नर-नारायण सेवा में मानवता के श्रेष्ठतम दर्शन-राष्ट्रपति

जिन अस्पतालों में नर सेवा, नारायण सेवा की भावना प्रबल हो, वहां मानवता के श्रेष्ठतम रूप का दर्शन होता है। डिवाइन हार्ट फाउंडेशन के 27वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुईं महामहिम। यूपी में लोग मैं नहीं, हम बोलते यानी एक व्यक्ति भी खुद को समूह से जोड़ता है और यही भावना हमें भारतीय बनाती है। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को किया याद, बोलींः आपने देश को भारत रत्न दिया। योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का किया स्वागत। नर-नारायण सेवा में मानवता के श्रेष्ठतम दर्शन-राष्ट्रपति

लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जिन अस्पतालों में नर सेवा, नारायण सेवा की भावना प्रबल हो, वहां मानवता के श्रेष्ठतम रूप का दर्शन होता है। डिवाइन हार्ट हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर का ध्येय इसी पर आधारित है। मानवता की सेवा का यह भाव सराहनीय है। प्रसन्नता है कि यह अस्पताल मानवता की सेवा भावना से कार्य कर रहा है। उक्त बातें राष्ट्रपति ने सोमवार को लखनऊ के डिवाइन हार्ट फाउंडेशन के 27वें स्थापना दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहीं।

इलाज 100 का कर सकते, लेकिन जनजागरूकता से हजारों लाभान्वित होंगे

राष्ट्रपति ने हार्ट केयर के डॉक्टरों से अनुरोध किया कि समाज के जन-जन को स्वस्थ हृदय के बारे में जागरूक करें। एक अस्पताल में 100, 200 व 500 का इलाज करते हैं, लेकिन जनजागरूकता से हजारों को लाभान्वित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देशवासियों को कम दर पर अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगे और हम सभी मिलकर स्वस्थ व समृद्ध भारत का निर्माण करेंगे।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी का सोमवार को लखनऊ एयरपोर्ट पर स्वागत करती हुई माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार शाम लखनऊ एयरपोर्ट पहुंची। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आदि ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रपति उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (यूपीजीआईएस-2023) के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुरोध पर लखनऊ आई थीं।

लखनऊ ने देश को दिया ‘भारत रत्न’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि परम श्रद्धेय अटल जी का लखनऊ के लोगों से गहरा रिश्ता था। आपने प्रतिनिधि के रूप में जहां अटल जी को चुना, वहीं देश को अद्भुत प्रधानमंत्री व भारत रत्न दिया। वे हमारे लोकतंत्र और लखनऊ के अनमोल ध्येय थे।

यहां एक व्यक्ति भी खुद को समूह से जोड़कर देखता, यही भावना हमें भारतीय बनाती है

उन्होंने कहा कि आज वाराणसी की सुबह व अवध की शाम की तारीफ में बहुत कुछ लिखा जाता है। मैं सुबह वाराणसी और शाम को लखनऊ में हूं। यहां की तहजीब के किस्से बहुत लोकप्रिय हैं। मेरा जन्म स्थान ओडिशा है। हिंदी की गहरी जानकारी नहीं है, लेकिन गौर किया है कि यहां के लोग मैं कि जगह हम का इस्तेमाल करते हैं यानी एक व्यक्ति भी खुद को समूह से जोड़कर देखता है और यही भावना हमें भारतीय बनाती है। अलग धर्म, जाति, क्षेत्र राज्य व आस्था से जुड़े होने के बावजूद हमारी पहचान भारतीय ही है। इसके पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक आदि मौजूद रहे। फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. एके श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया। नर-नारायण सेवा में मानवता के श्रेष्ठतम दर्शन-राष्ट्रपति


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