इंडी गठबंधन को न संविधान की चिंता,न लोकतंत्र की मर्यादा का सम्मान:ब्रजेश पाठक

  • इंडी गठबंधन को न संविधान की चिंता, न लोकतंत्र की मर्यादा का सम्मान।
  • लोकतंत्र की आड़ में देश को गुमराह कर रहा इंडी गठबंधन, जनता इनके मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देगी।
  • कानपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ : अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, उप मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला।
  • कहा- संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को राजनीतिक स्वार्थ का हथियार न बनाए विपक्ष।

कानपुर/लखनऊ। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र की आड़ में देश की जनता को गुमराह करने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने की विपक्ष की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी। इंडी गठबंधन के पास न तो देश के विकास का कोई सकारात्मक एजेंडा है और न ही जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस विकल्प। यही कारण है कि यह गठबंधन झूठ, भ्रम, दुष्प्रचार और नकारात्मक राजनीति के सहारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। देश की जनता इनके राजनीतिक स्वार्थ और दोहरे चरित्र को पहचान चुकी है। जनता इनके हर झूठ और हर साजिश का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।


उप मुख्यमंत्री बुधवार को औद्योगिक नगरी कानपुर में भारतीय जनता पार्टी, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र द्वारा बृजेंद्र स्वरूप पार्क से मोती झील तक आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ : अराजकता हटाओ’ विशाल पदयात्रा में सम्मिलित होकर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री पाठक ने कहा कि आज कानपुर की सड़कों पर उमड़ा विशाल जनसमूह इस बात का स्पष्ट संदेश है कि जनता देश की एकता, अखंडता, विकास और सुशासन के साथ मजबूती से खड़ी है। यह पदयात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता और नकारात्मक राजनीति के विरुद्ध जनजागरण का सशक्त अभियान है। कानपुर की क्रांतिकारी धरती ने हमेशा अन्याय, शोषण और राष्ट्रविरोधी विचारों के विरुद्ध आवाज बुलंद की है। आज यहां उमड़ा जनसमर्थन उसी जागरूकता, राष्ट्रभक्ति और लोकतांत्रिक चेतना का परिचायक है।

जब चुनाव हारते हैं, लोकतंत्र पर सवाल उठाते हैं


उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के नेता जब चुनाव हारते हैं तो लोकतंत्र पर सवाल उठाते हैं और जब जनता उन्हें नकार देती है तो संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने लगते हैं। आखिर यह कैसी लोकतांत्रिक सोच है, जिसमें अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार संस्थाओं पर विश्वास किया जाता है और असुविधा होने पर उन्हीं संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाते हैं? लोकतंत्र में जनादेश सर्वोपरि होता है। जनता का निर्णय स्वीकार करना प्रत्येक राजनीतिक दल का संवैधानिक और नैतिक दायित्व है। राजनीतिक पराजय की खीझ को लोकतांत्रिक संस्थाओं के विरुद्ध अभियान में बदलना देशहित में नहीं है।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक व्यवस्था का गौरव रखता है। हमारा संविधान प्रत्येक नागरिक को अधिकार देता है, लोकतांत्रिक संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपता है और प्रत्येक राजनीतिक दल से संवैधानिक मर्यादाओं के पालन की अपेक्षा करता है। विपक्ष को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। सरकार की नीतियों का विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के नाम पर भ्रम फैलाना, जनता को बांटना और संस्थाओं की विश्वसनीयता पर अनावश्यक सवाल खड़े करना लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करने जैसा है। देश की जनता अब ऐसे राजनीतिक हथकंडों से प्रभावित होने वाली नहीं है।


उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास जब जनता के बीच जाने के लिए विकास का कोई मॉडल नहीं होता, तब वह नकारात्मक मुद्दों को उछालकर राजनीतिक वातावरण को दूषित करने का प्रयास करता है। जनता को गुमराह करना, समाज में विभाजन पैदा करना और हर सकारात्मक पहल का विरोध करना इंडी गठबंधन की राजनीति का आधार बन गया है। देश को आज ऐसी राजनीति की आवश्यकता नहीं है, जो समाज को बांटे, बल्कि ऐसी राजनीति चाहिए जो समाज को जोड़े, युवाओं को अवसर दे, गरीबों के जीवन में बदलाव लाए और भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने में योगदान करे।


उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। देश में गरीब कल्याण, महिला सशक्तीकरण, किसानों के हितों की रक्षा, युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार, आधुनिक आधारभूत संरचना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिली है। आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। प्रधानमंत्री ने देश की राजनीति में परिवारवाद, तुष्टीकरण और स्वार्थ की जगह सेवा, सुशासन और विकास को केंद्र में स्थापित किया है। यही कारण है कि जनता का विश्वास भाजपा और प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में लगातार मजबूत हुआ है।

विकास और सुशासन उत्तर प्रदेश की पहचान


उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में विकास और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है। कभी अपराध, अव्यवस्था और पिछड़ेपन के लिए चर्चा में रहने वाला उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक निवेश, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए पहचाना जा रहा है। प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। उत्तर प्रदेश अब देश के विकास का महत्वपूर्ण इंजन बनकर उभर रहा है।

सत्ता नहीं, राष्ट्र प्रथम


उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीति सत्ता प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। पार्टी का संगठन उसकी सबसे बड़ी ताकत है और समर्पित कार्यकर्ता उसकी वास्तविक पूंजी हैं। भाजपा ने हमेशा राष्ट्रहित को व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों से ऊपर रखा है। यही विचारधारा पार्टी को देश की जनता के बीच विशेष विश्वास और स्वीकार्यता प्रदान करती है।

कार्यकर्ताओं का किया आह्वान


उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष के दुष्प्रचार का जवाब केवल राजनीतिक नारों से नहीं, बल्कि तथ्यों, तर्कों और सरकार के कामकाज से दिया जाना चाहिए। प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के बीच जाए, केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाए और गरीब, वंचित तथा जरूरतमंद लोगों की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाए। संगठन की शक्ति और जनता के आशीर्वाद से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का यह अभियान निरंतर आगे बढ़ेगा।

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