- मुख्यमंत्री ने ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ पर उ0प्र0 कौशल विकास मिशन तथा आई0टी0आई0 से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं उद्यमिता से आत्मनिर्भर बने युवाओं का सम्मान किया।
- स्केल को स्किलिंग के साथ जोड़ कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा, प्रदेश के युवा देश के विकास में अपना योगदान दे रहे।
- देश व दुनिया में सबसे ज्यादा युवा वर्क फोर्स उ0प्र0 में, युवाओं की स्किलिंग हमारे लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण।
- युवाओं द्वारा स्थापित स्टार्टअप उन्हें जॉब सीकर के बजाए जॉब क्रिएटर के रूप में प्रस्तुत कर रहे, यह प्रधानमंत्री जी की विकसित व आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को पूरा करने का माध्यम।
- यूनेस्को ने वर्ष 2026 के विश्व युवा कौशल दिवस की थीम ‘साझा भविष्य के लिए कौशल’ निर्धारित की।
- भविष्य तभी साझा होता, जब अवसर साझा होते, अवसर तब साझा होते, जब उस प्रकार की सोच रखने वाली सरकार हो।
- लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण किया जा रहा, इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के युवा लखनऊ में रोजगार प्राप्त कर चुके।
- प्रदेश सरकार द्वारा 09 लाख से अधिक युवाओं को बिना भेदभाव व सिफारिश के सरकारी नौकरी दी गयी।
- प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयों के माध्यम से सवा तीन करोड़ युवा रोजगार से जुड़े।
- आज प्रदेश, देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्था के रूप स्थान बना चुका, राज्य की अर्थव्यवस्था देश में सबसे तेज गति से बढ़ रही।
- युवा अपने उज्ज्वल भविष्य के प्रति आश्वस्त, उसे विश्वास है कि डबल इंजन सरकार उसके भरोसे के साथ किसी को खिलवाड़ नहीं करने देगी।
- आई0टी0आई0 के माध्यम से पारम्परिक ट्रेडों के साथ-साथ न्यू एज टेक्नोलॉजीज़ की ट्रेडों में युवाओं को उच्च गुणवत्ता का औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा।
- प्रदेश के प्रत्येक जनपद में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर इण्डस्ट्रियल एण्ड एम्प्लॉयमेन्ट जोन स्थापित किया जाएगा।
- इस वर्ल्ड क्लास सेंटर में युवाओं की योग्यता व रुचि के अनुसार स्किलिंग कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि युवाओं की स्किलिंग हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। देश व दुनिया में काम की कमी नहीं है, स्किल्ड युवा आज की डिमाण्ड है। देश व दुनिया में सबसे ज्यादा युवा वर्क फोर्स उत्तर प्रदेश में है। यह प्रदेश की उपलब्धि है कि हम इस युवा शक्ति का उपयोग डेमोग्राफिक डिविडेण्ड के रूप में कर रहे हैं। स्केल को स्किलिंग के साथ जोड़ कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के युवा देश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। उनके द्वारा स्थापित स्टार्टअप उन्हें जॉब सीकर के बजाए जॉब क्रिएटर के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। यह प्रधानमंत्री जी की विकसित व आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को पूरा करने का माध्यम है।
आज यहां ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन तथा आई0टी0आई0 से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं उद्यमिता से आत्मनिर्भर बने युवाओं का मुख्यमंत्री सम्मान करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की पत्रिका ‘कौशलम’ का विमोचन किया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान सम्मानित युवाओं ने प्रदेश सरकार की रोजगारोन्मुख नीतियों के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनेस्को ने वर्ष 2026 के विश्व युवा कौशल दिवस की थीम ‘स्किल फॉर शेयर्ड फ्यूचर’ अर्थात ‘साझा भविष्य के लिए कौशल’ निर्धारित की है। भविष्य तभी साझा होता है, जब अवसर साझा होते हैं तथा अवसर तब साझा होते हैं, जब उस प्रकार की सोच रखने वाली सरकार हो। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश में पहली बार वर्ष 2014 में स्किल डेवलपमेन्ट से सम्बन्धित मंत्रालय गठित किया और राज्यों को स्किल डेवलपमेन्ट के लिए प्रेरित किया। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था लचर थी। कौशल विकास की कोई व्यवस्था नहीं थी। युवाओं को मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने के प्रयास नहीं किये जाते थे। शिक्षा से सम्बन्धित अभियान नदारद थे। असुरक्षा के वातावरण में न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी। युवाओं के सामने पहचान का संकट था। यदि किसी ने प्रयास कर कोई डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट प्राप्त कर भी लिया, तो उसे प्रदेश में काम नहीं मिल पाता था। सरकारी नौकरियों में भेदभाव होता था।
उत्तर प्रदेश प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा प्राप्त करने वाला प्रदेश है। यहां माँ गंगा, माँ यमुना, माँ सरयू, माँ गोमती सहित अन्य नदियों के आशीर्वाद से पर्याप्त जल संसाधन है। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, नैमिषारण्य, माँ विन्ध्यवासिनी धाम, माँ पाटेश्वरी धाम, माँ शाकुम्भरी धाम जैसे तीर्थ स्थल हैं। सबसे प्रतिभाशाली युवा तथा मेहनती अन्नदाता किसान उत्तर प्रदेश में हैं। इन सभी अनुकूल परिस्थितियों के बावजूद तत्कालीन सरकार की मानसिकता के कारण वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था। वर्ष 2017 के पश्चात राज्य के विकास के लिए अनेक क्रान्तिकारी कदम उठाए गये है। आज लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण किया जा रहा है। इसके माध्यम से आई0टी0आई0, इंजीनियरिंग तथा पॉलीटेक्निक आदि के डिग्री/डिप्लोमा प्राप्त विभिन्न जनपदों के युवा लखनऊ में रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। राज्य को जी0एस0टी0 की धनराशि प्राप्त हो रही है। यह कार्य करने की इच्छा शक्ति का परिणाम है।

