प्रशिक्षण, पारदर्शिता और समन्वय से ग्रामीण विकास को नई दिशा:उपमुख्यमंत्री

ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए प्रशिक्षण, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाकर विकास कार्यों को गति देने और गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और गांवों में विकास एवं रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के उच्चाधिकारियो को निर्देश दिये है कि हैं, जिन मदो मे भुगतान किया जाना अवशेष हो तत्काल संबंधित को समय से भुगतान नियमानुसार कर दिए जाएं। उपलब्ध बजट का समय से व्यय किया जाना सुनिश्चित किया जाय, किसी भी दशा मे कोई धनराशि लैप्स नही होने देना है। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विकास कार्यों की गति बढ़ाई जाए।उन्होंने राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के अधिकारियो को निर्देश दिए कि वह प्रदेश स्तर व जिलो को मिलाकर कम से कम 1लाख प्रशिक्षणार्थियो को प्रतिमाह प्रशिक्षण देने कैपेसिटी (क्षमता )बनाएं व प्रशिक्षण का समयबद्ध कलेण्डर जारी करें। सभी प्रशिक्षणार्थियो की बायोमेट्रिक हाजिरी होनी चाहिए और प्रशिक्षण गुणवत्तायुक्त होना चाहिए.।नव स्वीकृत ट्रेनिंग सेन्टर्स के भवन समय से बनवाये जांय, कही कोई समस्या आ रही हो तो सभी सम्बन्धित विभाग आपस मे समन्वय कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करे।

खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियो को निर्देश दिये कि गांवो मे और खासतौर पर समूहो की महिलाओ को खाद्य प्रसंस्करण यूनिट लगाने के लिए प्रेरित किया जाय और उन्हे फैसिलियेट किया जाय, इससे जहां लोगो को रोजगार मिलेगा वही किसानो के उत्पादो का उचित दाम भी मिलेगा। कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे रोजगार की अपार सम्भावनाये हैं।किसानो के उत्पाद को हमे बर्बाद नही होने देना है। कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे समूहो की दीदियो को यूनिट लगाने के लिए एक एस ओ पी तैयार की जाय। कहा कि मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना मे ट्रेनिंग दी जा रही है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग , आजीविका मिशन से समन्वय कर महिलाओ की ट्रेनिग का कलेण्डर तैयार करे।


ट्रेनिंग प्रोगाम मे जनप्रतिनिधियो की सहभागिता हेतु उन्हे आमत्रित किया जाय। गांवो मे महिलाओ व युवाओं को प्रेरित कर योजनाओं की विधिवत जानकारी देकर छोटी छोटी इकाइयां लगवायी जांय, इकाई लगाने मे उन्हे पूरी तरह सपोर्ट किया जाय। इसके लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन व खाद्य प्रसंस्करण विभाग अपने विभाग से एक – एक नोडल अधिकारी नामित करें। यह भी निर्देश दिये कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति- 23और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना मे जिन इकाइयो की सब्सिडी देय है, उन्हें नियमानुसार औपचारिकताये पूर्ण कराते हुये सब्सिडी रिलीज़ की जाय, सब्सिडी देने मे अनावश्यक विलम्ब कतई नही होना चाहिए।

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