भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी का आंदोलन किसी एक व्यक्ति, राजनीतिक दल या क्षेत्र का आंदोलन नहीं था, बल्कि यह पूरे भारत की सामूहिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता की प्रबल आकांक्षा का परिणाम था। उन्होंने कहा कि मंगल पांडे, महारानी लक्ष्मीबाई, धन सिंह गुर्जर और वीरांगना अवंतीबाई लोधी जैसे महान योद्धाओं ने अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ संघर्ष कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।

मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा और स्वावलंबन पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ मिशन शक्ति अभियान महिला सुरक्षा, महिला सम्मान, महिला स्वाभिमान और महिला स्वावलंबन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जब बेटी को सुरक्षा, सम्मान, अवसर और संसाधन मिलते हैं तो वह अपनी प्रतिभा और ऊर्जा से विकास की नई गति तैयार करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के अवसर भी उपलब्ध कराए हैं।

यूपी में तीन महिला पीएसी बटालियन

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सुरक्षा बलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि जिन 54 पीएसी कंपनियों को पूर्व में समाप्त अथवा कमजोर करने का प्रयास किया गया था, उन्हें वर्तमान सरकार ने पुनर्गठित किया। प्रदेश में तीन महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं। इनमें एक लखनऊ, दूसरी गोरखपुर और तीसरी बदायूं में स्थापित की गई है।

उन्होंने बताया कि बदायूं में महिला पीएसी बटालियन के भवन का निर्माण अंतिम चरण में है और वहां वीरांगना अवंतीबाई लोधी की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। यह महिला बटालियन वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर समर्पित होगी। लखनऊ की महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी और गोरखपुर की महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना झलकारीबाई के नाम पर रखा गया है।

छात्राओं को स्कूटी और वरिष्ठ महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बेटियों को शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। स्नातक अंतिम वर्ष की छात्राओं को महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी उपलब्ध कराने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू की गई है। यह निर्णय वरिष्ठ महिलाओं के सम्मान और सुविधा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुष किसी जाति, वर्ग, दल या क्षेत्र की सीमाओं में बंधे नहीं होते। उनका सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज को जाति और वर्ग के नाम पर बांटने की राजनीति देश को कमजोर करती है। स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों और महापुरुषों ने समाज को जोड़ने और राष्ट्र को मजबूत करने के लिए अपना बलिदान दिया था। मुख्यमंत्री ने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और जनता के धन के दुरुपयोग के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।

राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती रहेगी वीरांगना अवंतीबाई की प्रतिमा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन समाज को विभाजित नहीं बल्कि एकजुट करने की प्रेरणा देता है। समाज की एकता ही राष्ट्र की शक्ति है। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी, अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी और श्रद्धेय बाबूजी कल्याण सिंह जैसे महान व्यक्तित्वों ने समाज को जोड़ने और राष्ट्र को मजबूत करने का कार्य किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

कार्यक्रम को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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