भविष्य तभी साझा होता, जब अवसर साझा होता है:योगी
प्रदेश सरकार द्वारा 09 लाख से अधिक युवाओं को बिना भेदभाव व सिफारिश के सरकारी नौकरी दी गयी है। प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयां हैं। इन इकाइयों के माध्यम से सवा तीन करोड़ युवा रोजगार से जुड़े हैं। मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का ग्लास, मेरठ का स्पोर्ट्स गुड्स, लखनऊ का चिकनकारी, आजमगढ़ का ब्लैक पॉटरी तथा बनारस का साड़ी उद्योग अनेक युवाओं को रोजगार प्रदान कर रहा है।
वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय देश में बॉटम थ्री में चली गई थी। आज प्रदेश, देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्था के रूप स्थान बना चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था देश में सबसे तेज गति से बढ़ रही है। युवा अपने उज्ज्वल भविष्य के प्रति आश्वस्त है। उसे विश्वास है कि डबल इंजन सरकार उसके भरोसे के साथ किसी को खिलवाड़ नहीं करने देगी। प्रधानमंत्री जी के विजन को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश सरकार ने कौशल विकास अभियान को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने का काम किया है। आई0टी0आई0 के माध्यम से पारम्परिक ट्रेडों के साथ-साथ न्यू एज टेक्नोलॉजीज़ की ट्रेडों जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स, रोबोटिक्स, इण्टरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री-डी प्रिन्टिंग आदि में युवाओं को उच्च गुणवत्ता का औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह संस्थान लखनऊ, नोएडा तथा गाजियाबाद जैसे शहरों के साथ-साथ महोबा, चित्रकूट, सोनभद्र, बलिया तथा बहराइच जैसे शहरों में भी युवाओं को प्लेटफॉर्म प्रदान कर रहे हैं। रोजगार मेले लगाये जा रहे हैं। कैम्पस सेलेक्शन और कैरियर काउंसिलिंग के कार्यक्रम चल रहे हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाना प्रत्येक युवा का कर्तव्य है। जीवन में हताशा-निराशा के लिए कोई अवसर नहीं है। आज बरेली की बेटी राजरानी ने कहा कि वह अपने दम पर 27,000 रुपये प्रति माह कमाकर अपनी मां का उपचार करा रही है तथा अपने घर की व्यवस्था का संचालन भी कर रही हैं। यह स्वावलम्बन का उदाहरण है। हालांकि उसके पास आयुष्मान कार्ड है, लेकिन कार्ड की इस वर्ष की धनराशि खर्च हो चुकी है। राज्य सरकार उसकी मां का उपचार कराने में सहायता करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वावलम्बन के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है, क्योकि यह देश की सबसे बड़ी ताकत होती है, इस ताकत को बढ़ाने की दिशा में अभिनन्दनीय प्रयास हो रहे हैं। आज जो बड़े उद्यमी हैं। एक समय उन्होंने भी आपके समान ही एक सामान्य युवा के रूप में अपना जीवन आगे बढ़ाया होगा। धीरे-धीरे मेहनत करते हुए उन्होंने अपने कार्य का विस्तार किया, निर्णय लेने तथा अच्छा करने की सामर्थ्य विकसित की। आज वह बड़े उद्यमी के रूप में देश व दुनिया में मिसाल बने हैं। प्रदेश के युवाआें के सामने भी अनेक अवसर हैं। उन अवसरों का लाभ उठाकर आगे बढ़ना चाहिए।
श्रम एवं सेवायोजन, एम0एस0एम0ई0 तथा व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग मिलकर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर इण्डस्ट्रियल एण्ड एम्प्लॉयमेन्ट जोन स्थापित करेंगे। इस कार्य के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी गयी है। इस वर्ल्ड क्लास सेंटर में युवाओं की योग्यता व रुचि के अनुसार स्किलिंग कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। अन्य देशों में नौकरी प्राप्त करने के इच्छुक युवाओं को वहां की भाषा का प्रशिक्षण देते हुए स्किलिंग से जोड़ा जाएगा। ग्लोबल व राष्ट्रीय मार्केट की मैपिंग करते हुए कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। प्लम्बरिंग में भी अनेक अवसर हैं। हर घर नल योजना तथा प्रत्येक घर तक पी0एन0जी0 पाइप लाइन पहुंचाने में प्लम्बरां की आवश्यकता पड़ती है। अनेक युवा इसके माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत बनाते हुए युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स तथा डिजिटल क्षेत्र के अनुरूप तैयार करना होगा। यदि हम ऐसा करते हैं तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2029-30 तक 01 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने में सफलता अवश्य मिलेगी।
व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिल देव अग्रवाल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि युवाओं की स्किलिंग केवल उन्हें नौकरी दिलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश विकास के पथ पर निरन्तर अग्रसर है। विगत 09 वर्षों में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश ने प्रगति की अनेक गाथाएं लिखी हैं। हम डिजिटल इण्डिया, मेक इन इंडिया तथा स्किल इंडिया को लगातार आगे बढ़ाते हुए इण्डस्ट्री की डिमाण्ड के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं। विगत 09 वर्षों में 20 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है, जिनमें लगभग 12.5 लाख युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, मुकेश शर्मा, विधायक डॉ0 नीरज बोरा, सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ0 हरि ओम, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एम0के0 शनमुगा सुन्दरम, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 शशि भूषण लाल सुशील सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



